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आधिकारिक उप-कप्तान की घोषणा ना करना भारत के लिए बेहतर होगा : शास्त्री

पूर्व भारतीय कोच को उम्मीद है कि साउथ अफ़्रीका में मिली दोहरी हार के बाद टीम वापसी ज़रूर करेगी

Ravi Shastri tested positive for Covid-19 on the third evening of the Oval Test. Here, he observes India's training on day one, England vs India, 4th Test, The Oval, London, 1st day, September 2, 2021

रवि शास्त्री को उम्मीद है कि साउथ अफ़्रीका में मिली दोहरी हार के बाद टीम इंडिया वापसी ज़रूर करेगी  •  PA Photos/Getty Images

भारत के पूर्व प्रमुख कोच रवि शास्त्री को साउथ अफ़्रीका में टीम की दोहरी हार के बाद घबराने की कोई वजह नहीं दिख रही है। ओमान में चल रहे लेजेंड्स लीग क्रिकेट के दौरान पीटीआई से बात करते हुए शास्त्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के मज़बूत प्रदर्शन को देखते हुए, "मानक अचानक कैसे नीचे जा सकता है?"
भारत के प्रमुख कोच के रूप में उनके कार्यकाल के बाद शास्त्री ने पूर्व खिलाड़ियों के समावेश वाली लेजेंड्स लीग क्रिकेट के आयुक्त के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि उन्होंने साउथ अफ़्रीका में हुई सीरीज़ पर अधिक ध्यान नहीं दिया था लेकिन उन्हें विश्वास था कि टीम वापसी ज़रूर करेगी। उन्होंने कहा, "अगर टीम एक सीरीज़ हार जाती है, तो आप लोग आलोचना करना शुरू कर देते हैं ... आप हर मैच नहीं जीत सकते, हार-जीत तो होगी ही। मानक अचानक कैसे गिर सकता है? पांच साल तक, आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम थे।"
2014 से 2021 के बीच दो कार्यकाल में शास्त्री भारतीय टीम के साथ काम किया। शास्त्री के नेतृत्व में भारत 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ जीतने वाली पहली एशियाई टीम गई। 2020-21 में उन्होंने इस उपलब्धि को दोहराया। टीम ने पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में जगह बनाई और 2021 में वह टेस्ट सीरीज़ में 2-1 से आगे चल रही थी जब कोरोना ने अंतिम मैच में बाधा डाली। 2017 में अनिल कुंबले से पदभार संभालने के बाद 2019 में शास्त्री के कार्यकाल को 2021 टी20 विश्व कप के अंत तक आगे बढ़ाया गया था। उम्र प्रतिबंधों के कारण 59 वर्षीय शास्त्री एक और कार्यकाल के लिए पात्र नहीं होते।
राहुल द्रविड़ ने तब से शास्त्री का पदभार संभाला है, लेकिन कप्तानी के मोर्चे पर भी मंथन हुआ है क्योंकि विराट कोहली ने कुछ ही महीनों के भीतर टी20 अंतर्राष्ट्रीय और टेस्ट की कप्तानी छोड़ी जबकि उन्हें वनडे कप्तानी से निकाला गया। अपने पूरे कार्यकाल में कोहली के साथ काम करने वाले शास्त्री ने कहा कि टेस्ट कप्तान पद छोड़ने के उनके फ़ैसले पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
शास्त्री ने कहा, "वह उनका निर्णय है। आपको इस निर्णय का सम्मान करना चाहिए। हर चीज़ का एक सही समय होता है। पहले भी अपनी बल्लेबाज़ी या क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से कई बड़े खिलाड़ियों ने कप्तानी छोड़ी हैं। फिर चाहे वह (सचिन) तेंदुलकर हो, (सुनिल) गावस्कर या (महेंद्र सिंह) धोनी। अब इस सूची में विराट कोहली भी है।"
शास्त्री ने कहा कि कोहली के बेहद सफल कार्यकाल को इस आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए कि उन्होंने भारत को किसी भी प्रारूप में वैश्विक ख़िताब नहीं दिलाया। "कई बड़े खिलाड़ियों ने विश्व कप नहीं जीता है। (सौरव) गांगुली, (राहुल) द्रविड़, (अनिल) कुंबले भी विश्व कप नहीं जीते हैं। तो क्या हम उन्हें ख़राब खिलाड़ी करार कर सकते हैं?"
उन्होंने आगे कहा, "आप सामान्यीकरण नहीं कर सकते। आप मैदान पर जाकर खेलते हैं। यह देखिए ना कि हमारे पास कितने विश्व कप विजेता कप्तान हैं। सचिन तेंदुलकर को इसे जीतने के लिए छह विश्व कप खेलने पड़े। अंत में, आपको इस बात से आंका जाता है कि आप कैसे खेलते हैं। क्या आप ईमानदारी के साथ खेल खेलते हैं, और क्या आप लंबे समय तक खेलते हैं? इस तरह आप खिलाड़ियों को परखते हैं।"
स्पोर्ट्स तक से बातचीत करते हुए शास्त्री ने यह भी सुझाव दिया कि एक आधिकारिक उप-कप्तान की घोषणा ना करना भारत के लिए बेहतर होगा। इसके विपरित, प्रत्येक मैच से पहले इस ज़िम्मेदारी के लिए एकादश में से एक खिलाड़ी को चुना जा सकता है। रोहित शर्मा इस समय टेस्ट टीम के उप-कप्तान हैं और उन्हें कप्तानी पद के लिए एक प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
जब शास्त्री से पूछा गया कि अगर रोहित को कप्तान बनाया जाता है तो किसे टीम की उप-कप्तानी मिलेगी, उन्होंने कहा, "यह देखने योग्य होगा। राहुल द्रविड़ को देखना होगा कि कौन सही दावेदार हैं। क्योंकि एकादश में उस खिलाड़ी का स्थान पक्का होना चाहिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है।"
"मुझे अक्सर लगता है कि लोग उप-कप्तानी को बहुत बड़ा मुद्दा बनाते हैं। कभी-कभी मैं सोचता हूं कि आपको एक उप-कप्तान घोषित करने की आवश्यकता क्यों है? मैदान पर जाकर देखें कि एकादश में शामिल खिलाड़ियों में से कौन सबसे अनुभवी है और कौन कप्तानी कर सकता है, उसे उप-कप्तान बनाए।"
शास्त्री ने आगे कहा, "अगर आप पहले ही एक उप-कप्तान घोषित कर दे, फिर क्या होगा अगर वह खिलाड़ी एकादश में नहीं बैठता हैं? तब एक समस्या होगी क्योंकि 'हम उप-कप्तान को कैसे ड्रॉप कर सकते हैं? क्या कोई लिखित नियम है कि आप एक उप-कप्तान को टीम से बाहर नहीं कर सकते? बेशक़ आप उन्हें बाहर कर सकते हैं। इसलिए यदि आपको इस तरह का कुछ संदेह है, तो उप-कप्तान की घोषणा बिल्कुल न करें। कहें कि हम वहां (मैदान पर) जाकर फ़ैसला करेंगे।"
जबकि शास्त्री ने विस्तार से नहीं बताया कि किसे टीम का कप्तान और उप-कप्तान होना चाहिए, उन्होंने कहा कि खेल को पढ़ने की समझ ने ऋषभ पंत को भविष्य में नेतृत्व का संभावित दावेदार बना दिया है।
उन्होंने कहा, "ऋषभ एक ज़बरदस्त युवा खिलाड़ी हैं। मैं खुलकर कहता हूं, जब मैं कोच था तो मैं उससे बहुत प्यार करता था। और वह बात सुनता भी है। बहुत से लोग कहते हैं कि वह जैसा चाहता है वैसा ही खेलता है, लेकिन यह सच नहीं है। वह हमेशा टीम के हित के बारे में सोचता है। मैंने यह भी देखा है कि वह खेल को अच्छी तरह से पढ़ता है। आपको भविष्य के लिए उनके नेतृत्व गुणों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।"