लगभग 10 हफ़्ते तक पसली की चोट के कारण मैदान से बाहर रहने के बाद
कगिसो रबाडा ने SA20 में वापसी की और भारत एवं श्रीलंका में होने वाले
T20 विश्व कप के लिए
साउथ अफ़्रीका की टीम में भी उनकी वापसी हुई है। SA20 में MI कैपटाउन के लिए वापसी करते हुए रबाडा ने 48 रन देकर 2 विकेट लिए थे और उनके साथ टीम में पांच और तेज़ गेंदबाज़ों को टीम में शामिल किया गया है, जिसमें अनरिख़ नॉर्ख़िए, मार्को यानसन, कॉर्बिन बॉश, लुंगी एन्गिडी और 19 वर्षीय वेना मफ़ाका शामिल हैं।
मफ़ाका और बॉश उन सात खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो पहली बार विश्व कप में खेलेंगे। इन दोनों के अलावा बल्लेबाज़ों में डेवाल्ड ब्रेविस, टोनी डीज़ॉर्ज़ी और जेसन स्मिथ एवं ऑलराउंडर में जॉर्ज लिंडे और डॉनोवन फ़रेरा शामिल हैं।
साउथ अफ़्रीका की कप्तानी एडन मारक्रम के पास ही रहेगी और 2024 की T20 विश्व कप में से सिर्फ़ सात सदस्य इस बार की टीम में शामिल हैं। क़्विंटन डी कॉक की वापसी हुई है और इसके अलावा जून 2024 में भारत के ख़िलाफ़ बारबाडोस के फ़ाइनल में हारने वाली टीम से डेविड मिलर, केशव महाराज, यानसन और नॉर्ख़िए टीम में हैं।
जो उस टीम से इस बार शामिल नहीं हैं, उसमें हाइनरिक क्लासन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं और रीज़ा हेंड्रिक्स, ट्रिस्टन स्टब्स, ऑटनील बार्टमैन, जेराल्ड कोएत्ज़ी, ब्योर्न फ़ोर्टेन और तबरेज़ शम्सी को नहीं चुना गया है।
चयन संयोजक पैट्रिक मोरोने ने कहा, "हमें कुछ कड़े फ़ैसले लेने पड़े लेकिन हमें लगता है कि हमने भारत और श्रीलंका में होने वाले टूर्नामेंट के लिए मज़बूत टीम चुनी है। हमने विश्व स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ बेस्ट युवाओं को भी टीम में रखा है।"
टीम में सबसे चौंकाने वाला नाम
टोनी डीज़ॉर्ज़ी का है, जो भारत के ख़िलाफ़ पिछले महीने रायपुर वनडे में चोटिल होने के बाद से खेले नहीं हैं। उस मैच से पहले वह बढ़िया फ़ॉर्म में रहे और भारतीय उपमहाद्वीप के परिस्थितियों के हिसाब से उनकी बल्लेबाज़ी काफ़ी सही है। SA20 में वह डरबन सुपर जायंट्स की टीम में शामिल हैं लेकिन इस सीज़न अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है।
उसी तरह, स्मिथ, जिन्होंने पांच अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, उनका नाम भी काफ़ी चौंकाने वाला है। CSAT20 चैलेंज में डॉल्फिंस की तरफ़ से उन्होंने 19 गेंदों में 68 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी और उन्हें फ़िनिशर स्मिथ के तौर पर पहचाना जाने लगा है। SA20 के पहले मैच में भी उन्होंने
MICT के लिए DSG के ख़िलाफ़ 14 गेंदों में 41 रनों की तेज़ पारी खेली थी। इसके अलावा वह एक गेंदबाज़ के तौर पर भी टीम में अपना योगदान दे सकते हैं।
स्पिन विभाग में साउथ अफ़्रीका के पास महाराज और लिंडे के तौर पर दो बाएं हाथ के स्पिनर हैं और उसके अलावा मारक्रम एवं फ़रेरा ऑफ़ स्पिन का विकल्प देते हैं। बाएं हाथ के स्पिनर शम्सी का अंतरराष्ट्रीय करियर अब लगभग ख़त्म माना जा सकता है क्योंकि उन्हें केंद्रीय अनुबंध में जग़ह नहीं मिली है और हाल में ही उन्होंने क्रिकेट साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ NOC का एक केस जीता है।
पिछले साल जुलाई में ज़िम्मेदारी संभालने वाले साउथ अफ़्रीका के कोच शुकरी कॉनराड के लिए T20 विश्व कप पहला सफ़ेद गेंद टूर्नामेंट होगा। इसके अलावा उनके सपोर्ट स्टाफ़ में एश्वेल प्रिंस (बल्लेबाज़ी कोच), पीट बोथा (गेंदबाज़ी कोच) और क्रुगर वैन विक (फ़ील्डिंग कोच) के अलावा T20 कंसलटेंट के तौर पर एल्बी मोर्केल को भी शामिल किया गया है।
इस महीने SA20 में खेलने के बाद साउथ अफ़्रीका के खिलाड़ी विश्व कप से पहले वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ तीन T20 मैचों की घरेलू सीरीज़ में हिस्सा लेंगे। विश्व कप में साउथ अफ़्रीका का पहला मैच 9 फ़रवरी को कनाडा के ख़िलाफ़ होगा और उसके बाद ग्रुप स्टेज में उनका सामना अफ़ग़ानिस्तान, न्यूज़ीलैंड और UAE से होगा।
T20 विश्व कप के लिए साउथ अफ़्रीका का दल
एडन मारक्रम (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क़्विंटन डी कॉक, टोनी डीज़ॉर्ज़ी, डॉनोवन फ़रेरा, मार्को यानसन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, वेना मफ़ाका, डेविड मिलर, लुंगी एन्गिडी, अनरिख़ नॉर्ख़िए, कगिसो रबाडा, जेसन स्मिथ