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कोहनी में फ़्रैक्चर के कारण इस साल नहीं खेल पाएंगे जोफ़्रा आर्चर, लंबे समय के लिए हुए क्रिकेट से बाहर

चोट के कारण आर्चर भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़, टी20 विश्व कप और ऐशेज़ में हिस्सा नहीं लेंगे

Jofra Archer was conspicuous by his absence from Sussex's attack on the third day, Sussex vs Kent, LV= County Championship, 2nd day, Hove, May 14, 2021

पहली बार चोटिल होने के बाद से आर्चर ने केवल 20 अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबले खेले हैं  •  Getty Images

दाहिनी कोहनी में दोबारा फ़्रैक्चर होने के बाद जोफ़्रा आर्चर इस साल के बचे हुए सभी मैचों से बाहर हो गए हैं।
इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ आर्चर को साल की शुरुआत में कोहनी के दर्द के कारण भारत के दौरे से वापस लौटना पड़ा था। इसके बाद वह आईपीएल से भी बाहर हो गए थे। मई में कोहनी से एक हड्डी के टुकड़े को निकालने के लिए उनकी सर्जरी हुई थी।
हाल के हफ़्तों में अपनी काउंटी टीम ससेक्स के साथ गेंदबाज़ी के दौरान आर्चर को फिर से तकलीफ़ महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें आगे के स्कैन के लिए भेजा गया था। पता चला कि उनकी कोहनी में दोबारा से स्ट्रेस फ़्रैक्चर हुआ है। साल 2020 की शुरुआत में दक्षिण अफ़्रीका में पहली बार उनका यह स्ट्रेस फ़्रैक्चर सामने आया था। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) का कहना है कि आर्चर की सर्जरी का उनके स्ट्रेस फ़्रैक्चर से कोई लेना देना नहीं है।
इस चोट के बाद ईसीबी ने घोषणा की है कि आर्चर भारत के ख़िलाफ़ चल रही टेस्ट सीरीज़, टी20 विश्व कप या ऐशेज़ सीरीज़ में भाग नहीं ले पाएंगे।
पहली बार चोटिल होने के बाद से आर्चर ने सिर्फ छह टेस्ट, तीन वनडे और 11 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं। उनके करियर को लेकर भी अब सवालिया निशान उठाए जा रहे हैं। हालांकि 26 वर्ष की आयु में उनके पास वापसी करने के लिए पर्याप्त समय है लेकिन यह देखना होगा कि क्या इस तरह की चोटों से बचने के लिए वह ख़ुद को सफ़ेद गेंद की क्रिकेट तक सीमित रखने का फ़ैसला करते हैं या नहीं।
यह ख़बर इंग्लैंड की ऐशेज़ जीतने की उम्मीदों पर एक करारा झटका है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आर्चर, मार्क वुड और ऑली स्टोन सहित एक ऐसे तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण को लेकर जाने का फ़ैसला किया था जो कि पिच की गति और उछाल का फ़ायदा उठा सके। स्टोन भी इस समय पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ़्रैक्चर से उबर रहे हैं।
भविष्य में जो भी हो, इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास में आर्चर का स्थान पक्का है। 2019 विश्व कप में तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण का नेतृत्व करते हुए उन्होंने इंग्लैंड को पहली बार पुरुष क्रिकेट का विश्व विजेता बनवाने में मदद की थी। फ़ाइनल में सुपर ओवर डालने के बाद आर्चर ने ऐशेज़ सीरीज़ में भी अपनी घातक तेज़ गेंदबाज़ी से कई अहम स्पेल डाले थे।
उस समय ऐसा लग रहा था कि आर्चर इंग्लिश क्रिकेट की एक रोमांचक यात्रा पर निकल पड़े है। लेकिन इस ख़बर ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आख़िर आर्चर की गाड़ी में अब कितना ईंधन बाकी है?

जॉर्ज डोबेल ESPNcricinfo के सीनियर संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।