स्विंग + सीम + बुमराह की लेंथ = खेलना नामुमकिन
एक और दिन बुमराह का जादुई स्पेल देखने को मिला जिसका न्यूज़ीलैंड और उसके बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था
देवरायण मुथु
26-Jan-2026 • 4 hrs ago
Jasprit Bumrah को गुवाहाटी में पहली गेंद पर ही मिली सफलता • Associated Press
टिम साइफ़र्ट असहाय थे। जसप्रीत बुमराह के पास वो सारी स्किल और विविधता है जो बल्लेबाज़ों को ऐसा महसूस करने पर मजबूर करती है, लेकिन वह कभी भी जादुई गेंद की खोज़ में नहीं जाते हैं।
जादू उनकी सादगी और चीज़ों को अमल में लाने के तरीक में है। बुमराह की जादू और गुवाहाटी की पिच की थोड़ी जादू एक साथ मिली जब तीसरे T20I में साइफ़र्ट का विकेट आया।
पावरप्ले का आख़िरी ओवर में बुमराह ने अपनी पहली गेंद एक ऐसी परफेक्ट लेंथ पर डाली जिसे न तो ड्राइव किया जा सकता था और न ही पुल और यही कारण है कि साइफ़र्ट जैसा 360 डिग्री का बल्लेबाज़ भी क्रीज़ में फंस गया। ओवर द विकेट से यह गेंद अंदर की ओर आ रही थी और स्विंग ने इसे और अंदर की ओर लाया। फुटवर्क की कमी के बावजूद साइफ़र्ट ने इनस्विंग को कवर करने की कोशिश की, लेकिन गेंद अचानक से पिच से उठी और उनके आफ़ स्टंप को उड़ा ले गई।
इसके ठीक सामने, अपनी लेज़र जैसी सटीकता और शानदार गेंदबाज़ी का लुत्फ़ उठाते हुए बुमराह दौड़ पड़े। लगभग उसी वक़्त, होस्ट ब्रॉडकास्टर ने एक ग्राफ़िक दिखाया, जिसमें बताया गया कि गेंद 0.3 डिग्री अंदर स्विंग हुई और 0.8 डिग्री सीम होकर बाहर निकली। स्विंग + सीम + बुमराह की लेंथ = खेलना नामुमकिन।
जब शुरुआत में हर्षित राणा और हार्दिक पंड्या ने नई गेंद को स्विंग कराने की कोशिश की तो उन्होंने काफ़ी फुलर गेंद डाली जिसे या तो ड्राइव कर दिया गया या सर्किल के ऊपर से हवा में चौके के लिए खेल दिया गया। बुमराह ने परिस्थितियों को इतनी अच्छी तरह पढ़ा कि उनकी पहली गेंद ही एकदम सही जगह गिरी। पावरप्ले में 36/3 होने के बाद से न्यूज़ीलैंड कभी वापसी नहीं कर पाया और भारत ने दो मैच शेष रहते ही सीरीज़ 3-0 से अपने नाम कर ली है।
प्लेयर ऑफ़ द मैच अवार्ड पाने के बाद पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में बुमराह ने कहा, "हार्दिक और हर्षित जब गेंदबाज़ी कर रहे थे तो मैं ध्यान से देख रहा था और समझने की कोशिश कर रहा था कि इस पिच पर क्या सबसे अच्छा विकल्प होगा। जाहिर तौर पर जब मैं आया तो गेंद थोड़ी पुरानी थी। आमतौर पर सफ़ेद गेंद बहुत देर तक स्विंग नहीं करती है तो यही मेरे लिए बेस्ट विकल्प था और मैंने वही करने की कोशिश की।"
बुमराह अपने सबसे बेहतरीन विकल्प से नहीं भटके, जो था अंतिम ओवरों तक गेंद को गुड लेंथ या उससे थोड़ा शॉर्ट ऑफ़ गुड लेंथ रखना। आख़िरी के ओवरों में उन्होंने अपनी जादुई तरकीबें आज़माना शुरू किया। ESPNcricinfo के आंकड़ों के मुताबिक़, उनकी 24 में से 16 गेंदें उसी गुड लेंथ पर या उससे थोड़ी शॉर्ट थीं। इससे उन्हें दो विकेट मिले, और इसके नतीजतन बने दबाव ने दूसरे छोर पर भी विकेट लेने के मौक़े बनाए।
Jasprit Bumrah ने तीन विकेट लेकर New Zealand को तोड़ दिया•BCCI
बस यूं ही, बुमराह ने मैच को 20 ओवर बनाम 16 ओवर का बना दिया। जब वरुण चक्रवर्ती अपनी पूरी लय में होते हैं, तो बुमराह और वरुण मिलकर मैच को 20 ओवर बनाम 12 ओवर का कर सकते हैं। हार्दिक और राणा की मौजूदगी, जो मैच के किसी भी चरण में गेंदबाज़ी कर सकते हैं, भारत को यह सहूलियत देती है कि वे बुमराह का इस्तेमाल वैसे करें जैसा वे चाहते हैं।
पिछले साल एशिया कप में, उन्होंने पावरप्ले में ही बुमराह के अधिकतर ओवर डलवा दिए थे, जब टीम मैनेजमेंट ने UAE में स्पिन के लिए मददगार हालातों में सिर्फ़ एक विशेषज्ञ तेज़ गेंदबाज़ को खिलाना सही समझा था। अब भारत के पास बुमराह को डेथ ओवरों के लिए बचाकर रखने का विकल्प है।
बुमराह ने कहा, "मैं खुश हूं [कोई भी भूमिका निभाने के लिए] जब तक मैं योगदान दे पा रहा हूं। तो अगर टीम चाहती है कि मैं नई गेंद से गेंदबाज़ी करूं, तो मुझे बेहद खुशी होगी। अगर वे चाहते हैं कि मैं अंत में गेंदबाज़ी करूं, तो मैं वह करने के लिए भी खुश हूं। मैंने एशिया कप में भी ऐसा किया था। वह मेरे लिए एक नई भूमिका थी। मैंने पहले कभी ऐसा ज्यादा नहीं किया था - [पावरप्ले में] तीन ओवर डालना। लेकिन एक टीम के रूप में, हमें परिस्थितियों के हिसाब से ढलना होता है। तो मैं भी तैयार हूं।"
भले ही भारत की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है और सबको हैरत में डाल रही है, लेकिन यह बुमराह की अगुवाई वाला गेंदबाज़ी आक्रमण ही है जो उन्हें लगातार दूसरा T20 विश्व कप ख़िताब दिला सकता है।
देवरायण मुथु ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं
