यह तुलना करना थोड़ा अटपटा सा है, लेकिन क्या ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन में बेन स्टोक्स जैसा ऑलराउंडर बनने की क्षमता है?

22 वर्ष के ग्रीन ने पिछले सीज़न भारत के ख़िलाफ़ पदार्पण किया था। हालांकि, ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ तैयारी कर रहे ग्रीन इस तुलना को सही नहीं बताते हैं। उन्होंने कहा, "नहीं, मैं बिल्कुल उनके क़रीब भी नहीं हूं। वह विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और आप हमेशा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के ख़िलाफ़ खेलना पसंद करते हैं और जो उन्होंने किया है उससे वह निश्चित रूप से दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं।"

ग्रीन ने यह भी कहा कि वे दोनों समान खिलाड़ी नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "बायें हाथ के बल्लेबाज़ के रूप में मेरे लिए अपने खेल को उनकी तरह बनाना बहुत कठिन है। लेकिन आप निश्चित रूप से उनको देखकर बहुत कुछ सीख सकते हैं और अपने खेल में सुधार कर सकते हैं।"

लेकिन लोग तुलना करना चाहेंगे क्योंकि जब आपको समान भूमिकाओं में खिलाड़ी मिलते हैं तो स्वाभाविक रुचि होती है। तो चलिए देखते हैं।

22 साल की उम्र में ग्रीन ने चार टेस्ट खेले हैं। एक अर्धशतक लगाया है और 33.71 के औसत से रन बनाए हैं, लेकिन उन्हें अभी भी उनके पहले विकेट का इंतज़ार है। उन्होंने 44 ओवरों किए हैं और 2.68 के इकॉनमी से 118 रन दिए हैं।

स्टोक्स ने 22 साल की उम्र तक कोई टेस्ट नहीं खेला था, लेकिन अपनी पहली ऐशेज़ सीरीज़ में उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया था। उन चार टेस्ट में उन्होंने 34.87 की औसत से रन बनाए थे। वहीं पर्थ में उन्होंने एक शानदार शतक और सिडनी में 99 रन देकर छह विकेट लिए थे।

लेकिन प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड क्या कहते हैं? यह दोनों तीन जून और चार जून को आठ साल के अंतर में पैदा हुए। तारीख़ों को देखकर तुलना करना भी आसान हो जाएगा। ग्रीन ने 34 मैचों में 52.76 के औसत से आठ शतक लगाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 251 है। वहीं गेंद से उन्होंने 33.72 के औसत से 40 विकेट लिए हैं, जिसमें दो बार एक पारी में पांच विकेट शामिल हैं।

लेकिन जब स्टोक्स ग्रीन की उम्र के थे तो उन्होंने 59 प्रथम श्रेणी मैचों में 35.64 के औसत से रन बनाए थे और ठीक आठ ही शतक लगाए थे। स्टोक्स का गेंदबाज़ी औसत 28.24 का था और उन्होंने 110 विकेट लिए थे, जिसमें एक बार पारी में पांच विकेट शामिल थे।

यह साफ़ है कि नंबर कहां पर समान है, लेकिन ग्रीन की गेंदबाज़ी की स्टोक्स से तुलना नहीं की जा सकती है। क्योंकि हर गेंदबाज़ अपने शरीर के गठन के हिसाब से अलग होता है। ग्रीन 200 सेंटीमीटर लंबे हैं और जब उन्होंने 17 साल की उम्र में अपना प्रथम श्रेणी क्रिकेट शुरू किया था तो वह पतले दुबले भी थे। वह कमर में चार स्ट्रेस फ़्रैक्चर से गुज़र चुके हैं।

पिछला फ़्रैक्चर 2020 में आया था। आंकड़ों के लिहाज़ से तब से उनकी गेंदबाज़ी में काफ़ी अंतर आया है। फ़रवरी 2017 से नवंबर 2019 के बीच ग्रीन ने 21.53 के औसत से 28 विकेट लिए थे। ग्रीन ने उस समय वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ के तौर पर 15 पारियों में 12 बार लगातार 10 से ज़्यादा ओवर भी किए थेउसके बाद 2019 और 2020 के बीच में क़रीब एक साल तक उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गेंदबाज़ी नहीं की। इसके बाद वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ी कोच मैट मेसन की देखरेख में उन्होंने अपने एक्शन में बदलाव किया।

चोट से सही होने के बाद ग्रीन ने एक अलग गेंदबाज़ के तौर पर वापसी की और अभी भी वह कई मायनों में अधूरे हैं। उन्होंने 18 मैचों में 62.16 के औसत से 12 ही विकेट लिए हैं।

ग्रीन ने कहा, "ज़ाहिर तौर पर जो काम का बोझ मेरे पर डाला गया है, उससे मुझे फ़ायदा ही हुआ है। चार वर्षों में, हर साल मुझे स्ट्रेस फ़्रैक्चर हुआ है। तो मेसन के साथ काम करना अच्छा था।"

आत्मविश्वास से लैस ग्रीन को लगता है कि वह गेंद से अच्छा कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने इस सीज़न पांच शील्ड मैचों में केवल छह ही विकेट लिए है और 10 या उससे ज़्यादा ओवर उन्होंने नौ पारियों में केवल पांच बार ही किए हैं।

ग्रीन ने कहा, "मुझे लगता है पिछले साल शायद मेरे आत्मविश्वास में कमी थी। ज़ाहिर तौर पर पिछले कुछ सालों में मैंने ज़्यादा गेंदबाज़ी नहीं की थी और मुझ पर कुछ प्रतिबंध थे। तो मुझे पूरी उम्मीद है कि इस साल मैं ज़्यादा गेंदबाज़ी करूंगा तो एक अच्छी स्थिति में आ जाऊंगा।"

एक गेंदबाज़ के रूप में ग्रीन किस स्थिति से गुज़र रहे हैं तो उनके कप्तान पैट कमिंस इसको अच्छे से समझ सकते हैं। ग्रीन की तरह ही कमिंस ने 17 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था और 18 साल की उम्र में चार प्रथम श्रेणी मैच खेलने के बाद ही उन्हें टेस्ट मैच खेलने का मौक़ा मिल गया था।

ग्रीन की तुलना में कमिंस ने अपने पहले दो सालों में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते हुए छह मैचों में 22 विकेट 29.81 के बेहतरीन औसत से लिए थे। और अगले दो सालों में 20 से 22 की उम्र के बीच उन्होंने एक भी प्रथम श्रेणी मैच नहीं खेला। वह चोट की वजह से बाहर थे और उन्होंने तब डेनिस लिली के साथ अपने एक्शन को बदलने में समय बिताया था।

ग्रीन भी उसी समस्या से गुज़र रहे हैं। वह कभी गेंदबाज़ी में कमिंस नहीं बन पाएंगे ना ही स्टोक्स के क़रीब पहुंच पाएंगे। उनसे यह उम्मीद करना सही भी नहीं है, वो भी तब जब प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका बल्लेबाज़ी औसत 52 का हो।लेकिन तुलना तो होगी ही और कैमरन ग्रीन के लिए यह बिल्कुल भी आसान नहीं होगा।

ऐलेक्स मैल्कम ESPNcricinfo में एसोसिएट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।