मैच (18)
आईपीएल (3)
ENG v PAK (W) (1)
County DIV1 (5)
County DIV2 (4)
Charlotte Edwards (3)
T20I Tri-Series (2)
ख़बरें

चेतन शर्मा फिर से बने बीसीसीआई के चयन समिति के अध्यक्ष

सलिल अंकोला, एसएस दास, सुब्रतो बनर्जी और एस शरथ इस समिति में शामिल अन्य सदस्य हैं

Combined pic - Chetan Sharma, SS Das, S Sharath

[बाएं से दाएं] चेतन शर्मा, एसएस दास और एस शरथ नई चयन समिति में शामिल हैं  •  ESPNcricinfo Ltd

चेतन शर्मा को बीसीसीआई की राष्ट्रीय पुरुष टीम की सीनियर चयन समिति का फिर से अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पिछली चयन समिति में भी चेतन इसी पद पर थे। पिछली चयन समिति को नवंबर में बर्ख़ास्त कर दिया था। नए चयन पैनल में शिव सुंदर दास, सलिल अंकोला, सुब्रतो बनर्जी और एस शरत को नियुक्त किया गया है। बीसीसीआई की अशोक मल्होत्रा, सुलक्षणा नाइक और जतिन परांजपे की क्रिकेट सलाहकार समिति ने इस पांच सदस्यीय पैनल को चुना। चेतन शर्मा को इस पैनल का अध्यक्ष चुना गया। इस चयन पैनल का सदस्य बनने के लिए "लगभग 600 आवेदन" आए थे।

इस नियुक्ति की इसलिए ज़रूरत पड़ी, क्योंकि टी20 विश्व कप के सेमीफ़ाइल में भारतीय पुरुष टीम के बाहर होने के बाद बीसीसीआई ने 18 नवंबर को पिछले चयन पैनल को बर्ख़ास्त कर दिया था।
हालांकि पैनल को भले ही बर्ख़ास्त कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने नए चयन पैनल के अनुपस्थिति में न्यूजीलैंड में सीमित ओवरों की सीरीज़, बांग्लादेश दौरा और फिर श्रीलंका के ख़िलाफ़ घर में चल रही सीमित ओवरों की सीरीज़ के लिए भारतीय पुरुष टीम का चयन करना जारी रखा।

यह समझा गया कि चेतन के नेतृत्व वाली पैनल को 2022 के अंत तक विस्तार दिया गया था और राष्ट्रीय टीम को चुनने के साथ-साथ साल के अंत तक रणजी ट्रॉफ़ी मैचों पर नज़र रखने का काम भी सौंपा गया था। फिर पिछले हफ़्ते, 2023 वनडे विश्व कप के रोडमैप पर चर्चा करन के लिए चेतन शर्मा बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग का हिस्सा बने, जिसमें मुख्य कोच राहुल द्रविड़, कप्तान रोहित शर्मा, एनसीए प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और बीसीआई के शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे। शायद यह बड़ा संकेत था कि भले अन्य को हटाया जा रहा लेकिन चेतन को रिप्लेस नहीं किया जा रहा।

चयन पैनल की अवधि आम तौर पर चार साल होती है, लेकिन उन्हें हर साल रिन्यू कराना पड़ता है।

सीएसी को 1 जनवरी को आवेदकों का साक्षात्कार करने, उम्मीदवारों की एक छोटी सूची तैयार करने और बसीसीआई को अपनी सिफ़ारिशें भेजने के लिए रखा गया था,जिसके आधार पर इस पांच सदस्यीय पैनल को बनाया गया है।