2 इससे पहले दो बार ऐसा हुआ था जब किसी टेस्ट में भारत को जीत के लिए 1 विकेट चाहिए था और भारत उन्हें हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाया था। पहला वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ साल 1978-79 में कोलकाता में और दूसरा मैच भी वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 2006 में सेंट जॉन में खेला गया था। कानपुर टेस्ट न्यूज़ीलैंड के लिए भी दूसरा मौक़ा था जब चौथी पारी में आख़िरी जोड़ी ने उनके हार को टाल दिया था। इसके पहले 1997 में न्यूज़ीलैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ 288 रनों का पीछा कर रही थी और दिन के अंत तक न्यूज़ीलैंड ने नौ विकेट खोकर 223 रन बनाए थे।

7 भारत के लिए खेलते हुए श्रेयस अय्यर अपने पदार्पण मैच में प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने वाले सातवें खिलाड़ी हैं। इससे पहले साल 2018 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ पृथ्वी शॉ अपने पहले टेस्ट में प्लेयर ऑफ़ द मैच बने थे।

10 मौजूदा समय में न्यूज़ीलैंड ने बिना किसी हार के लगातार टेस्ट 10 टेस्ट खेले हैं। इस दौरान उनकी टीम ने आठ मैच जीते हैं। न्यूज़ीलैंड के लिए इस प्रारूप में बिना कोई मैच हारे यह सबसे लंबा स्ट्रीक है। इससे पहले 1964-65 में न्यूज़ीलैंड ने लगातार नौ ड्रॉ खेले था। साथ ही 1989-1990 और 2002- 2003 के बीच नौ ऐसे टेस्ट खेले थे जिसमें उन्हें एक भी मैच में हार नहीं मिली थी।

14 भारत ने इससे पहले घरेलू पिचों पर 14 लगातार ऐसे टेस्ट खेले थे जिसमें कोई ना कोई परिणाम आया था। टेस्ट मैच में परिणाम निकलने के मामले में यह सबसे लंबा स्ट्रीक था। इससे पहले यह रिकॉर्ड 13 मैचों का था। जब भारत ने 12 मैच जीते थे और एक मैच में उन्हें शिकस्त मिली थी।

3 टॉम लेथम न्यूज़ीलैंड के तीसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत में किसी भी टेस्ट मैच के दोनों पारियों में अर्धशतक बनाया। इससे पहले नाथन एस्टल और क्रेग मैकमिलन ने यह कारनामा किया था।

419 टेस्ट क्रिकेट में रवि अश्विन के अब 419 विकेट हो गए हैं। इस फ़ॉर्मेट में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट लेने के मामले में वह तीसरे नंबर पर आए गए हैं।

1.91 कानपुर टेस्ट में न्यूज़ीलैंड का रन रेट, पिछले 20 साल में किसी भी टीम द्वारा 200 या अधिक ओवर में बल्लेबाज़ी करते हुए यह दूसरा सबसे कम रनरेट था। 2014 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ साउथ अफ़्रीका ने 1.79 के दर से रन बनाए थे जो सबसे कम है।

58 अश्विन ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच में अब तक कुल 59 विकेट झटके हैं, जो किसी भी भारतीय गेंदबाज़ के लिए सबसे ज़्यादा है। इससे पहले 57 विकेटों के साथ यह रिकॉर्ड बिशन सिंह बेदी के नाम था। अगर पूरे विश्व के गेंदबाज़ों की बात की जाए तो अश्विन इस मामले में सिर्फ़ सर रिचर्ड हेडली(65 विकेट) से पीछे हैं।

6 दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज़ो ने 6 बल्लेबाज़ो को पगबाधा आउट किया। इससे पहले टेस्ट में मोहाली में 1994 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ और 2016 में कानपुर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ ऐसा हुआ था।

संपत बंडारूपल्ली ESPNcricinfo में स्टैटिशियन हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।