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तेज़ गेंदबाज़ों ने भारत को मैच में बनाए रखा

एक समय बड़ी बढ़त की तरफ बढ़ रहे इंग्लिश टीम को भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों ने दिखाई क्लास

शनिवार की दोपहर लॉर्ड्स के मैदान में धूप खिली थी और माहौल ख़ुशनुमा था। लेकिन यह माहौल सिर्फ इंग्लिश बल्लेबाज़ों और फैंस के लिए ही ख़ुशनुमा था, क्योंकि जो रूट का शानदार फ़ॉर्म, पहले सत्र में कोई विकेट नहीं और लगातार स्लो हो रही पिच भारतीय गेंदबाज़ों की सिरदर्दी को बढ़ा रहे थे।
इस दौरान लगातार यह भी सवाल उठ रहे थे कि क्या अश्विन को अंतिम एकादश से बाहर रखा जाना सही था? तीसरे दिन पहले सत्र के दौरान इंग्लैंड का रन रेट 3.46 था, जो कि दूसरे सत्र में बढ़कर चार से ऊपर तक चला गया। जहां पहले सत्र में 9 चौके लगे थे, वहीं दूसरे सत्र में इनकी संख्या 12 हो गई। भारत को लगा था कि नई गेंद लेने से उनके गेंदबाज़ों को कुछ फायदा होगा, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। वहीं दूसरी तरफ इंग्लिश बल्लेबाज़ बढ़त लेने की सोचने लगे।
इस दौरान फिर से यह सवाल उठने लगा कि क्या अश्विन को भारतीय प्लेइंग इलेवन जगह मिलनी चाहिए थी? धीमी होती पिच पर बुमराह ने पहले सत्र में शानदार गेंदबाज़ी की और कांटा बदलती अपनी गेंदों से रूट और बेयरस्टो को लगातार छकाया। उन्होंने इस स्पेल में 6-2-11-0 के आंकड़े पेश किए और बताया कि अगर पिच मदद ना करे तो भी अपने प्लान पर डटे रहकर बल्लेबाज़ों को परेशान किया जा सकता है।
जब बुमराह आगे की गेंदों से इंग्लिश बल्लेबाज़ों को परेशान कर रहे थे, तब मोहम्मद सिराज शॉर्ट गेंदबाज़ी की योजना के साथ दूसरे छोर से आए। लगातार धीमी होती पिच और 70 ओवर पुरानी गेंद से ऐसा करना आसान नहीं था, लेकिन शॉर्ट गेंदों से पहले सिराज ने दबाव बनाया और फिर बेयरस्टो का विकेट ले उड़े।
हालांकि इसके बाद आए बटलर ने भी रूट के साथ पारी की जिम्मेदारी फिर से संभाल ली। इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी नए गेंद से असफल रहें। शमी इस गेंदबाज़ी लाइन अप के सबसे कमजोर कड़ी लग रहे थे। उन्होंने लगातार दिशाहीन और कमजोर गेंदें फेंकी और दूसरे छोर से बन रहे दबाव को कम करने का काम किया। यह कप्तान विराट कोहली के लिए भी निराशाजनक था, जो लगातार अपने गेंदबाज़ों से छोटे-छोटे स्पेल कराने में व्यस्त थे।
यह मैच का बहुत महत्वपूर्ण मोड़ था। भारत के हाथ से ना सिर्फ दिन बल्कि मैच भी जाता हुआ दिख रहा था। इसी दौरान इशांत पवेलियन एंड से गेंदबाज़ी करने आए और एंगल बनाकर अंदर आती गेंदों से बटलर को परेशान करना शुरू किया। ट्रेंट ब्रिज में बटलर ऑफ़ स्टंप से अंदर आती गेंद को छोड़ने के चक्कर में बोल्ड हुए थे। इस बार इशांत शर्मा ने भी उनका ऑफ़ स्टंप उड़ाया। हालांकि इस बार बटलर ने गेंद को छोड़ा नहीं था, बल्कि ड्राइव करने के लिए गए थे। गेंद हल्का सा अंदर की ओर आई व बैट-पैड के बीच से गिल्लियों को बिखेर गई।
फ़िट ना होने के कारण इशांत पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे। इस दौरान अपनी फ़िटनेस पाने के लिए वह बहुत मेहनत कर रहे थे। ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चारों दिन (अंतिम दिन बारिश के कारण धुल गया था) भारतीय टीम के मेडिकल स्टाफ़ के साथ वह लगातार फ़िटनेस ड्रिल कर रहे थे। इस मैच में वह विकेटों के भूख के साथ उतरे थे।
चाय के बाद तो भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों ने डंडा उखाड़ दिया। इशांत शर्मा की एक बाहर निकलती लेंथ गेंद पर मोइन अली अपने बल्ले का बाहरी किनारा दे बैठे और गेंद दूसरे स्लिप में कप्तान कोहली के सुरक्षित हाथों में चली गई। इशांत इसके बाद इंग्लैंड में 50 विकेट पूरा करने से बस एक विकेट दूर थे।
इंग्लैंड पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने अपना सारा अनुभव झोक दिया। उनके साथ सिराज भी लगातार मौके बनाते रहे। सिराज ने एक ओवर में ही ऑली रॉबिंसन के विरूद्ध तीन बार पगबाधा की अपील की। तीनों बार सिराज को लगा कि गेंद लेग स्टंप को हिट करने जा रही है। इसलिए वह कप्तान कोहली से एकमात्र बचा रिव्यू लेने को कहते रहे। कोहली ने तीसरी बार रिव्यू भी लिया, लेकिन इस बार भी गेंद लेग स्टंप से बाहर ही जा रही थी। भारत के पास अब कोई रिव्यू नहीं बचा था।
लेकिन सिराज इससे निराश नहीं हुए। उन्होंने अगले ओवर में फिर से रॉबिन्सन के पैरों पर हिट किया। इस बार लेंथ थोड़ी फुलर थी। इस बार अंपायर माइकल गफ़ भी उंगली उठाने से नहीं चूके। अबकी बार इंग्लैंड ने डीआरएस लिया और रिव्यू गंवा बैठे। सिराज की य गेंद दिखाती है कि भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अब किसी भी देश और परिस्थितियों में अपना हौसला नहीं छोड़ते और अपने कौशल के दम पर लगातार विकेट लेने की कोशिश करते रहते हैं।
दिन के अपने अंतिम ओवर में बुमराह ने एंडरसन को बाउंसर और बीच-बीच में डाले गए यॉर्कर गेंदों से परेशान किया। एक बार गेंद एंडरसन के हेल्मेट पर भी लगी। हालांकि बुमराह, इंग्लैंड के आख़िरी बल्लेबाज़ को आउट नहीं कर सके। दिन के अंतिम गेंद पर शमी ने एंडरसन को बोल्ड कर इंग्लैंड की पारी का अंत कर दिया।
एक समय बड़ी बढ़त की तरफ बढ़ रही इंग्लैंड को भारतीय गेंदबाज़ों ने सिर्फ 27 रन के बढ़त पर ही रोक दिया। अब चौथे दिन मैच में बढ़त दिलाने की जिम्मेदारी भारतीय बल्लेबाज़ों पर होगी।

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo के ग्लोबल न्यूज़ एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo के दया सागर ने किया है