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दर्शकों से खचाखच भरा स्टेडियम, भारत में महिला क्रिकेट के लिए 'अच्छे दिनों' की शुरुआत

रविवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक़ाबले में 47 हज़ार से ज़्यादा लोग आए थे

Fans show their support for Smriti Mandhana, India vs Australia, 2nd women's T20I, DY Patil, December 11, 2022

नवी मुंबई में रविवार को रिकॉर्ड संख्या में दर्शकों ने उपस्थिति दर्ज कराई  •  BCCI

"स्टेडियम का पूरा टिकट ख़त्म"
ये पांच शब्द एक प्रशंसक के रूप में आपका दिल गदगद कर सकते हैं या तोड़ सकते हैं, भले ही टिकट पैसे से मिल रहा हो या मुफ़्त में।
मार्च 2021 के बाद पहली बार भारतीय महिला टीम घरेलू सीरीज़ खेल रही है। कोविड-19 के कारण लखनऊ में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उनकी पिछली घरेलू सीरीज़ प्रतिबंधों के साथ खेली गई थी।
नतीजतन वर्तमान भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ अक्तूबर 2019 के बाद भारत में महिला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए दर्शकों की वापसी का अतिरिक्त महत्व रखती है और दर्शकों ने मैदान पर उपस्थिति दर्ज भी कराई है। आख़िरकार इन दो टीमों का हाल के दिनों में रोमांचक भिड़ंत जो हुई है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया 2020 में महिला टी20 विश्व कप और इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स के फ़ाइनल में भिड़े थे। दोनों मौक़ों पर ऑस्ट्रेलिया जीता था। पिछले 12 वनडे और 10 टी20 मुक़ाबले जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम इस दौरे पर आई थी। लेकिन उन्हें पता था कि उनकी कड़ी परीक्षा होगी क्योंकि अगर किसी टीम ने हाल के वर्षों में महिला क्रिकेट पर उनके आधिपत्य को चुनौती दी है, तो वह भारत है।
पिछले साल सितंबर में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मकाय में हराकर वनडे में रिकॉर्ड 26 मैचों की जीत का उनका सिलसिला तोड़ा था। ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप में जो पिछली तीन हार मिली है, वह भी भारत के ही हाथों मिली है।
इसलिए मुफ़्त टिकटों के अतिरिक्त प्रोत्साहन के साथ दर्शकों के आने की संभावना थी। हालांकि उन्हें कैसे और कहां से टिकट प्राप्त करना है, इस बारे में जानकारी सीमित थी और नवी मुंबई में मैच टाइम से पहले गेट्स पर दोनों मैच के दिन अराजकता फैली है। पहले मैच में 25 हज़ार से ज़्यादा और दूसरे मैच में 47 हज़ार से ज़्यादा दर्शक आए।
2017 में जब भारत, लॉर्ड्स में महिला वनडे विश्व कप फ़ाइनल में इंग्लैंड से भिड़ा, तो लगभग 24 हज़ार दर्शकों ने इस मैच को वेन्यू से देखा। 2020 में एमसीजी में टी20 विश्व कप फ़ाइनल में 86 हज़ार 174 दर्शकों की उपस्थिति चौंका देने वाला था। 1997 में महिला विश्व कप के फ़ाइनल के लिए ईडन गार्डन्स में क़रीब 80,000 लोग आए थे। रविवार का 47,000 का आंकड़ा बेहद प्रभावशाली रहा, क्योंकि यह एक द्विपक्षीय मैच था। यह भारत में महिला द्विपक्षीय मैच में लगभग सबसे ज़्यादा दर्शकों की उपस्थिति थी और उन्हें एक बेहद रोमांचक मैच भी देखने को मिला।
जीत के लिए एक मुश्किल लक्ष्य 188 रनों का पीछा करते हुए भारत, स्मृति मांधना के 79 रनों पर आउट होने तक मुक़ाबले में बराबरी पर खड़ा था। यहां से भारत को 21 गेंदों में 40 रनों की ज़रूरत थी। ऋचा घोष के प्रहार ने मुक़ाबले को आख़िरी ओवर में 14 और 1 गेंद पर 5 रन पर ला खड़ा किया।
देविका वैद्य ने इसके बाद मेगन शूट के यॉर्कर के क़रीब गेंद को बैकवर्ड प्वाइंट के बगल से निकालकर मैच को टाई करा दिया। स्मृति और ऋचा की बदौलत भारत ने सुपर ओवर में 20 रन बनाए और इसके बाद रेणुका सिंह ने ऑस्ट्रेलिया को 16 रन ही बनाने दिए।
महिला बीबीएल में 2015 से खेल रहीं और रविवार को अपना टी20 अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू कर रहीं हेदर ग्रैम ने कहा, "मुझे नहीं पता कि आप इसकी तुलना करेंगे। असलियत यह है कि हम महिला बीबीएल में सिर्फ़ 5000 लोगों के सामने खेलते हैं। 47 हज़ार दर्शकों के सामने खेलना अविश्वसनीय था। मैंने फ़ोबे [लिचफ़ील्ड] की ओर देखा, वह भी डेब्यू कर रही था और मैंने मन ही मन कहा ग़ज़ब है ये। अंत में जब मुक़ाबला टाइट हुआ, तो अविश्वसनीय माहौल था।"
पहला महिला आईपीएल अब ज़्यादा दूर नहीं है और इसे देखते हुए इस टूर्नामेंट के लिए ये दर्शक बेहद उत्साहजनक संकेत रहे हैं, जो दिखाता है कि भारत में महिला क्रिकेट कितना लोकप्रिय है।
अब सीरीज़ के बाक़ी तीन मुक़ाबले ब्रबोर्न स्टेडियम में खेले जाएंगे, जहां अधिकतम 20 हज़ार दर्शक क्षमता है, जहां डीवाई पाटिल की तुलना में कम दर्शक बैठ सकते हैं, उम्मीद है कि स्टेडियम एक बार फिर पैक मिलेंगे।

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।