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ऐंडी फ़्लावर होंगे आईपीएल में लखनऊ टीम के प्रमुख कोच

ज़िम्बाब्वे के पूर्व कप्तान इससे पहले पंजाब किंग्स के सहायक कोच रह चुके हैं

Andy Flower is the new St Lucia Zouks head coach

2019 में ईसीबी के साथ क़रार ख़त्म करने के बाद ऐंडी फ़्लावर टी20 फ़्रेंचाइज़ी टीमों के साथ भी सफल रहे हैं  •  PA Images via Getty Images

ज़िम्बाब्वे के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ और कप्तान ऐंडी फ़्लावर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नई फ़्रेंचाइज़ी लखनऊ के प्रमुख कोच होंगे। फ़्लावर, लखनऊ फ़्रेंचाइज़ी की ओर से नियुक्त किए गए पहले सपोर्ट स्टाफ़ हैं। लखनऊ फ़्रेंचाइज़ी का स्वामित्व आरपी संजीव गोएनका ग्रुप (आरपीएसजी) के पास है जो भारत के दिग्गज व्यापारियों में शुमार हैं।
संजीव गोएनका ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को बताया कि फ़्लावर का क़रार काफ़ी लंबा रहेगा, हालांकि उन्होंने ये नहीं कहा कि ये कितने सालों का होगा। प्रेस विज्ञप्ति में गोएनका ने कहा है कि फ़्लावर का चयन उनके बतौर खिलाड़ी करियर और साथ ही साथ कोचिंग करियर के शानदार अनुभवों की वजह से हुआ है, जहां उन्होंने अपनी एक अलग छाप छोड़ी है।
फ़्लावर ने कहा कि वह इस चुनौती के लिए तैयार हैं और इस दौरान वह कुछ अच्छा और सफल करने की कोशिश करेंगे। लखनऊ फ़्रेंचाइज़ी उन दो नई टीमों में से एक है जो इस सीज़न आईपीएल में जुड़ी हैं, लखनऊ के अलावा दूसरी फ़्रेंचाइज़ी अहमदाबाद है।
हालांकि आईपीएल में फ़्लावर के लिए ये कोई नई चुनौती नहीं होगी। पंजाब किंग्स के साथ भी वह दो सत्रों के लिए बतौर सहायक कोच अपनी सेवा दे चुके हैं। 2020 आईपीएल से पहले उन्होंने पंजाब के साथ क़रार किया था। फ़्लावर का कोचिंग करियर किसी से छिपा नहीं है, हर फ़ॉर्मैट में वह कई टीमों को अपनी सेवा दे चुके हैं। वह तब इंग्लैंड के साथ ही थे जब इंग्लिश टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अपना वर्चस्व स्थापित करते हुए नंबर 1 की कुर्सी भी अपने नाम की थी। साथ ही साथ 2010 में वह पॉल कॉलिंगवुड की उस टीम के साथ भी जुड़े रहे थे जिसने 2010 वर्ल्ड टी20 जीतते हुए इंग्लैंड को पहली बार किसी आईसीसी ट्रॉफ़ी का चैंपियन बनाया था।
12 सालों तक इंग्लैंड के साथ अलग-अलग फ़ॉर्मैट में अपनी कोचिंग की सेवा देने वाले फ़्लावर ने 2019 में इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के साथ अपना क़रार ख़त्म किया था। इसके पीछे की वजह यही थी कि वह टी20 फ़्रेंचाइज़ी कोचिंग में हाथ आज़माना चाहते थे, जहां अब तक वह क़ामयाबी के झंडे गाड़ते गए हैं। वह मुल्तान सुल्तान्स के भी कोच रहे जिसने इसी मार्च में पहली बार पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का ख़िताब अपने नाम किया। उनकी कोचिंग के अंदर ही सेंट लूसिया लगातार दो साल से कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) के फ़ाइनल में पहुंचती आ रही है। हाल ही में फ़्लावर टी20 विश्वकप के दौरान अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम के भी कनसल्टेंट कोच थे।
फ़्लावर भले ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कई सालों से न खेल रहे हों लेकिन इसके बावजूद वह नए दौर के क्रिकेट में ख़ुद को ढाल चुके हैं। हाल ही में ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को दिए एक इंटरव्यू में फ़्लावर ने बताया था कि आज के दौर में आंकड़ों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन साथ ही साथ एक व्यक्ति को परखना और तराशना भी उनके कोचिंग का अहम हिस्सा है।
"जब मैं इंग्लैंड में था तो वहां क्रिकेट को एक अलग नज़रिए से खेला और देखा जाता था, एक कोच के तौर पर इससे मुझे अपनी भूमिका को और भी गहरे अंदाज़ में समझने को मिला। आंकड़ों की भूमिका बेहद अहम होती है लेकिन आपको ये भी नहीं भूलना चाहिए कि आप एक इंसान को सीखा रहे हैं या उसके साथ खेल रहे हैं। अपने कोचिंग करियर के दौरान जो मैंने सबसे अहम चीज़ सीखी वह ये है कि एक इंसान की देखरेख करना ज़्यादा मुश्किल है बनिस्बत एक खिलाड़ी को तराशना। एक कोच के लिए ये बहुत ज़रूरी चीज़ है क्योंकि उन्हें इससे अलग-अलग क़िस्म के इंसान को समझने और उनका ख़्याल रखने में मदद मिलती है।"
ऐंडी फ़्लावर, पूर्व कप्तान, ज़िम्बाब्वे

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo में न्यूज़ एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।