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सुपर ओवर में भारत ने कैसे रोका ऑस्ट्रेलिया का विजयी रथ

ऑस्ट्रेलिया ने अक्तूबर 2021 से कोई अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं हारा था

भारत की सलामी बल्लेबाज़ स्मृति मांधना दूसरे टी20 के अंतिम ओवरों के दौरान व्याकुल थीं। डीवाई पाटिल स्टेडियम के 47,000 दर्शकों में से अधिकतर ने अपनी आवाज़ खो दी थी। स्मृति ने दाएं हाथ की मध्यम तेज़ गेंदबाज़ ऐनाबेल सदरलैंड को निशाना बनाया और मिड ऑफ़ के ऊपर से छक्का जड़ा। हालांकि अगली ही गेंद को वह शॉर्ट फ़ाइन लेग के ऊपर से स्कूप करना चाहती थीं, लेकिन गेंद उनके बल्ले को छूकर विकेटों पर जा लगी।
पवेलियन लौटते समय उन्होंने नॉन-स्ट्राइकर ऋचा घोष से कहा, "(मैच) ख़त्म करके आना है।" उस समय ऋचा ने सिर्फ़ एक ही गेंद खेला था, लेकिन उन्होंने भी "हां दीदी" कहकर दृढ़ता से जवाब दिया।
डगआउट की ओर वापस लौटते वक़्त स्मृति निराशा में अपना सिर हिला रही थीं। जब वह आउट हुईं तो भारत को दूसरे टी20 में 21 गेंदों पर 40 रनों की ज़रूरत थी।
ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीम नहीं है, जिसे दूसरा मौक़ा दिया जाए। वे विपक्षी टीम के दिमाग़ से खेलकर मैच अपने नाम कर लेती हैं। उन्होंने अक्तूबर 2021 से कोई अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं हारा था। टी20 मुक़ाबलों में तो वे मार्च 2021 से अजेय थीं।
ऋचा ने उस समय तक ख़ाता नहीं खोला था। वह सिर्फ़ 19 साल की हैं और अपना सिर्फ़ 27वां अंतर्राष्ट्रीय टी20 मुक़ाबला खेल रही थीं। उन्होंने स्मृति के आउट होने के दो गेंद बाद ही गेंदबाज़ के सिर के ऊपर से छक्का मारा। यह इतना सीधा था कि आप इसे इंचपटरी से जांच सकते हैं। इसके बाद उन्होंने अगले ओवर में ऐश्ली गार्डनर को निशाना बनाते हुए दो छक्के जड़े।
हेदर ग्रैम ने 19वें ओवर में सिर्फ़ चार रन दिया और दीप्ति शर्मा का महत्वपूर्ण विकेट लिया। अब भारत को अंतिम छह गेंदों में 14 रन की ज़रूरत थी, जो अंतिम गेंद पर पांच रन में तब्दील हो गई। यह भयानक रोमांचक मुक़ाबला था और 47000 से अधिक दर्शक अपने नाखून चबा रहे थे।
आठ साल बाद टीम में वापसी कर रहीं देविका वैद्य स्ट्राइक पर थीं।
इस मैच में 49 गेंद में 79 रन की पारी खेल प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने वालीं स्मृति ने कहा, "हमने पावरप्ले में अभी तक का सबसे परिपक्व खेल दिखाया। इस दौरान हम सिर्फ़ आक्रमण की तरफ़ जा सकते थे लेकिन हमने गुणा-भाग करके ही जोखिम लिया।"
76 रन की सलामी साझेदारी के बाद ग्रैम ने ऑस्ट्रेलिया की वापसी कराई और जेमिमाह रॉड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के महत्वपूर्ण विकेट लिए। यह 2017 विश्व कप फ़ाइनल और राष्ट्रमंडल गोल्ड मेडल मैच के जैसा था, जब भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत तो की थी, लेकिन मध्य क्रम के लड़खड़ाने से मैच गंवा दिया था।
अंतिम ओवर की ज़िम्मेदारी मेगन शूट के ऊपर थी। पहली पांच गेंदों पर नौ रन बने और अंतिम गेंद पर पांच रन की ज़रूरत थी। शूट ने यॉर्कर डालने का प्रयास किया और लगभग क़ामयाब भी रहीं। लेकिन देविका ने जगह बनाकर इसे बैकवर्ड प्वाइंट के बाईं ओर से चौके के लिए निकाल दिया। यह मैच टाई होकर अब सुपर ओवर की तरफ़ बढ़ गया था।

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ऋचा ने छक्का लगाकर सुपर ओवर की शुरुआत की, लेकिन अगली गेंद पर वह आउट थीं। स्मृति ने अंतिम तीन गेंदों पर 13 रन बनाकर भारत के स्कोर को 20 रन तक पहुंचाया।
स्मृति ने कहा, "ऋचा और शेफ़ाली के होते हुए मैं सुपर ओवर में बल्लेबाज़ी करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकती थी। जब ऋचा ने छक्के के साथ शुरुआत की तो मुझे भी उत्साह मिला। लेकिन जब वह अगली गेंद पर आउट हुई, उसके बाद हम एक और विकेट नहीं गंवा सकते थे। इसलिए मैंने और हरमनप्रीत [कौर] ने कहा कि हम छक्के की बजाय चौके के लिए जाएंगे। जो मुझसे छक्का भी लगा, वह मैंने चौका मारने का प्रयास किया था।"
भारत के इस स्कोर का बचाव रेणुका सिंह ने बख़ूबी किया और भारत ने यह रोमांचक मैच सुपर ओवर में चार रन से जीत लिया।

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं