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न्यूज़ीलैंड : साहसिक टीम चयन, खिलाड़ियों की स्पष्ट भूमिका और बेहतरीन तैयारी

कुछ ऐसे बनाई न्यूज़ीलैंड ने फ़ाइनल में जगह

न्यूज़ीलैंड वर्तमान में विश्व टेस्ट चैंपियन है, लेकिन अधिकतर लोग उन्हें सेमीफ़ाइनल का भी दावेदार नहीं मान रहे थे। ऐसा इसलिए भी था क्योंकि उनके ग्रुप में भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान जैसी एशियाई टीम थी, जो कि बेहतरीन टी20 टीम के अलावा यूएई की परिस्थितियों के अनुकूल भी हैं। टूर्नामेंट के शुरु होने से ठीक पहले उन्होंने अपने प्रमुख टी20 गेंदबाज़ लॉकी फ़र्ग्यूसन को गंवा दिया। इसके अलावा उन्होंने टीम चयन में भी कई साहसिक फ़ैसले लिए, हालांकि जो उनके काम ही आए। चलिए, देखते हैं न्यूज़ीलैंड की अब तक की विश्व कप यात्रा-
साहसिक टीम चयन
टूर्नामेंट शुरु होने से पहले मार्टिन गप्टिल के साथ रॉस टेलर अपने देश के लिए सबसे अधिक टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाले कीवी खिलाड़ी थे। उन्होंने 2020-21 के घरेलू सीज़न की शुरुआत में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ भी खेला था। लेकिन थोड़े ही समय बाद डेवन कॉन्वे और ग्लेन फ़िलिप्स ने मध्य क्रम में जगह बना ली और उनका रास्ता मुश्किल हो गया। इस दौरान टेलर का टेस्ट और वन डे प्रदर्शन तो बेहतरीन रहा है लेकिन टी20 में अब वह पहले जैसे स्वीप या स्लॉग स्वीप नहीं लगा पाते हैं।
फ़िलिप्स और कॉन्वे ना सिर्फ बल्लेबाज़ हैं, बल्कि आलराउंड क्षमताएं भी रखते हैं। विकेटकीपर होने के बावजूद फ़िलिप्स बॉउंड्री पर भी एक बेहतरीन फ़ील्डर हैं, इसके अलावा ज़रूरत पड़ने पर वह ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ी भी कर लेते हैं। वहीं कॉन्वे ने इस विश्व कप के अधिकतर मैचों में कीपिंग की ज़िम्मेदारी संभाली है। हालांकि अब कॉन्वे भी चोटिल हैं और उनकी जगह फ़ाइनल के अहम मुक़ाबले में टिम साइफ़र्ट कीपिंग करेंगे।
कॉलिन मुनरो ने न्यूज़ीलैंड के लिए फ़रवरी, 2020 के बाद से कोई मैच नहीं खेला है। लेकिन वह लगातार बिग बैश लीग (बीबीएल), पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) और कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में मुनरो का स्ट्राइक रेट 156.44 है, जो कि विश्व क्रिकेट में कम से कम 150 गेंद खेलने वाले बल्लेबाज़ों में सर्वाधिक है।
न्यूज़ीलैंड के प्रमुख कोच गैरी स्टीड का मानना है कि वह अब चूंकि न्यूज़ीलैंड के लिए नियमित नहीं खेलते हैं, इसलिए उनको विश्व कप टीम में भी नहीं जोड़ा गया। इसके अलावा टीम के पास फ़िन ऐलन नाम का भी एक युवा विकल्प था, जिसका टी20 स्ट्राइक रेट 171.02 है। उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में 29 गेंदों पर 71 रन बनाकर डेब्यू सीरीज़ में ही धमाका कर दिया था।
इन सब विकल्पों के बावजूद न्यूज़ीलैंड ने अनुभवी मार्टिन गप्टिल और टिम साइफ़र्ट का विकल्प चुना। बाद में भी साइफ़र्ट की जगह डैरिल मिचेल ने ले ली।
टीम में भूमिका की स्पष्टता
आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का हिस्सा होने के कारण साइफ़र्ट टीम बबल में देरी से शामिल हुए, जिस कारण वह अभ्यास मैचों के लिए उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद वह चोटिल भी हो गए। इसलिए कप्तान केन विलियमसन और कोच स्टीड ने डैरिल मिचेल को फ़िनिशर की जगह ओपनर बना दिया। मिचेल सफल हुए, तो उनकी भूमिका को आगे भी जारी रखा गया।
टीम प्रबंधन ने मिचेल को पावरप्ले में खेलने की खुली छूट द और वह भी वरुण चक्रवर्ती और मुजीब उर रहमान जैसे मिस्ट्री स्पिनरों पर आक्रमण कर इस भरोसे पर कायम उतरे। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल मैच में उन्होंने धीमी शुरुआत की लेकिन बाद में मोमेंटम अपनी ओर करते हुए उन्होंने 47 गेंदों में 72 रन बनाए। जिमी नीशम ने भी 11 गेंदों पर 27 रन बनाकर अपनी फ़िनिशर की भूमिका साबित की।
2016 के पिछले टी20 विश्व कप में ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी दोनों ने एक भी मैच नहीं खेला था। लेकिन वह इस विश्व कप में टीम के लिए नई गेंद संभाल रहे हैं। वहीं ऐडम मिल्न पॉवरप्ले के बाद आते हैं। लेग स्पिनर ईश सोढ़ी विकेट के लिए जाते हैं, तो बाएं हाथ के स्पिनर मिचेल सैंटनर बल्लेबाज़ों को बांधे रखते हैं।
घरेलू क्रिकेट और टी20 लीग का प्रभाव
कॉन्वे के चोटिल हो जाने के बाद साइफ़र्ट इस टूर्नामेंट का अपना पहला मैच खेलेंगे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह तैयार नहीं है। साइफ़र्ट फ़िलहाल सीपीएल और आईपीएल खेल कर आ रहे हैं और उनके पास पर्याप्त मैच अभ्यास है।
वहीं फ़िलिप्स सीपीएल खेलने के बाद, द हंड्रेड और टी20 ब्लास्ट खेल कर आ रहे हैं। इस साल फ़िलिप्स ने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाए हैं। मिचेल सैंटनर को आईपीएल में चेन्नई की तरफ़ से खेलने का मौक़ा नहीं मिला, लेकिन इससे पहले वह सीपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर के आ रहे हैं।
तैयारी
न्यूज़ीलैंड के 16 खिलाड़ियों में से 10 खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा थे। वहीं मार्टिन गप्टिल, मार्क चैपमैन और डैरिल मिचेल जैसे खिलाड़ियों ने यूएई में पहले ही आकर बल्लेबाज़ी सलाहकार थिलन समरवीरा के साथ अभ्यास किया।
स्टीड ने यूएई का अनुभव बांटने के लिए आईपीएल के कोचों शेन बांड और स्टीफ़ेन फ़्लेमिंग को टीम से जोड़ा। हालांकि फ़्लेमिंग अभ्यास मैचों के लिए ही बस कीवी टीम से जुड़े थे।

देवरायण मुथु ESPNcricinfo के सब एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के दया सागर ने किया है