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ज़िम्बाब्वे के लिए ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ विश्व कप तैयारियों का पहला पड़ाव

मेज़बान ऑस्ट्रेलिया सिकंदर रज़ा के फ़ॉर्म से सचेत रहेगा

दोनों टीमें आख़िरी बार वनडे में 2014 में भिड़ी थीं  •  AFP

दोनों टीमें आख़िरी बार वनडे में 2014 में भिड़ी थीं  •  AFP

टाउंसविल में अगले कुछ दिनों में ज़िम्बाब्वे के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है ऑस्ट्रेलिया को कम से कम एक बार परास्त करना। हालांकि अंतरिम कप्तान रेजिस चकाब्वा इसी देश में होने वाले टी20 विश्व कप और फिर एक साल बाद 50-ओवर के विश्व कप पर भी निशाना साधे बैठे हैं।
टी20 विश्व कप के क्वालिफ़ायर दौर में ज़िम्बाब्वे को ग्रुप बी में साथ मिलेगा वेस्टइंडीज़, आयरलैंड और स्कॉटलैंड का। अक्तूबर में होबार्ट की परिस्थितियां अगस्त के आख़िर में टाउंसविल से काफ़ी अलग होनी चाहिए। हालांकि यह ज़िम्बाब्वे का सात सालों में पहला ऑस्ट्रेलिया का दौरा है और ऐसे में कोई भी जानकारी और अनुभव अनमोल कही जा सकती है।
चकाब्वा ने पहले वनडे के पूर्व संध्या पर कहा, "यह एक बहुत बड़ा अवसर है। टीम में कई खिलाड़ी यहां पहली बार आए हैं और इसलिए वे यहां की परिस्थितियों से परिचित होना चाहेंगे। इससे कुछ हफ़्तों में टी20 विश्व कप में भी आसानी होगी।"
अगले साल के वनडे विश्व कप के लिए ज़िम्बाब्वे क्वालिफ़ायर का मेज़बान होगा। हालिया समय में बांग्लादेश को हराने और फिर भारत जैसे मज़बूत टीम के साथ आख़िरी मुक़ाबले में अच्छी प्रतिस्पर्धा देने के बाद टीम के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।
चकाब्वा ने कहा, "विश्व कप तक का रास्ता काफ़ी लंबा और कठिन है। हम निरंतर अपने वनडे गेम पर परिश्रम कर रहे हैं। इस दौरे समेत हमारा हालिया क्रिकेट इसी क्वालिफ़िकेशन के प्रति तैयारी रही है। हम हर मैच से कुछ ना कुछ सीख रहे हैं ताकि हम एक बेहतर टीम बनें। (भारत के विरुद्ध तीसरा वनडे) एक ऐसा मैच था जिससे हमें काफ़ी विश्वास मिला। हमने सीरीज़ से पहले यही बात की थी कि हमें मैच में संघर्ष करना है और बने रहना है। हम हारे ज़रूर लेकिन हमारा खेल उम्मीद के अनुसार लगभग सही था।"
ज़िम्बाब्वे की टीम दक्षिणी अफ़्रीका से आते हुए टाउंसविल गुरुवार रात को ही पहुंच पाई थी। विश्व का लगभग आधा रास्ता तय करने के बाद पहले वनडे से पूर्व उन्हें नए टाइम ज़ोन की आदत लगाने में थोड़ा समय ज़रूर लगेगा।
चकाब्वा ने मुस्कुराते हुए कहा, "कल होटल लौटते हुए कुछ खिलाड़ी बस में ही सो गए थे लेकिन कल तक हम तैयार होंगे। आजकल पेशेवर क्रिकेट का यही दस्तूर है। आपको एक या दो अभ्यास सत्रों में ही नए परिस्थितियों को समझ लेना पड़ता है।"
क्या ऐसे में ज़िम्बाब्वे ऑस्ट्रेलिया को निद्रा की अवस्था में पाकर चौंका सकता है? शायद नहीं, क्योंकि पैट कमिंस के अलावा यह ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सभी बड़े नामों को लेकर मैदान पर उतरेगा। हालांकि श्रीलंका दौरे के बाद कई खिलाड़ियों के लिए यह पहला क्रिकेट मैच है। ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टॉयनिस, ऐडम ज़ैम्पा और शॉन ऐबट द हंड्रेड का हिस्सा ज़रूर थे लेकिन उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कई दिनों से नहीं खेला है।
2018 में एक टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला के बाद दोनों टीमों की कोई भिड़ंत नहीं हुई है। इनके बीच 2014 में पिछले वनडे में ज़िम्बाब्वे विजयी रहा था। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के लिए वीडियो फ़ुटेज के ज़रिए तैयारी के सिवाय कोई उपाय नहीं था। उन्होंने सिकंदर रज़ा के हालिया फ़ॉर्म को भी ध्यान से देखा होगा।
कप्तान ऐरन फ़िंच ने कहा, "वह [रज़ा] ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं और पिछले 15 पारियों में उन्होंने कुछ अच्छे शतक भी जड़े हैं। शायद वह उनके मध्यक्रम की सबसे मज़बूत कड़ी हैं। वह निरंतरता के साथ रन बनाते आ रहे हैं और साथ ही किफ़ायती ऑफ़ स्पिन भी डालते हैं। लेकिन हमने भी अपनी योजनाएं बना लीं हैं। हम अपने स्पिन और पेस के संसाधनों पर भरोसा करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने बल्लेबाज़ी, स्पिन गेंदबाज़ी और तेज़ गेंदबाज़ी के गुटों में ख़ुद को बांटकर हर खिलाड़ी के मज़बूत पक्ष और कमज़ोर पक्ष पर चर्चा की है। मुझे पता है उनका शीर्ष क्रम काफ़ी बदल चुका है। वह किसी भी संयोजन के साथ आएं मुझे पता है हम तैयार होंगे।"

ऐंड्रयू मक्ग्लैशन ESPNcricinfo में डिप्टी एडिटर हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के प्रमुख देबायन सेन ने किया है