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नीलामी के आंकड़े : स्मृति के लिए जंग, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की भारी मांग

स्मृति के लिए 28 बार उठा पैडल, वहीं पांच खिलाड़ियों के लिए चार टीमों ने लागई बोली

नीलामी में कुल 87 खिलाड़ियों को 59.5 करोड़ रुपए में ख़रीदा गया  •  BCCI

नीलामी में कुल 87 खिलाड़ियों को 59.5 करोड़ रुपए में ख़रीदा गया  •  BCCI

यह विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की पहली नीलामी थी और इसमें शामिल सभी लोगों को कुछ न कुछ सीखने को मिला। आइए देखते हैं, ट्रेंड क्या थे, फ़्रैंचाइज़ियों द्वारा लिए गए टीम-निर्माण के फ़ैसलों के हाईलाइट्स क्या रहे।
लगभग 60 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए
नीलामी में अधिकतम 90 खिलाड़ियों को ख़रीदने के लिए पांच फ़्रैंचाइज़ियों के पास कुल 60 करोड़ रुपए उपलब्ध थे। फ़्रैंचाइज़ियों ने 87 खिलाड़ियों को ख़रीदा और 59.5 करोड़ रुपए ख़र्च किए। सात खिलाड़ियों पर 2 करोड़ या उससे ज़्यादा की बोली लगाई गई और तीन खिलाड़ियों - स्मृति मांधना, ऐश्ली गार्डनर और नैटली सीवर-ब्रंट की बोली 3 करोड़ के ऊपर गई।
सिर्फ़ मुंबई इंडियंस और यूपी वॉरियर्स ने 12 करोड़ रुपये के अपने पूरे पर्स का उपयोग किया, लेकिन दोनों में से कोई भी 18 खिलाड़ियों के अधिकतम लिमिट तक नहीं पहुंच पाया। मुंबई और यूपी ने क्रमश: 17 और 16 खिलाड़ियों को ख़रीदा। गुजरात जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 खिलाड़ियों के लिमिट तक पहुंची, लेकिन उनके पास 5 लाख और 10 लाख रुपए बचे थे। वहीं दिल्ली कैपिटल्स को अपना कोटा पूरा करने के लिए सिर्फ़ 11.65 करोड़ की ज़रूरत पड़ी।
स्मृति के लिए दो टीमें भिड़ी
स्मृति सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं और उनकी बोली के साथ धमाकेदार अंदाज़ से नीलामी की शुरुआत हुई। उनके लिए 28 बार पैडल उठाया गया, ये सभी दो टीमों - मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु - ने उठाया। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे अधिक रहा।
स्मृति का नीलामी मूल्य उनके आधार मूल्य का 6.8 गुना था, जो बिके सभी 87 खिलाड़ियों में सबसे ज़्यादा था। सभी पांच फ़्रैंचाइज़ियों से किसी भी खिलाड़ी के लिए बोली नहीं लगी। वहीं पांच खिलाड़ियों - हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, बेथ मूनी, मरीज़ान काप और तालिया मैक्ग्रा के लिए चार टीमों ने बोली लगाई।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की भारी मांग
महिला क्रिकेट में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिखाया गया दबदबा डब्ल्यूपीएल नीलामी में खिलाड़ियों की सफलता के रूप में परिवर्तित हुआ। विदेशी खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध 30 स्लॉट्स में से 14 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा भरे गए। 14.25 करोड़ रुपए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए ख़र्च किए गए, जो पांच टीमों के कुल पर्स का लगभग एक-चौथाई है।
नीलामी में 57 भारतीय खिलाड़ियों को 32.2 करोड़ में ख़रीदा गया। वहीं इंग्लैंड का तीसरा सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व रहा, उनके सात खिलाड़ियों को कुल 7.35 करोड़ में ख़रीदा गया। टारा नॉरिस नीलामी में बिकने वाली एसोसिएट देश की एकमात्र खिलाड़ी रहीं। उन्हें दिल्ली ने ख़रीदा। यूएसए की बाएं हाथ की तेज़ गेंदबाज़ नॉरिस ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शुरुआत 2022 में ही की थी पर 2014 और 2022 के बीच इंग्लैंड में उन्होंने 100 से अधिक प्रोफ़ेशनल सीमित ओवरों के मैच खेले थे।
इस नीलामी में 57 कैप्ड खिलाड़ियों के लिए 54.25 करोड़ ख़र्च किए गए, जबकि 30 अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए 5.25 करोड़ रुपए ख़र्च किए गए। सिर्फ़ एक अनकैप्ड विदेशी खिलाड़ी बोली हासिल कर पाईं, वह थीं ऑस्ट्रेलिया की लॉरा कीमिंस, जिन्हें दिल्ली ने 45 लाख में ख़रीदा। वह इस नीलामी में तनुजा कंवर के बाद दूसरी सबसे महंगी अनकैप्ड खिलाड़ी भी रहीं। तनुजा को गुजरात ने 50 लाख में अपनी टीम में शामिल किया।
ऑलराउंडरों पर ज़्यादा ध्यान
प्रत्येक टीम के लिए सिर्फ़ 12 करोड़ रुपए उपलब्ध होने के कारण, टीमों ने ऑलराउंडरों पर फ़ोकस किया। नीलामी में बिकीं 46 खिलाड़ियों को ऑलराउंडर की कैटेगरी में रखा गया था। सभी टीमों ने कम से कम सात ऑलराउंडरों को अपने साथ जोड़ा। कुल मिलाकर ऑलराउंडरों पर 34.3 करोड़ ख़र्च किए गए, जिसमें से 9.6 करोड़ ऑस्ट्रेलिया के साथ खिलाड़ियों ने आपस में बांटे। नीलामी में बिकीं सिर्फ़ 17 खिलाड़ी विशेषज्ञ गेंदबाज़ थीं और शेष 24 बल्लेबाज़ या विकेटकीपर बल्लेबाज़ थीं।
आईसीसी विमेंस टी20 अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में मौजूदा शीर्ष दस गेंदबाज़ों में से सिर्फ़ छह को ही ख़रीददार मिला। उन छह में से तीन ऑलराउंडर थीं, जबकि मेगन शूट पहली बारी में नहीं बिकी थीं। इस मामले में बल्लेबाज़ों की संख्या आठ रही, जिसमें से तीन ऑलराउंडर थीं और एक विकेटकीपर बल्लेबाज़।
नीलामी से ख़ुश होगा दिल्ली कैपिटल्स का दिल
दिल्ली की टीम नीलामी में सबसे सक्रिय टीम रही, उन्होंने 38 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई। अपने 18 खिलाड़ियों में से उन्होंने नौ को उनके बेस प्राइस पर ख़रीदा। 15 मौक़ों पर उन्होंने दूसरे स्थान पर फ़िनिश किया। यूपी वॉरियर्स ने उन 15 बोलियों की बैटल में से सात में जीत हासिल की।
वहीं मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। ऐसे 18 खिलाड़ी जिनपर एक से अधिक टीमों ने बोली लगाई, उन बोलियों में मुंबई की टीम 11 मौक़ों पर बोली हारने वाली टीम रही और सिर्फ़ छह खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ने में क़ामयाब रही। हालांकि उन्होंने 11 खिलाड़ियों को उनके आधार मूल्या पर ख़रीदा। इस मामले में वे सिर्फ़ आरसीबी से पीछे रहे, जिन्होंने 12 खिलाड़ियों को उनके आधार मूल्य पर ख़रीदा।
मिश्रण में सबसे युवा और सबसे उम्रदराज खिलाड़ी
नीलामी में बिकने वाली सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी 34 वर्षीय अनकैप्ड भारतीय जेसिया अख़्तर रहीं। ख़रीद सूची में तीन अन्य खिलाड़ियों को शामिल किया गया है जो टूर्नामेंट शुरू होने तक 34 साल के होने जा रही हैं, वे हैं: एरिन बर्न्स, शबनीम इस्माइल और हरमनप्रीत।

15 वर्षीय दो खिलाड़ियों - सोनम यादव और शबनम शकिल - को भी ख़रीददार मिले। सोनम का जन्म शकील से एक महीने बाद जुलाई 2007 में हुआ था। ऐलिस कैप्सी विदेशी खिलाड़ियों में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी रहीं। इंग्लैंड की 18 वर्षीय कैप्सी का जन्म अगस्त 2004 में हुआ था।

संपत बंडारूपल्ली ESPNcricinfo में स्टैटिशियन हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।