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बुमराह : मुझे ख़ुद पर रोक लगाने की ज़रूरत नहीं

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ फ़िलहाल ज़िम्मेदारी और अपेक्षा का भार नहीं लेना चाहते

Jasprit Bumrah catches a ball during fielding drill, Ireland vs India, Dublin, August 17, 2023

बुमराह ने कहा है कि गेंदबाज़ी करने के लिए उन्हें अपनी गति पर नियंत्रण करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है  •  Sportsfile via Getty Images

लगभग एक साल पहले इंग्लैंड में भारत की टेस्ट कप्तानी करने का मौक़ा मिलने के बाद जसप्रीत बुमराह अब आयरलैंड के विरुद्ध एक पूरे टी20आई सिरीज़ में भारतीय टीम की अगुवाई करने के लिए तैयार हैं।शुक्रवार को डबलिन में सीरीज़ के उद्घाटन मैच की पूर्व संध्या पर बुमराह पत्रकारों के सवाल लेते हुए आश्वस्त नज़र आए।

पीठ की चोट के चलते बुमराह क़रीब एक साल तक खेल से बाहर रहे, लेकिन उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के साथ बिताए समय को इन महीनों का एक सकारात्मक पहलू ठहराया। एक साल के बाद भारतीय टीम के साथ अपने पहले नेट सेशन पर बुमराह ने कहा, "मैं सामान्य तरीक़े से गेंदबाज़ी कर रहा हूं। ऐसा नहीं है कि मुझे गति पर नियंत्रण के साथ गेंदबाज़ी करनी पड़ी है। मैंने नेट्स में काफ़ी गेंदबाज़ी कर ली है। जब मैं रिहैब के बाद घर [अहमदाबाद] लौटा तो मैंने गुजरात [घरेलू क्रिकेट में उनकी प्रथम श्रेणी टीम] के साथ भी अभ्यास किया।"

उन्होंने कहा, "मैंने नेट्स के अलावा कुछ अभ्यास मैच भी खेले हैं। मुझे ख़ुद पर रोक लगाने की कोई ज़रूरत नहीं है। यहां [डबलिन में] मौसम भी इतना सुहाना है, आप को गेंदबाज़ी करने में और मज़ा आता है। मैं इन तीनों मैचों के लिए काफ़ी बेताब हूं।" पिछले एक महीने में एनसीए में बुमराह ने क्रमशः अपने कार्यभार में वृद्धि की है। इन में कई बार उनसे मैच की परिस्थितियों का अनुकरण करना या अभ्यास मैचों में अधिक गेंदबाज़ी करवाना भी अभ्यास का हिस्सा रहा है। हालांकि इस दौरे के बाद भारत टी20आई प्रारूप नहीं, बल्कि 50-ओवर क्रिकेट में एशिया कप और विश्व कप के रूप में दो बड़े टूर्नामेंट खेलेगा।

बुमराह ने कहा, "हमें पता था कि विश्व कप के बाद तक हमारे कार्यक्रम में ज़्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं है। ऐसे में मैं टी20 क्रिकेट नहीं, 50-ओवर क्रिकेट में 10 ओवर गेंदबाज़ी करने की ओर अभ्यास कर रहा था। मैं दिन में 10, 12 और 15 ओवर तक कर चुका हूं। इससे आप को अंदाज़ा लग जाता है कि सीमित मैच में आप क्या करना चाहते हैं। हमें इस बात की समझ थी कि हम तैयारी वनडे क्रिकेट के लिए कर रहे हैं लेकिन यहां हमें चार ओवर ही डालने हैं। अगर आप कम से ज़्यादा में जाते हैं तो थकान होने की संभावना रहती है। मैंने काफ़ी ओवर नेट्स में डाले हैं और अब थोड़ा गेम टाइम मिलने के बारे में उत्साहित हूं। आप जब क्रिकेट से दूर जाते हैं तो आप थोड़ा [मानसिक तौर पर] डाउन हो सकते हैं। लेकिन आप केवल मेहनत करते हुए गेम को एंजॉय कर सकते हैं।"

हालांकि ऐसा मानना बेमानी नहीं होगी कि विश्व कप तक पहुंचते ही बुमराह को ही भारतीय गेंदबाज़ी का प्रमुख हथियार माना जाएगा। ऐसे दबाव को वह कैसे झेलेंगे? यह पूछे जाने पर बुमराह ने कहा, "यह लोगों की व्यक्तिगत राय हो सकती है। अच्छी या बुरी, मैं इसे ज़्यादा गंभीरता से नहीं देखता। मैं ज़िम्मेदारी और अपेक्षा का भार अपने ऊपर नहीं डालना चाहता। मैं कभी इस गेम से इतनी देर तक बाहर नहीं रहा हूं। मैं बस गेम का मज़ा लेना चाहता हूं। मैं ज़्यादा अपेक्षा नहीं रख रहा या बहुत योजनाएं नहीं बना रहा। मुझे बस खेल का मज़ा लेना है। अगर और लोग मुझसे उम्मीद लगा बैठे हैं तो यह उनकी समस्या है।"

फ़िटनेस में लौटने तक इस लंबे सफ़र के दौरान उत्पन्न हुई निराशा पर पूछे जाने पर बुमराह ने कहा, "जब कोई इंजरी आप को ज़्यादा समय के लिए बाहर रखती है तो निराशा स्वाभाविक है। हालांकि ऐसे में आत्म संदेह के बजाय मैं बस यही सोचता रहा कि मैं कितनी जल्दी लौट सकता हूं। आप को अपने शरीर को ठीक होने के लिए पर्याप्त समय देना पड़ता है। मैं कभी बहुत ज़्यादा आगे की नहीं सोचता था। 10-11 साल में पहली बार गर्मियों में मैं घर पर था। मैंने इसे ऑफ़ सीज़न की तरह माना। मैंने परिवार के साथ समय बिताया। हां [क्रिकेट से] दूर रहने में थोड़ी निराशा थी, लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं था। मैं परिवार के साथ था और तब ख़ुश था। अब अभ्यास करने के बाद मैं टीम के साथ हूं और अब भी ख़ुश हूं।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo के सीनयिर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।