भारतीय महिला टीम के बल्लेबाज़ी कोच शिवसुंदर दास ने कहा है कि पावरप्ले में 60 रन के क़रीब पहुंचने से भारत वनडे में प्रतियोगी स्कोर खड़े करने में क़ामयाब होगा। साथ ही उन्होंने कप्तान मिताली राज की तरह भारतीय बल्लेबाज़ी में ठोस शुरुआत की ज़िम्मेदारी ओपनर्स स्मृति मांधना और शेफ़ाली वर्मा पर डालते हुए कहा कि स्मृति जैसी "विश्वस्तरीय" खिलाड़ी ऐसा कर सकती हैं।

पारी के सटीक प्रबंधन को लेकर दास ने कहा, "हम हर बल्लेबाज़ के लिए पारी को 10 ओवरों में विभाजित कर देना चाहते हैं। एक अच्छी शुरुआत ज़रूरी होगी, साथ ही अगले कुछ ओवरों में हम पांच रन प्रति ओवर की गति से खेलेंगे और फिर आख़िर में हर गेंद पर रन बनाने की कोशिश होगी। यही हमारा प्लान है।"

दास के अनुसार इस रणनीति को लागू करने के लिए नेट्स में कुछ प्रयोग किए गए हैं। उनका कहना है, "यह हर व्यक्ति पर निर्भर है कि वह कैसे इस रवैय्ये को अपनाएंगी। हमारे पास स्मृति और शेफ़ाली हैं तो हमें उम्मीद है हम 10 ओवर में 60-70 रन बटोर सकते हैं और फिर मिडिल ओवर के लिए भी गतिशीलता मिल जाएगी। आप यह कल के मुक़ाबले में देखेंगे।"

पिछले 10 वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत ने पहले 10 ओवरों में 50 का आंकड़ा सिर्फ़ दो ही बार पार किया है। तीन ऐसे भी मैच थे जहां 40 भी नहीं बन सके। मंगलवार को नौ विकेट की करारी शिकस्त के बाद कप्तान मिताली ने स्मृति से बेहतर शुरुआत की उम्मीद जताई थी।

दास ने कहा, "मेरी स्मृति के साथ अकेले में काफ़ी कुछ बातें हुई हैं और पिछले दो नेट सेशन में हमने बहुत परिश्रम किया है। उनकी गेम में सुधार लाने की चेष्टा हुई है और वह एक विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं जिनसे हम रनों की उम्मीद रखते हैं। कल के मैच में आप बदलाव देखेंगे।"

दास ने इस बात की भी पुष्टि की कि अंगूठे में चोट के चलते उपकप्तान हरमनप्रीत कौर दूसरे वनडे में भी टीम से बाहर रहेंगी। हरमनप्रीत की ग़ैरमौजूदगी में मध्यक्रम बल्लेबाज़ी में अनुभवहीनता नज़र ज़रूर आई लेकिन दास का मानना है कि बेहतर स्ट्राइक रोटेशन से भारत मेज़बान टीम पर दबाव बना सकता है। उन्होंने कहा, "हमें विकेटों के बीच अपनी दौड़ पर काम ज़रूर करना होगा। हमारे टीम के अधिकतर बल्लेबाज़ युवा हैं और हमें उन्हें इन परिस्थितियों को समझने के लिए थोड़ा समय देना होगा। जैसे-जैसे सीरीज़ आगे बढ़ेगी आप इनमें सुधार ज़रूर देख पाएंगे। जैसे यास्तिका भाटिया को मौक़ा मिला और उन्होंने अच्छी बल्लेबाज़ी की। यहां के विकेट बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल हैं और आप इनसे बेहतर बल्लेबाज़ी देखेंगे।"

भारतीय बल्लेबाज़ों को छोटी लंबाई की गेंदों से परेशानी हुई थी, ख़ासकर 18 वर्षीय डार्सी ब्राउन की, जिन्होंने शॉर्ट गेंदों पर ही शेफ़ाली और दीप्ति शर्मा को आउट करते हुए चार विकेट झटके। दास ने कहा, "डार्सी एक भिन्न गेंदबाज़ हैं क्योंकि वह बैक ऑफ़ द हैंड से शॉर्ट गेंद डालती हैं। हमने पिछले दो नेट सेशन में इसका अभ्यास करवाया हैं और फ़र्क़ आपको कल के मैच में ज़रूर दिखेगा।"

ऑन्नेशा घोष (@ghosh_annesha) ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo में सीनियर असिस्‍टेंट एडिटर और स्‍थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।