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टी20 विश्व कप के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा क्रिकेट साउथ अफ़्रीका

हालांकि बोर्ड के निदेशक एनॉक अंकवे ने कहा कि बोर्ड अतीत में अटका नहीं रहेगा

Temba Bavuma was castled for a run-a-ball 20, Netherlands vs South Africa, T20 World Cup, Adelaide, November 6, 2022

अंकवे को भरोसा है कि साउथ अफ़्रीका अगले वर्ष वनडे विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करेगा  •  AFP/Getty Images

ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ मिली शर्मनाक हार के कारण बाहर होने वाली राष्ट्रीय टीम के विश्व कप में प्रदर्शन की क्रिकेट साउथ अफ़्रीका समीक्षा करेगा। हालांकि इसके साथ ही वह खिलाड़ियों से इस निराशा से उबरने की अपील भी करेगा।
ऑस्ट्रेलिया से टीम की वतन वापसी के बाद क्रिकेट साउथ अफ़्रीका के निदेशक एनॉक अंकवे ने कहा, "जो कुछ भी हुआ उसकी समीक्षा होना आवश्यक है। हम इसकी समग्र समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समीक्षा समीति गठित करने की प्रक्रिया में हैं। लेकिन हमारा ध्यान अतीत में अटके न रहकर रिसेट बटन दबाने पर है। यह ज़रूरी है कि हम इस अध्याय को समाप्त कर आगे का रुख़ करें।"
अंकवे, जिन्होंने पिछले जुलाई में मार्क बाउचर के असिस्टेंट कोच के तौर पर काम करने के बाद क्रिकेट साउथ अफ़्रीका के निदेशक की ज़िम्मेदारी संभाली, उन्होंने साउथ अफ़्रीका के तीन टेस्ट मैचों के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए मालीबॉन्गवे मकेटा को अंतरिम कोच नियुक्त कर दिया है और इसके बाद जल्द ही बाउचर के पूर्णकालिक विकल्प की भी तलाश शुरु हो जाएगी। बाउचर ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस से जुड़ने के लिए अपनी इस भूमिका का अनुबंध सामप्त होने से एक वर्ष पहले ही किनारा कर लिया। दूसरी तरफ़ साउथ अफ़्रीका के मौजूद सेटअप में बदलाव की संभावना भी कम ही नज़र आ रही है क्योंकि सफ़ेद गेंदों के कप्तान तेम्बा बवूमा भी फ़िलहाल अपने भविष्य को लेकर कोई निर्णय लेने के मूड में नहीं हैं।
रविवार को मिली हार के बाद बवूमा ने कहा था कि वह भावनाओं में बहकर त्वरित रूप से कोई फ़ैसला नहीं लेंगे। हालांकि इसके तीन बाद स्वदेश पहुंचने पर उन्होंने कहा कि वह अभी भी चीज़ों को सही करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "निराशा और अविश्वास के तौर पर भावनाएं अभी भी मौजूद हैं। सब ठीक होने में मुझे कुछ दिन और लगेंगे।"
गुरुवार से घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत होने वाली है लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों के एक्शन में लौटने का निर्णय लेने से पहले उन्हें थोड़ा स्पेस दिया जाएगा। इनमें ज़्यादातर खिलाड़ी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज़ टेस्ट टीम का हिस्सा होंगे। ऑस्ट्रेलिया में इस टीम का प्रदर्शन यह निर्धारित करने में निर्णायक सिद्ध होगा कि वह जून में होने वाले टेस्ट चैंपियनशिप का फ़ाइनल खेलेंगे या नहीं? वह भी ऐसे समय में जब साउथ अफ़्रीका पर विश्व कप के लिए क्वालीफ़ायर खेलने का ख़तरा भी मंडरा रहा है क्योंकि वह इस समय 11वें स्थान पर हैं।
पिछले तीन वर्षों से साउथ अफ़्रीका क्रिकेट काफ़ी उतार-चढ़ाव से होकर गुज़रा है और अंकवे ख़ुद इसके साक्षी रहे हैं। वह 2019 के भारत के शर्मनाक दौर पर अंतरिम निदेशक थे। जिसके बाद उन्होंने दो वर्ष तक बाउचर के सहायक के तौर पर काम किया और टीम के कल्चर का हवाला देकर पद से इस्तीफ़ा भी दे दिया। अब उन्होंने क्रिकेट साउथ अफ़्रीका के निदेशक के तौर पर ग्रेम स्मिथ की जगह ली है। जिनके इस्तीफ़े के बाद मार्क बाउचर ने भी इस्तीफ़ा दे दिया था।
अंकवे इन घटनाक्रमों पर बात करते हुए कहा, "एक सिस्टम के तौर पर हमें बहुत कुछ से होकर गुज़रना पड़ा है। हम थोड़े बहुत संकट से गुज़रे हैं।"
जब अंकवे से यह पूछा गया कि क्या फ़ील्ड के बाहर के घटनाक्रमों से टीम के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ा? तब उन्होंने कहा कि वह इसे बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में इस टीम पर मुझे जिस बात का गर्व रहा है वह यही है कि उन्होंने मैदान पर जाकर जीतने के लिए भरपूर दम लगाया है। मैदान के बाहर से आ रही आवाज़ों को रोक पाने में क़ामयाब रहे हैं। हमने आख़िकार एक ऐसा बिंदु ख़ोज लिया है जहां हम ख़ुद को प्रतिस्पर्धा में बनाए रख सकते हैं। मुझे लगता है कि यह टीम इससे उबर पाने में सफल रही है।"
हालांकि उन्होंने यह बात स्वीकारी कि विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता। अंकवे ने कहा, "हम इसकी पूरी जवाबदेही लेते हैं। जब परिणाम ख़राब आंएगे तो निश्चित तौर पर एक संस्थान के तौर पर हमारे ऊपर सवाल खड़े किए जाएंगे। टीम जीत दर्ज करे या हारे, हम टीम का समर्थन करना नहीं छोड़ेंगे और ख़ुद से सवाल पूछते रहेंगे इससे अधिक हम और कर भी क्या सकते हैं।" इसके अलावा अंकवे ने बिना इस पचड़े में पड़े कि उन्होंने रीज़ा हेंड्रिक्स जैसे इनफ़ॉर्म खिलाड़ियों को बाहर रखने और आउट ऑफ़ फ़ॉर्म होने के बावजूद कगिसो रबाडा को टीम में बनाए रखने के लिए ज़ोर दिया, कहा, "मैं चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं होता, लेकिन आगे के लिए हम एक स्पष्ट नीति तैयार करेंगे। चूंकि अगले आठ वर्षों तक हर साल कोई न कोई आईसीसी इवेंट है, ऐसे में हमारा ज़ोर विश्व कप के लिए साउथ अफ़्रीका की पर्याप्त तैयारी को सुनिश्चित करने पर होगा।" साउथ अफ़्रीका ने अब तक एक भी विश्व कप नहीं जीता है, ऐसे में ज़ाहिर है कि किसी के पास भी इसका जवाब नहीं होगा। लेकिन अंकवे ने कहा कि वह इन सवालों के जवाब ढ़ूंढ़ने का प्रयास करेंगे। अंकवे ने कहा, "हम आंतरिक तौर पर क्रिकेट के लिए एक स्वस्थ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पर्दे के पीछे हम काफ़ी मेहनत कर रहे हैं ताकि हम अपनी टीम को नंबर एक के पायदान पर पहुंचा सकें और विश्व कप जीतते हुए देख सकें। हम एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां हम अंतर ला सकते हैं और हमारा ध्यान भी इसी ओर केंद्रीत रहेगा। एक संस्थान के तौर पर बदलाव लाने के लिए हमारे पास पर्याप्त मौक़े हैं, उम्मीद है कि अगले साल हम एक अलग स्थिति में होंगे जहां हम अपनी टीम को विश्व कप जीतता हुआ देख सकेंगे।"

फ़िरदौस मूंडा ESPNcricinfo की साउथ अफ़्रीकी संवाददाता हैं। अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के ए़डिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।