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रेटिंग्स : धमाकेदार मुक़ाबले में छा गई स्मृति और ऋचा

सुपर ओवर में मिली जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया को इस साल पहली हार थमाई

स्मृति मांधना और ऋचा घोष ने भारत की जीत में चार चांद लगाए  •  BCCI

स्मृति मांधना और ऋचा घोष ने भारत की जीत में चार चांद लगाए  •  BCCI

इस साल किसी भी प्रारूप में ऑस्ट्रेलिया के नहीं हारने के सिलसिले को तोड़ते हुए भारत ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में इतिहास रच दिया। सुपर ओवर में ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए हरमनप्रीत कौर की टीम ने सीरीज़ को 1-1 से बराबर किया। 40 ओवरों का खेल भी इन दोनों टीमों को अलग नहीं कर पाया और अंततः सुपर ओवर हार और जीत के बीच का अंतर साबित हुआ। 45,238 दर्शक एक ऐसे शानदार मुक़ाबले के साक्षी बने जो देश में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने का बड़ा काम करेगा।
आइए देखते हैं भारतीय खिलाड़ियों को क्या रेटिंग्स मिलती हैं।

क्या सही, क्या ग़लत


भारत के लिए सबसे सकारात्मक बात यह रही कि इस टीम ने कभी हार नहीं मानी। फिर चाहे वह बेथ मूनी और तालिया मैक्ग्रा की रिकॉर्ड साझेदारी के समय हो, एक विशाल लक्ष्य का पीछा करते विकेट गंवाते हुए हो या अंतिम गेंद पर पांच रनों की ज़रूरत होने पर। प्रत्येक खिलाड़ी ने जी-जान लगाई और जीत अपने नाम की।
एक धीमी पिच पर गेंदबाज़ों का लगातार दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया को झटके नहीं देना परेशानी का सबब बनता जा रहा है। पिछले मैच की तरह इस बार भी केवल एक ही विकेट गेंदबाज़ों के हाथ लग पाया। इसके अलावा फ़ील्डिंग में कैच छोड़ने की समस्या का समाधान जल्द ही इस टीम को खोजना होगा।

प्लेयर रेटिंग्स (1 से 10, 10 सर्वाधिक)


शेफ़ाली वर्मा, 8.5 : 188 के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को एक धमाकेदार शुरुआत की आवश्यकता थी और शेफ़ाली वर्मा ने ठीक ऐसा ही किया। चार चौकों और एक छक्के की मदद से भारत की नई अंडर-19 टी20 कप्तान ने वैसी ही ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी की जिसके लिए वह जानी जाती हैं।
स्मृति मांधना, 10 : भारतीय टीम के प्रशंसकों का बस चले तो वह स्मृति के इस प्रदर्शन को 10 में से 100 से एक नंबर कम नहीं देना चाहेंगे। 49 गेंदों पर 79 रन, नौ चौके और चार गंगनचुंबी छक्के - यह कारनामा करते हुए स्मृति ने भारत को मैच में बनाए रखा। एक समय पर उनका स्ट्राइक रेट 110 के क़रीब चल रहा था लेकिन उन्होंने इसकी भरपूर भरपाई की।
जेमिमाह रॉड्रिग्स, 4 : एशिया कप में भारत की प्रभावशाली बल्लेबाज़ आज भी नहीं चल पाईं। एक चौका लगाने के बाद डेब्यू कर रही हेदर ग्रैम की ऑफ़ कटर गेंद पर वह पगबाधा हुईं। फ़ील्डिंग के दौरान भी उन्होंने कई बार मिसफ़ील्ड कर निराश किया और टीम को उनसे और ज़्यादा उम्मीदें होंगी।
हरमनप्रीत कौर, 7 : मध्य क्रम में आते संग ही दो चौके और एक छक्के अगर कोई खिलाड़ी लगाता है तो उसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। लेकिन जब आप हरमनप्रीत हो तो आपसे 95.45 से काफ़ी बेहतर स्ट्राइक रेट की उम्मीद होती है। उनके शॉट्स में ताक़त और क्लास साफ़ तौर पर नज़र आ रही थी और यह भारतीय टीम के लिए विश्व कप में जाते हुए बहुत अच्छा संकेत है।
देविका वैद्य, 9 : देविका ने वह मैच-बचाऊ शॉट खेला जिससे भारत ने मैच को टाई करवाया। आठ सालों बाद केवल अपना दूसरा टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रही इस खिलाड़ी ने दो चौकों समेत 11 रनों की छोटी लेकिन अतिआवश्यक पारी खेलकर दिखाया कि क्यों उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया है। गेंद के साथ वह महंगी साबित हुई और विकेट उनके हाथ नहीं लगा।
ऋचा घोष, 9 : ऋचा जब बल्लेबाज़ी करने आईं थीं तो भारत को जीत के लिए तेज़ गति से रन बनाने थे और ऐसे में बड़े शॉट लगाना ज़रूरी था। ऋचा ने क्रीज़ पर आते ही छक्का लगाकर अपने इरादे साफ़ किए और अंत में 200 का उनका आतिशी स्ट्राइक रेट टीम के लिए संकटमोचक साबित हुआ। विकेटकीपिंग में उनका एक ड्रॉप कैच एक अंक ले गया वरना उन्हें शत प्रतिशत अंक मिलते।
दीप्ति शर्मा, 8 : इकलौता विकेट लेकर दीप्ति भारत की सबसे सफल गेंदबाज़ रहीं। विकेट के अलावा भी वह ऐसी इकलौते गेंदबाज़ दिखाई दे रही थी जो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को परेशानी में डाली। 7.75 की इकॉनमी से गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने दिखाया कि विपक्षी टीम को शांत रखना इतना भी कठिन नहीं है।
राधा यादव, 6 : जब विपक्षी टीम ने 9.35 के दर से रन बनाए हो तब चार ओवरों के स्पेल में 8.50 की इकॉनमी को ठीक-ठाक ही कहा जाएगा। हालांकि राधा का काम टीम के लिए विकेट लेना है जो करने में वह असफल रही हैं। पिछले मैच के छूटे कैच की भरपाई उन्होंने सुपर ओवर में दबाव की स्थिति में एक बेहतरीन कैच लेकर की।
अंजलि सरवानी, 7 : दो मैचों में आठ ओवर डालने के बावजूद अंजलि को अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय विकेट की तलाश है। वह विकेट उनके हाथ लगता अगर ऋचा विकेटों के पीछे मैक्ग्रा का कैच नहीं टपकाती। उन्होंने टाइट लाइन पर गेंदबाज़ी की लेकिन रन गति पर अंकुश लगाना इतना आसान नहीं रहा।
मेघना सिंह, 4 : मेघना से आज हरमनप्रीत ने केवल एक ओवर गेंदबाज़ी करवाई और वह भी आठवें ओवर में। यह दिखाता है कि कप्तान को उनकी क़ाबिलियत पर ज़्यादा भरोसा नहीं था और एक ओवर में तीन चौके शायद इस बात का प्रतीक है।
रेणुका सिंह, 8 : रेणुका बहुत कम समय में भारत की प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ बन चुकी हैं। नई गेंद के साथ उन्होंने दबाव बनाकर रेखा पर डेथ ओवरों में उनके पास मूनी और मैक्ग्रा का कोई जवाब नहीं था। सुपर ओवर में कप्तान द्वारा सौंपी गई ज़िम्मेदारी को उन्होंने बख़ूबी ढंग से निभाया और टीम की जीत सुनिश्चित की।

अफ़्ज़ल जिवानी (@jiwani_afzal) ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं।