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मनीषी: मेरा सपना है रणजी ट्रॉफ़ी के इस सीज़न में 50 विकेट लेना

21 वर्षीय इस बाएं हाथ के स्पिनर ने अच्छी शुरुआत की है, लेकिन उनका लक्ष्य आगामी घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन करना है

आशीष पंत
29-Aug-2025 • 3 hrs ago
Manishi celebrates a wicket with teammates, North Zone vs East Zone, day 1, Bengaluru, August 28, 2025

दलीप ट्रॉफ़ी के पहले दिन ईस्ट ज़ोन के लिए मनीषी ने झटके तीन विकेट  •  PTI

2025-26 दलीप ट्रॉफ़ी का पहला दिन, हरी पिच और आसमान बादलों से घिरा हुआ। मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार शुरुआती एकादश में शामिल हैं।
जब ईस्ट ज़ोन के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीता और नॉर्थ ज़ोन के ख़िलाफ़ पहले गेंदबाजी कि फ़ैसला किया तो उन्होंने उम्मीद की होगी कि उनके तेज़ गेंदबाज शुरुआती नुक़सान पहुंचाएंगे। लेकिन झारखंड के एक कम जाने पहचाने बाएं हाथ के स्पिनर मनीषी ने शीर्ष क्रम को ध्वस्त करते हुए बेंगलुरु में स्थित BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में अपनी टीम को मैच में आगे रखा।
जब मनीषी 15वां ओवर फेंकने आए, तब तक नॉर्थ ज़ोन के सलामी बल्लेबाज़ अंकित कुमार और शुभम खजूरिया 84 गेंदों में 49 रन जोड़ चुके थे। लेकिन यह ठोस शुरुआत बिखरने ही वाली थी।
मनीषी की पहली गेंद राउंड-द-विकेट से लूपी और फ़ुल-रेंज वाली थी। अंकित ने स्वीप करने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके पास नहीं आई और वह LBW हो गए। कुछ ओवर बाद खजूरिया के लिए मनीषी ने स्किडी लेंथ गेंद डाली, जिसपर वह पूरी तरह से चकमा खा गए और LBW हो गए। हालांकि इसके बाद यश ढुल और आयुष बदोनी के बीच 67 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन मनीषी ने लंच से कुछ मिनट पहले ढुल को आउट करते हुए ख़तरनाक साझेदारी का अंत किया। इस बार भी मनीषी ने अपने फ़्लाइट और लूप में ढुल को फंसाते हुए तीसरा LBW अपने नाम किया।
नॉर्थ ज़ोन का स्कोर 49 रन पर 0 से 133 रन पर तीन विकेट हो गया था और 21 वर्षीय बाएं हाथ के इस स्पिनर ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि ये प्लान इस पिच पर पहली सुबह किसी ने नहीं किया था।
मनीषी ने पहले दिन का खेल ख़त्म होने के बाद ESPNcricinfo को बताया, "शुरुआत में हमारी सोच थी कि यह एक हरी विकेट है, इसलिए मुझे ज़्यादा सहयोगी गेंदबाज़ बनने के लिए कहा गया। आप जानते ही हैं, जब तेज़ गेंदबाज़ को आराम की ज़रूरत होती है, तो मैं आकर चार-पांच ओवर गेंदबाज़ी कर सकता हूं। लेकिन जब मुझे पहली ही गेंद पर विकेट मिल गया, तो मैं थोड़ा और आक्रामक हो सका।"
"मैंने देखा कि मेरी तेज़ गेंदें बल्ले पर अच्छी तरह आ रही थीं। मैं बस अपनी गति में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा था ताकि बल्लेबाज़ का फ़ुटवर्क एक जैसा न रहे। यश ढुल ने भी मेरी गेंद पर दो छक्के लगाए, लेकिन मैंने यह सुनिश्चित किया कि मैं अपनी लेंथ से न भटकूं, और मुझे विकेट मिल गए।"
मनीषी अपना नौवां प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे हैं। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और झारखंड के जमशेदपुर में पले-बढ़े हैं, जहां उन्होंने विभिन्न कोचिंग अकादमियों में क्रिकेट के गुर सीखे और शुरुआत में बतौर बल्लेबाज़ खेला। हालांकि, डैनियल वेटोरी, रंगना हेराथ और रवींद्र जडेजा के वीडियो देखकर उन्हें बाएं हाथ की स्पिन की कला में रुचि पैदा हुई। उनका एक्शन क्लासिक है, बिल्कुल हेराथ की शैली वाला, जिनके वे बहुत प्रशंसक हैं। मनीषी अपनी गेंद की गति को सहजता से नियंत्रित करते हैं और मिस्ट्री के बजाय गति में बदलाव और विविधता पर भरोसा करते हैं।
इसी ड्रिफ़्ट ने मनीषी को पहला बड़ा पल दिलाया था, जब नवंबर 2024 में झारखंड रणजी ट्रॉफ़ी में सौराष्ट्र के ख़िलाफ़ खेल रहा था। और अपने पांचवें प्रथम श्रेणी मैच में ही उन्होंने चेतेश्वर पुजारा को फॉर्वर्ड शॉर्ट लेग पर बैट-पैड कैच आउट करा दिया था।
मनीषी ने उस पल को याद करते हुए कहा, "यह एक दिलचस्प कहानी है, मैंने पुजारा के पिछले दो मैच देखे थे और देखा कि वह हर बार शॉर्ट लेग पर जैब लगाकर आउट हो रहे थे। [रांची का] विकेट भी यहां के [बेंगलुरु का] विकेट जैसा ही था। जैसे ही पुजारा बल्लेबाज़ी करने आए थे, मैंने शरणदीप सिंह [मेरे झारखंड टीम के साथी] को शॉर्ट लेग पर तैयार रहने को कहा। मैंने पुजारा को जो पहली गेंद फेंकी, वह बैट-पैड से टकराकर शरणदीप के सिर के ऊपर से निकल गई। पुजारा ने फिर कवर्स के ऊपर से मुझे मारा। लेकिन फिर मैं थोड़ा वाइड एंगल पर चला गया और अंदरूनी किनारा लेकर शॉर्ट लेग के हाथों में कैच जा पहुंचा।"
मनीषी 20 साल के थे जब उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था, लेकिन झारखंड की टीम में सीनियर खिलाड़ी शाहबाज़ नदीम और अनुकूल रॉय के साथ, उन्हें अपना दूसरा मैच खेलने में लगभग दो साल लग गए। वह 2020 अंडर-19 विश्व कप में भी जगह बनाने के क़रीब पहुँच गए थे लेकिन असफल रहे।
नदीम के संन्यास लेने के बाद मनीषी को मौक़ा मिला और वह 2024-25 रणजी ट्रॉफ़ी में झारखंड के दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने - 11 पारियों में 27.22 की औसत से 22 विकेट। इससे उन्हें दलीप ट्रॉफ़ी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम में जगह मिली, लेकिन उन्होंने अपने लिए और भी ऊंचे मानक तय किए हैं।
"अगर आप सिर्फ़ रणजी ट्रॉफ़ी खेलना चाहते हैं, तो यह एक अच्छा सीज़न है, लेकिन अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो यह बस एक ठीक-ठाक सीज़न है। आप हर्ष दुबे को ही देख लीजिए, उन्होंने पिछले सीज़न में 70 [69] विकेट लिए थे। इसी वजह से वह सुर्ख़ियों में आए, उन्हें IPL कॉन्ट्रैक्ट भी मिला, इंडिया ए के लिए खेला और चर्चा में आ गए। मेरा अगला लक्ष्य एक बेहतरीन रणजी सीज़न है जहां मैं 40-50 विकेट ले सकूं। इससे मेरे पोर्टफ़ोलियो में और इज़ाफ़ा होगा। मेरा दूसरा लक्ष्य बल्ले से भी योगदान देना है। मैंने पिछले सीज़न में कुछ रन बनाए थे, लेकिन मैं इस बार उसमें सुधार करना चाहता हूं, इस सीज़न में 250 रन बनाना चाहता हूं।"
मनीषी, बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़
मनीषी ने दलीप ट्रॉफी में अपने पहले दिन 19 ओवर में 90 रन देकर 3 विकेट लिए, जिससे नॉर्थ ज़ोन ने पहला दिन 308/6 रन पर समाप्त किया। हालांकि, मनीषी बताते हैं कि उनकी नज़र फ़िलहाल अपने पहले पांच विकेट हॉल पर नहीं है।
"मैं बस सटीक गेंदबाजी करने की कोशिश करूंगा और अगर कोई चूक जाता है, तो मेरे पास दो या तीन विकेट लेने का मौक़ा होगा। और अगर सात या आठ विकेट गिर जाते हैं, तो मुझे अर्शदीप [सिंह] या हर्षित राणा को गेंदबाजी करने का मौक़ा भी मिल सकता है, देखते हैं।"

आशीष पंत ESPNcricinfo में सब-एडिटर हैं।