ग्रुप सी में पाकिस्तान और ज़िम्बाब्वे जैसी टीमों के ख़िलाफ़ लगातार तीन जीत दर्ज करने वाला इंग्लैंड, फ़िलहाल टॉप-2 की रेस में सबसे आगे खड़ा है। शुक्रवार को उनका सामना न्यूज़ीलैंड से होगा, जिनका प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में अब तक बेहद साधारण रहा है। उनकी टीम को भारत ने 141 गेंद बाक़ी रहते शिकस्त दी थी। वहीं पाकिस्तान ने उन्हें 197 गेंद शेष रहते रौंद दिया था। ऐसे में अगर इंग्लैंड न्यूज़ीलैंड पर फतह हासिल कर लेता है, तो वह 8 अंकों के साथ सीधे सेमीफ़ाइनल का टिकट कटा लेगा।
हालांकि, असली रोमांच रविवार को होने वाले सुपर सिक्स के आख़िरी मुक़ाबले में देखने को मिलेगा, जहां भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत होनी है। अगर शुक्रवार को इंग्लैंड जीत गया, तो भारत-पाक मैच एक नॉकआउट की तरह होगा, क्योंकि तब दोनों में से कोई एक ही टीम अंतिम चार का सफ़र तय कर पाएगी। मौजूदा समीकरण देखें तो भारत के पास 6 अंक और +3.337 का दमदार नेट रन रेट है, वहीं पाकिस्तान 4 अंक और +1.484 के रन रेट के साथ पीछे है। लेकिन पाकिस्तान के पास रविवार को इस पूरे गणित को बदलने का मौका रहेगा।
भले ही भारत और पाकिस्तान के नेट रन रेट में बड़ा फासला नज़र आ रहा हो, लेकिन कागज़ों पर इसे पार करना नामुमकिन नहीं है। मिसाल के तौर पर, अगर पाकिस्तान पहले बैटिंग करते हुए 300 का स्कोर बनाता है, तो भारत से आगे निकलने के लिए उन्हें 85 रनों के अंतर से जीतना होगा। वहीं, अगर टीम इंडिया पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 200 रन बनाती है, तो पाकिस्तान को रन रेट के मामले में पछाड़ने के लिए यह लक्ष्य लगभग 31.5 ओवरों में हासिल करना होगा। यदि लक्ष्य 251 रनों का होता है, तो उन्हें 33.2 ओवरों के भीतर जीत दर्ज करनी होगी।
निश्चित तौर पर ये लक्ष्य हासिल करना कठिन है, लेकिन यह भूलना ग़लत होगा कि पिछली बार जब इन दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों का आमना-सामना हुआ था, तब एशिया कप के फ़ाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रनों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।
क्या भारत और पाकिस्तान दोनों सेमीफ़ाइनल का टिकट कटा सकते हैं? यह उम्मीद अभी पूरी तरह धुंधली नहीं हुई है, मगर इसके लिए न्यूज़ीलैंड को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चमत्कार करना होगा। यदि न्यूज़ीलैंड जीत जाता है और फिर पाकिस्तान भारत को हरा देता है, तो तीनों टीमें 6-6 अंकों पर बराबर हो जाएंगी। ऐसी स्थिति में सेमीफ़ाइनल का फ़ैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। हालांकि, मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए इंग्लैंड के न्यूज़ीलैंड से हारने के आसार बहुत ही कम नज़र आ रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप में नंबर वन पर रहते हुए पहले ही सेमीफ़ाइनल में अपनी सीट बुक कर ली है और अब उसका सामना ग्रुप 2 की दूसरे नंबर वाली टीम से होगा। अब सेमीफ़ाइनल की सिर्फ़ एक जगह खाली है, जिसके लिए अफ़ग़ानिस्तान, श्रीलंका और वेस्टइंडीज़ के बीच त्रिकोणीय जंग जारी है। इन तीनों ही टीमों के पास चार-चार अंक हैं। वेस्टइंडीज़ की मुश्किल यह है कि वह अपने सभी चार मैच खेल चुका है और उसका नेट रन रेट (-0.421) सबसे कमज़ोर है। अब कैरेबियाई टीम की क़िस्मत इस बात पर टिकी है कि श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान अपने-अपने मुक़ाबले इतने शर्मनाक ढंग से हारें कि उनका रन रेट वेस्टइंडीज़ से भी नीचे गिर जाए।
अगर श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान दोनों अपने-अपने मैच जीत लेते हैं, तो अफ़ग़ानिस्तान का दूसरे स्थान पर पहुंचना लगभग पक्का है, क्योंकि उसका नेट रन रेट श्रीलंका की तुलना में काफ़ी मज़बूत है। इसे ऐसे समझें कि अगर श्रीलंका साउथ अफ़्रीका को 100 रन पर समेट कर केवल 10 ओवर में जीत हासिल कर ले, तब भी अफ़ग़ानिस्तान को अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए सिर्फ़ 250 रन बनाकर दो रन की जीत की ज़रूरत होगी। ऐसे में श्रीलंका के पास आगे बढ़ने का बस एक ही रास्ता है कि वह साउथ अफ़्रीका को पटखनी दे और शुक्रवार को आयरलैंड की टीम अफ़ग़ानिस्तान को हराकर कोई बड़ा उलटफेर कर दे।