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हरमनप्रीत कौर: हर बार 10 ओवर के बाद मैच हमारे हाथ से निकल जा रहा है

भारतीय महिला टीम की कप्तान अंतिम ओवरों में लचर गेंदबाज़ी को लेकर काफ़ी चिंतित हैं

अब जनवरी में भारतीय टीम साउथ अफ़्रीका में  एक त्रिकोणीय सीरीज़ खेलने वाली है  •  BCCI

अब जनवरी में भारतीय टीम साउथ अफ़्रीका में एक त्रिकोणीय सीरीज़ खेलने वाली है  •  BCCI

हरमनप्रीत कौर के अनुसार तेज़ गेंदबाज़ी के विभाग में अधिक गहराई टीम की सफलता के प्रमुख घटकों में से एक है। अगले महीने साउथ अफ़्रीका में होने वाले त्रिकोणीय टी20 सीरीज़ में भारत अपने तेज़ गेंदबाज़ी विभाग पर काफ़ी ज़्यादा फ़ोकस करने वाला है। उस त्रिकोणीय सीरीज़ के बाद फ़रवरी में साउथ अफ़्रीका में ही खेले जाने वाले टी20 विश्व कप में तेज़ गेंदबाज़ों की भूमिका काफ़ी अहम होने वाली है।
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेले गए टी20 सीरीज़ में भारत के पास मेघना सिंह, रेणुका सिंह और अंजली सरवानी के रूप मे तीन तेज़ गेंदबाज़ उपलब्ध थीं। हालांकि पहले दो मैचों में काफ़ी ख़र्चीली साबित होने के बाद मेघना को टीम में शामिल नहीं किया गया था। वहीं पूजा वस्त्रकर भी भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण का एक हिस्सा हैं लेकिन इस सीरीज़ में वह चोट के कारण उपलब्ध नहीं थी।
हरमनप्रीत कौर ने कहा, "साउथ अफ़्रीका में स्पिन गेंदबाज़ी की तुलना में तेज़ गेंदबाज़ी काफ़ी महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। इसी कारण से पहले कुछ मैचों में हमने मेघना को टीम में रखा था लेकिन कभी खिलाड़ी अपेक्षा के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।"
"पूजा ठीक होने के बाद टीम में शामिल हो जाएंगी। उसके एक या दो ओवर महत्वपूर्ण हैं। इस श्रृंखला में हमने अतिरिक्त मध्यम तेज़ गेंदबाजों को बुलाया था, जिन्हें हम क़रीब से देख रहे थे। हम उन पर काम कर रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि तेज़ गेंदबाज़ी विभाग में मज़बूती लाई जाए।"
भारतीय टीम के पास बाएं हाथ की तेज़ गेंदबाज़ मोनिका पटेल भी हैं, जिन्होंने पिछले साल साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ दो वनडे मैच खेले थे। इसके अलावा श्रद्धा पोखरकर, दाएं हाथ की तेज़ गेंदबाज़ अरुंधति रेड्डी और सिमरन बहादुर इस श्रृंखला के दौरान नेट गेंदबाज़ थीं।
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली गई इस सीरीज़ के सभी मैचों में काफ़ी रन बने थे। ऑस्ट्रेलिया ने हर मैच में 170 के स्कोर को पार किया, वही भारत भी लगभग हर मैच में 150 के स्कोर को पार करने में सफल रहा। सिर्फ़ अंतिम मैच में भारतीय टीम ने 142 का स्कोर बनाया था।
इस सीरीज़ के अगर सभी मैचों को देखा जाए तो भारत लगभग पहले 12 ओवर तक मैच में बना हुआ था लेकिन उसके बाद मैच उनके हाथ से निकलता चला गया। अंतिम आठ ओवरों में भारत ने हर मैच में 12.26 की इकॉनमी रेट से रन ख़र्च किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ़ 9.37 रन की इकॉनमी से रन ख़र्च किया।
हरमनप्रीत ने कहा, "हम पहले दस ओवरों में अच्छा कर रहे हैं और विपक्षी टीम को आसान रन नहीं दे रहे हैं। हालांकि दसवें ओवर के बाद अचानक चीज़ें बदल रही हैं । हमने कई चीज़ों की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें क्रियान्वित करने में सक्षम नहीं थे।"
हालिया समय में रेणुका भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी क्रम की नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरी है। पावरप्ले में तो वह बढ़िया गेंदबाज़ी करे रही हैं लेकिन अंतिम के ओवरों में उनकी गेंदबाज़ी 10.87 की हो जाती है।
हरमनप्रीत ने कहा, "रेणुका एक ऐसी गेंदबाज़ हैं, जिनसे टीम में काफ़ी आत्मविश्वास आता है। जब भी टीम को उसकी ज़रूरत होती है, वह हमेशा तैयार रहती है। हमने हमेशा उन्हें पहले छह ओवरों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखा है। वह वास्तव में अंतिम ओवरों में गेंदबाज़ी करने का आनंद लेती हैं। वह अपनी डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी पर कड़ी मेहनत कर रही हैं और अब अनुभव प्राप्त करना शुरू कर रही हैं।"

एस सुदर्शन ESPNcricinfo के सब एडिटर हैं।