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सफ़ेद गेंद से लंबे समय तक मिल रही स्विंग को देखकर हैरान थे भुवनेश्वर कुमार

"मुझे हमेशा लगता था कि कम से कम एक मौक़ा मिलेगा। मैं जानता था कि मैं अपना 100% दूंगा।"

दो टी20 मैचों में भुवनेश्वर कुमार ने एक मेडन करते हुए चार विकेट लिए हैं  •  BCCI

दो टी20 मैचों में भुवनेश्वर कुमार ने एक मेडन करते हुए चार विकेट लिए हैं  •  BCCI

यह अज़ीब है कि इंग्लैंड में इस बार लाल ड्यूक गेंद टेस्ट क्रिकेट में कम स्विंग हो रही हैं और ज़ल्द मुलायम हो जा रही हैं, जबकि सफ़ेद कूकाबुरा गेंद केवल स्विंग ही नहीं हो रही हैं बल्कि आमतौर पर होने वाली स्विंग से ज़्यादा लंबे समय तक स्विंग हो रही हैं।
यह विचित्र है कि प्रतियोगिता का इतना अभिन्न अंग समरूप नहीं है, बल्कि यह भी अजीब है कि सार्वजनिक क्षेत्र में एक पेशेवर खेल के ऐसे अभिन्न अंग पर इतना कम शोध उपलब्ध है। इसके अभ्यासियों को उन्हें मिलने वाली गेंदों के बैच से भी अंदाज़ा नहीं होता।
भुवनेश्वर कुमार ने भारत को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त दिलाने के बाद कहा, "सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि क्यों गेंद स्विंग हो रही हैं, क्योंकि मैं यहां पर कई बार आकर खेला हूं और पिछली सीरीज़ों में मुझे इतनी स्विंग नहीं मिली।"
"तो हां, मैं भी हैरान था कि सफ़ेद गेंद स्विंग हो रही है और लंबे समय तक हो रही है ख़ासतौर पर टी20 प्रारूप में। और हां विकेट में भी अतिरिक्त बांउस है। तो हां जब भी गेंद स्विंग होती है तो आप अधिक आनंद लेते हो। लेकिन सच कहूं तो मुझे नहीं पता यह मैं स्विंग करा रहा हूं या यह परिस्थितियों की वजह से है या गेंद इसका कारण है लेकिन हां मैं खुश हूं कि गेंद स्विंग हो रही है।"
आश्चर्य नहीं कि भुवनेश्वर अभी खिलौनों की दुकान में एक बच्चे की तरह हैं। गेंद उनके लिए स्विंग कर रही है और लंबे समय तक स्विंग कर रही है। इस हिसाब से दो मैचों के बाद उनके गेंदबाज़ी आंकड़ें 6-1-25-4 हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह दिखावा करते हैं और इनस्विंग-आउटस्विंग-इनस्विंग-आउटस्विंग कराते हैं लेकिन ऐसे आपको विकेट नहीं मिलते हैं। और आज के क्रिकेट में बहुत कम लोग हैं जो भुवनेश्वर से बेहतर स्विंग गेंद का उपयोग करना जानते हैं।
भुवनेश्वर ने कहा, "यदि गेंद स्विंग होती है, जो मेरी ताकत है तो मैं आक्रमण की सोचता हूं। फ़्लैट विकेट पर बल्लेबाज़ आक्रमण करते हैं, वे अपने शॉट खेलते हैं, लेकिन पिछले दो मैचों में स्विंग मिली और मैंने आक्रमण किया है। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि आप खुद से आगे न बढ़ें। आपको एक इनस्विंगर, एक आउटस्विंगर, एक इनस्विंगर गेंदबाज़ी करने का मन करता है, लेकिन उस ललक को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। लगातार गेंदबाज़ी करें और बल्लेबाज़ को सेटअप करें।"
टी20 क्रिकेट में भी आप जाहिर तौर पर ऐसा कर सकते हैं। पहले टी20 अंतर्राष्ट्रीय में नॉन-स्ट्राइकर जॉस बटलर ने उन्हें जेसन रॉय को सीधे चार आउटस्विंगर फेंकते हुए देखा। उनमें से आख़िरी पर रॉय को सिंगल दिया। इसने बटलर को स्ट्राइक पर ला दिया। बटलर की पहली गेंद एक बड़ी इनस्विंगर थी, जिसने उन्हें खोल कर रख दिया। दूसरे विकेट में उन्हें एक सेट-अप की आवश्यकता नहीं थी। एक स्लिप के साथ शुरुआत करते हुए उन्होंने और ऊपर की ओर सही आउटस्विंगर फेंकी और रॉय का विकेट लिया।
जब बटलर और डाविड मलान ने आगे चलकर उनकी स्विंग को काटने का काम किया तो भुवनेश्वर को विकेटकीपर को आगे लाने में कोई हिचकिचाहट नहीं रही और सीरीज़ में दूसरी बार भुवनेश्वर ने बटलर का विकेट लिया।
इतनी अच्छी गेंदबाज़ी करना एक दूर की बात थी जब लोग सोचते थे कि क्या भुवनेश्वर का समय ख़त्म हो चुका है, जब उन्होंने टी20 विश्व कप में संघर्ष किया था। उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए गए, प्रतिस्थापन आसानी से उपलब्ध दिख रहे थे, लेकिन जब भारत ने देखा कि वह पूरी तरह से फ़िट हो गए हैं, तो उनके पास भुवनेश्वर के पास जाने के अलावा कोई दूसरा विचार नहीं था। लेकिन क्या उन्होंने कभी खुद पर शक किया?
"चोट के बाद, आप जानते हो कि कैसे अच्छा करना है और कैसे वापसी करनी है। इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। मुझे हमेशा लगता था कि एक मौक़ा मुझे वापसी का जरूर मिलेगा। मैं जानता था कि मैं अपना 100% प्रतिशत दूंगा लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं थी कि परिणाम अच्छा ही जाएगा।"
"क्योंकि जब आप चोटिल हो जाते हो तो आप झुंझला जाते हो। आप निराश होते हो। यहां बात खुद पर पूरी तरह शक का नहीं है, लेकिन आप सही दिमाग़ पर नहीं रहते हो। मुझे मौक़ा मिला और मैंने अच्छा किया। हां जिस तरह से कप्तान और कोच ने मेरा साथ दिया यह अच्छा है। अगर वे मुझे समर्थन करते हैं तो मैं अच्छा कर रहा हूं, उन्हें भी अच्छा लगना चाहिए कि जिस खिलाड़ी का उन्होंने समर्थन किया वह अच्छा कर रहा है।"
गेंद जब स्विंग हो रही है तो यह भी एक आश्चर्य ही है कि कप्तान उनसे गेंद ले रहे हैं और उन्हें दोनों ही मैच में तीन ओवर दिए जाते हैं।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।