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क्या यह धवन के स्ट्राइक रेट के बारे में बात करने का सही समय है?

2016 से 2021 तक बेहतरीन फ़ॉर्म में रहे भारतीय सलामी बल्लेबाज़ का फ़ॉर्म इस साल कुछ ख़ास नहीं रहा है

क्राइस्टचर्च में खेले गए तीसरे वनडे मैच में शिखर धवन के खेल को देख कर ऐसा लग रहा था कि वह लगातार रन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पांचवीं गेंद पर ही धवन ने आगे निकल कर बल्ला चलाया और प्वाइंट के ऊपर से चौका लगाया। इसके बाद 11वीं गेंद पर उन्होंने लांग ऑन के ऊपर से सिक्सर भी लगाया। चार ओवर के बाद 36 वर्षीय धवन 16 गेंदों में 15 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि उनके 23 वर्षीय सलामी जोड़ीदार शुभमन गिल ने आठ गेंदों के बाद कोई रन नहीं बनाया था।
हालांकि धवन का यह प्रयास ज़्यादा देर तक जारी नहीं रहा। उन्होंने अपने पहले 20 गेंदों में सिर्फ़ 10 रन बनाया। जब पावरप्ले ख़त्म हुआ तो उनका स्ट्राइक रेट 70 का था। अंत में वह 45 गेंदों में 28 रन बनाकर आउट हो गए।
रोहित शर्मा के कप्तान रहते हुए अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में धवन भारतीय टीम के लिए पहली पसंद के ओपनर हैं। 2019 के विश्व कप के बाद धवन ने भारत के लिए सबसे ज़्यादा (34) वनडे खेले हैं। इस दौरान उनका प्रदर्शन काफ़ी हद तक बढ़िया भी रहा। हालांकि साल 2022 में उनके प्रदर्शन का स्तर कुछ ख़ास नहीं रहा। धवन की बल्लेबाज़ी अब थोड़ी धीमी हो गई है। साथ ही सफ़ेद गेंद की क्रिकेट जिस तरफ़ अग्रसित हो रहा है, धवन का अप्रोच उसके उल्टे दिशा में बढ़ रहा है।
साल 2016, 2017 और 2018 में धवन का स्ट्राइक रेट लगभग 101 था। वहीं उसके अगले तीन साल तक धवन का स्ट्राइक रेट 91 के आस-पास था। हालांकि 2022 में खेले गए 19 पारियों में उनका स्ट्राइक रेट 75.11 का हो गया है। 2008 के बाद से एक साल में किसी भी भारत के बल्लेबाज़ के लिए यह संख्या सबसे कम है। 2008 में रोहित ने 72.57 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। हालांकि 14 साल पहले वनडे क्रिकेट एक बेहद अलग खेल था।
इस साल धवन ने जिन परिस्थितियों में वनडे क्रिकेट खेला है, शायद वह उसके प्रति अनुकूलित नहीं हो पाए। साल 2022 में रोहित ने छह वनडे खेले और उसमें उनका स्ट्राइक रेट 107.54 का है। वहीं रोहित की अनुपस्थिति में ओपनिंग करने वाले शुभमन गिल का स्ट्राइक रेट 102.57 का है, जबकि नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करते हुए श्रेयस का स्ट्राइक रेट 97.64 का है।
इसका एक कारण यह हो सकता है कि धवन एंकर रोल में बल्लेबाज़ी करना चाह रहे थे। 2022 में खेले गए वनडे मैचों में अगर धवन और शुभमन के स्ट्राइक रेट को देखा जाए तो उसमें काफ़ी अंतर है। शुभमन पहले 10 ओवर में 89 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि इस दौरान धवन का स्ट्राइक रेट 68 का होता है।
हालिया वर्षों में इंग्लैंड की टीम ने वनडे क्रिकेट में एक नई और आक्रामक शैली के साथ बल्लेबाज़ी की है। उनके टीम प्लान के अनुसार उन्हें एंकर नहीं चाहिए। अगर कम से कम 200 गेंदों का सामना करने वाले खिलाड़ियों के स्ट्राइक रेट की सूची देखी जाए तो धवन 15 खिलाड़ियों की सूची में 12वें स्थान पर हैं।
ऐसा नहीं है कि धवन के स्ट्राइक रेट में गिरावट के कारण उनका औसत बढ़ गया है। जब वह 2020 और 2021 में 91 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे थे, तब उनका औसत 58 से ऊपर था, लेकिन इस साल उनका स्ट्राइक रेट गिरकर 75 हो गया है और औसत भी 40 का हो गया है।
कुछ समय पहले तक धवन सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज़ों में से एक थे। 2016 से 2021 तक की शानदार पांच साल की अवधि के दौरान वह बेहद सुसंगत और तेज़ थे। उनका 98 का ​​स्ट्राइक रेट सबसे बढ़िया स्ट्राइक रेट वाले दस बल्लेबाज़ों में शामिल था।
धवन की धीमी स्ट्राइक रेट का कारण जो भी हो लेकिन इस सप्ताह के अंत में उनकी स्ट्राइक रेट पर चर्चा तेज़ हो सकती है। वह तीन मैचों की एक और वनडे सीरीज़ के लिए बांग्लादेश जाने वाले हैं।

विशाल दीक्षित ESPNcricinfo के अस्सिटेंट एडिटर हैं।