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किशन: मुझे रन बनाकर ख़ुद के सवालों का जवाब देना था

रायपुर में मैच-जिताऊ पारी खेलने के बाद किशन ने कहा कि उनके लिए घरेलू क्रिकेट खेलना और रन बनाना अहम था

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ रायपुर में खेले गए दूसरे T20I के रन चेज़ में भारतीय बल्लेबाज़ इशान किशन ने शुरुआती 29 गेंदों में लगभग हर दूसरी गेंद पर बाउंड्री (15 बाउंड्री) लगाए। उन्होंने यह सब तब किया, जब 209 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 6 रन पर 2 विकेट खो चुका था। लेकिन किशन इस स्कोर से प्रभावित नहीं हुए। बाद में उन्होंने कहा कि वह "कोई जोखिम नहीं लेना" चाह रहे थे।
उन्होंने इस मैच में 32 गेंदों में 76 रन बनाए और भारत को सिर्फ़ 15.2 ओवर में अपना संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रन चेज़ पूरा करने में मदद की। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी 37 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए और दोनों ने मिलकर भारत की जीत की नींव रखी।
नौवें ओवर में जब दोनों की शतकीय साझेदारी पूरी हुई, तब सूर्यकुमार 13 गेंदों पर 19 रन पर थे, जबकि किशन 30 गेंदों पर 76 रन बना चुके थे। इस पूरे समय में सूर्यकुमार को शायद ही स्ट्राइक मिली।
अभिषेक के आउट होने के बाद ESPNcricinfo के Forecaster ने न्यूज़ीलैंड की जीत की संभावना 86.09% बताई थी। जब ईश सोढ़ी ने किशन को आउट किया, तब यह आंकड़ा भारत के पक्ष में 90.63% हो चुका था। तब भारत को 65 गेंदों पर 81 रन चाहिए थे, जो उन्होंने आसानी से बना लिए।
किशन के पवेलियन लौटने से पहले सूर्यकुमार ने उनकी पीठ थपथपाने की बजाय उन्हें ज़ोरदार गले लगाया। पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन में उन्होंने कहा, "मैंने कभी किसी को इस तरह बल्लेबाज़ी करते नहीं देखा है। 6 रन पर 2 विकेट गिरने के बाद इस अंदाज़ में खेलना, पावरप्ले को लगभग 67, 70 [75] पर खत्म करना, यह अविश्वसनीय था। यही हम अपने बल्लेबाज़ों से चाहते हैं- बाहर जाएं, ख़ुद को खुलकर व्यक्त करें और अपने स्पेस में ख़ुश रहें।"
वहीं अपनी पारी के बारे में बात करते हुए किशन ने कहा, "मुझे पिच पर बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। मैं पहली गेंद से ही कनेक्ट कर पा रहा था, इसलिए मैंने ख़ुद पर भरोसा किया। मुझे लगा कि अगर मैं अच्छे शॉट खेलूंगा तो टीम के लिए काम बन जाएगा।
"कभी-कभी आपको पता होता है कि आप अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। बस ज़रूरत होती है- सही मानसिक स्थिति में बने रहने की, गेंद को देखने की और अच्छे शॉट खेलने की। हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे और क्रॉस-बैटेड शॉट नहीं खेलना चाहते थे। लेकिन जब आप 208 [209] का पीछा कर रहे होते हैं, तो पावरप्ले में रन बनाना ज़रूरी होता है।"
इस सीरीज़ से पहले किशन ने आख़िरी बार नवंबर 2023 में भारत के लिए खेला था। ऐसा लग रहा था कि चयनकर्ता उनसे आगे बढ़ चुके हैं। लेकिन हालिया सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में उन्होंने दस पारियों में 197.32 की स्ट्राइक रेट से 517 रन बनाए और फिर से चयन के रेस में आ गए।
उन्होंने कहा, "मैंने ख़ुद से बस एक सवाल पूछा कि क्या मैं फिर से कर सकता हूं या नहीं? मुझे पता था कि मैं पारी के अंत तक बल्लेबाज़ी कर सकता हूं और अच्छे शॉट खेल सकता हूं। लेकिन मुझे कहीं न कहीं रन बनाकर इस सवाल का जवाब देना था।
"इसलिए मैं सिर्फ़ रन बनाने पर ध्यान दे रहा था। कभी-कभी अपने लिए यह करना ज़रूरी होता है ताकि आप अपने सवालों के जवाब दे सकें कि आप कैसी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं और क्या आप भारत के लिए खेलने के काबिल हैं? इसी वजह से मेरे लिए घरेलू क्रिकेट खेलना और रन बनाना अहम था।"
किशन ने न सिर्फ़ ख़ुद को जवाब दिया, बल्कि चयनकर्ताओं को भी संदेश भेज दिया। जब चयनकर्ताओं को T20 विश्व कप के लिए शीर्ष क्रम में बल्लेबाज़ी करने वाला एक बैक-अप विकेटकीपर चाहिए था, तो किशन को नज़रअंदाज़ नहीं कर सके।
किशन को इस सीरीज़ की शुरुआत में मौक़ा इसलिए मिला क्योंकि तिलक वर्मा पहले तीन मैचों से बाहर हो गए थे। अभी यह सिर्फ़ एक पारी है, लेकिन अगर किशन आगे के मैचों में भी ऐसा ही असर छोड़ते हैं, तो विश्व कप के समय वह प्लेइंग इलेवन के मज़बूत दावेदार होंगे।
अगर तिलक समय पर फिट नहीं होते, तो वह नंबर 3 पर खेल सकते हैं। वहीं अगर सैमसन रन नहीं बना पाते, तो वह ओपनिंग भी कर सकते हैं। किसी भी हाल में विपक्ष के लिए यह एक डरावना ख़्याल होगा, उतना ही डरावना जितना प्रति बाउंड्री 2 गेंदों का अनुपात।

हेमंत बराड़ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं