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एंडरसन vs भारत: ज़ुबानी जंग और विकेटों का इतिहास

भारत के ख़िलाफ़ जेम्स एंडरसन गेंद से तो आग उगलते ही हैं, ज़ुबानी जंग में भी वह माहिर हैं।

Virat Kohli and James Anderson have a chat in the middle, England vs India, 1st Test, Nottingham, 4th day, August 7, 2021

जेम्स एंडरसन और विराट कोहली के बीच हमेशा ही एक अलग प्रतियोगिता चलती रहती है।  •  PA Photos/Getty Images

जेम्स एंडरसन ने भारत के ख़िलाफ़ जितने विकेट लिए हैं, उतना उन्होंने किसी भी देश के ख़िलाफ़ हासिल नहीं किया। घर में खेलते हुए एंडरसन दो बार भारत के ख़िलाफ़ मैन ऑफ़ द सीरीज़ से तो नवाज़े ही गए हैं, साथ ही भारतीय सरज़मीं पर भी वह एक बार मैन ऑफ़ द मैच का ख़िताब अपने नाम कर चुके हैं। 2012-13 में भारत दौरे पर आए एंडरसन ने नागपुर टेस्ट में इस ख़िताब को अपने नाम किया था। तब इंग्लैंड 2-1 से टेस्ट सीरीज़ भी जीतने क़ामयाब रही थी। विकेटों के साथ-साथ एक और चीज़ है जिसमें एंडरसन भारत के ख़िलाफ़ ख़ूब आगे रहे हैं, और वह है ज़ुबानी जंग। अब 2021 में भी ये जंग जारी है, ताज़ा उदाहरण हाल ही में ख़त्म हुआ लॉर्ड्स टेस्ट है।
ट्रेंट ब्रिज 2014 में जाडेजा के साथ टनेल विवाद
2014 में खेले गए ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दूसरे दिन भारत के रवींद्र जाडेजा और एंडरसन लंच के बाद ड्रेसिंग रूम में लौट रहे थे और तभी दोनों के बीच कॉरिडोर में बहस शुरू हो गई। भारतीय टीम मैनेजमेंट का आरोप था कि शुरुआत एंडरसन ने की थी और उन्होंने जाडेजा को अपशब्द कहे थे और उन्हें धक्का दे दिया था।
इस बात की शिकायत अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को भी की गई थी, जिसके बाद एंडरसन को कोड ऑफ़ कंडक्ट के लेवल-3 का दोषी पाया गया था और उन्हें कम से कम दो मैचों के लिए निलंबित भी किया जा सकता था। लेकिन इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने अपनी सफ़ाई में तब ये कहा था कि एंडरसन ने नहीं बल्कि जाडेजा ने ही शुरुआत की थी और उनकी तरफ़ बढ़ भी रहे थे तब अपने बचाव में एंडरसन ने उन्हें बस धक्का दिया था।
इस घटना के बाद दोनों टीमों के बीच गहमागहमी बढ़ गई थी, एक तरफ़ भारत इस बात पर अड़ा हुआ था कि एंडरसन को सज़ा मिलनी चाहिए। जबकि इंग्लिश कप्तान एलेस्टेयर कुक का कहना था कि ये बस भारत की एक चाल है ताकि हमारे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ को निलंबित किया जा सके।
ये हमेशा होता रहता है, सच बोलूं तो ज़्यादातर हम इसका शिकार होते हैं। कई बार तो शुरुआत कोई और करता है और फिर उसके जवाब में हम कुछ कहते हैं तो हमपर ही जुर्माना लग जाता है। यहां अच्छा ये है कि जाडेजा ने कुछ किया नहीं, वरना ये बात और बढ़ जाती।
एम एस धोनी
ये भारत की एक चाल है, मैं आश्चर्यचकित हूं कि वे यहां तक पहुंच गए। मैं इससे भी हैरान हूं कि इस घटना को लेवल-3 का माना गया। मैं ईमानदारी से कहूं तो तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।
एलेस्टेयर कुक
चूंकि इस घटना का कोई वीडियो साक्ष्य नहीं मिला, तो इसे बस एक टीम के द्वारा दूसरे टीम पर लगाए गए आरोप की तरह माना गया और फिर आईसीसी ने जाडेजा पर लेवल-1 के तहत 50 फ़ीसदी मैच फ़ीस का जुर्माना लगाया है। इस बात से महेंद्र सिंह धोनी काफ़ी नाराज़ थे।
भारत को तब और भी झटका लगा जब आईसीसी ने जेम्स एंडरसन को दोषी नहीं पाया और उनपर किसी तरह कोई जुर्माना या निलंबन नहीं लगा। जबकि धोनी बार-बार कहते रहे कि मैंने ख़ुद सुना है कि एंडरसन ने जाडेजा को अपशब्द कहे थे और उन्हें धक्का भी दिया था। धोनी ने इस बात की शिकायत आईसीसी से भी की, जिसके बाद आईसीसी ने इसे स्वीकार भी किया। इस घटना की चर्चा सितंबर के आख़िरी तक होती रही और फिर एंडरसन ने भी स्काई स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में कहा कि वह उनके करियर का सबसे तनावपूर्ण पल था।
ये लगातार ही हो रहा था, कभी हम वकील से बात कर रहे थे तो कभी इस पर मीटिंग का दौर चल रहा था। मैं चाहता था कि ये चीज़ें ख़त्म हो और मैं क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर सकूं।
जेम्स एंडरसन
हमारे कप्तान के बारे में बात मत कीजिए, मुंबई 2016
जब भारत 2014 में इंग्लैंड दौरे पर गई थी तब एंडरसन ने विराट कोहली को आठ पारियों में चार बार अपना शिकार बनाया था। इसके बाद 2016 में जब इंग्लैंड भारत दौरे पर आई तो कोहली कप्तान थे। कोहली ने विशाखापट्टनम में शतक और अर्धशतक लगाया था इसके बाद मोहाली में भी अर्धशतक जड़ा और फिर मुंबई में दोहरा शतक लगाया। इंग्लैंड 0-3 होने के कगार पर था, लेकिन अभी तक सीरीज़ में एंडरसन ने कोहली को एक बार भी आउट नहीं किया था। इसी बात पर जब उनसे पूछा गया कि क्या कोहली 2014 वाली सीरीज़ से बेहतर हो गए हैं। तो इस बार एंडरसन ने तारीफ़ तो की लेकिन साथ ही साथ बोल गए कि वह खिलाड़ी तो अच्छे हैं लेकिन उनकी कमियां घर में छिप जाती हैं।
मुझे नहीं लगता कि उन्होंने ख़ुद को बेहतर किया है, मैं यही कहूंगा कि जो तकनीकी ख़ामियां हैं वह यहां नहीं नज़र आती। यहां की विकेट उनकी कमियों को ढक देती है, यहां की पिच में वह रफ़्तार नहीं है जो इंग्लैंड में हुआ करती है।
जेम्स एंडरसन
आर अश्विन मुंबई टेस्ट के पांचवें दिन अपने ग़ुस्से को नहीं रोक पाए और जब एंडरसन क्रीज़ पर आए तो वह उनके क़रीब चले गए थे, तब कोहली वहां आए और अश्विन को उलझने से रोका। लेकिन इस घटना पर इंग्लिश कप्तान एलेस्टेयर कुक ने कहा था कि ये दौरे का एक ख़राब अंत है।
बाउंसर की बौछार, लॉर्ड्स 2021
2021 लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन शाम में जब इंग्लैंड के नौ विकेट गिर चुके थे और उन्होंने मामूली बढ़त हासिल कर ली थी तो आक्रमण पर थे भारतीय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और सामने क्रीज़ में थे जेम्स एंडरसन। बुमराह ने एक के बाद एक बाउंसर एंडरसन के शरीर पर साधे, जिसमें से एक बाउंसर तो सीधे एंडरसन के हेल्मेट पर भी लगा। जबकि उनके दस्तानों और कंधों पर बुमराह ने कई बाउंसर की बौछार की थी। लेकिन एंडरसन को बुमराह के ये बाउंसर पसंद नहीं आए और जब खेल समाप्त हुआ तो उन्होंने बुमराह के ऊपर ज़ुबानों के तीर भी चलाए। अगले दिन भी ये तनावपूर्ण माहौल बना रहा, और जब कोहली बल्लेबाज़ी करने आए तो एंडरसन की कोहली के साथ भी बहस हुई। इतना ही नहीं जब आख़िरी दिन बुमराह बल्लेबाज़ी करने आए और उनके साथ मोहम्मद शमी थे तो एंडरसन के साथ साथ इंग्लैंड के दूसरे गेंदबाज़ भी बुमराह और शमी को बाउंसर डाल रहे थे। इतना ही नहीं बुमराह और शमी के साथ कई बार इंग्लिश खिलाड़ियों को बहस करते हुए भी देखा गया। इसके बाद जब इंग्लैंड की दूसरी पारी शुरू हुई तो बुमराह और शमी के साथ साथ सभी भारतीय गेंदबाज़ एक अलग जोश में नज़र में आए।
हालांकि बुमराह और शमी को इंग्लिश खिलाड़ियों ने क्या कहा था और क्या बहस हुई थी, ये तो नहीं पता चल पाया लेकिन खेल ख़त्म होने के बाद स्टंप माइक ने कोहली के कुछ नागवार शब्दों को ज़रूर क़ैद कर लिया। मैच के बाद कोहली ने ये भी कहा कि जिस तरह से बुमराह और शमी पर ज़ुबानी हमले किए गए थे, इसी का नतीजा था उन्होंने इतनी शानदार गेंदबाज़ी की और उन्हें जवाब दिया।
हमारी दूसरी पारी के अंत में जिस तरह से एक तनावपूर्ण माहौल बन गया था, उसने हमारी बहुत मदद की और यही हमें शानदार अंदाज़ में खेल ख़त्म करने के लिए प्रेरित कर गया।
विराट कोहली

अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन (@imsyedhussain) ने किया है।