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टेस्ट क्रिकेट में सफलता प्राप्त करने के लिए अभी भी भूखे हैं मैक्सवेल

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर को उम्मीद है कि अगले साल भारतीय दौरे पर टीम में उनका चयन ज़रूर होगा

Glenn Maxwell doing fielding practice on the Test tour of Sri Lanka

मैक्सवेल ने अपना आख़िरी टेस्ट 2017 में खेला था  •  Getty Images

ग्लेन मैक्सवेल ने ख़ुलासा किया है कि गॉल में श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेले गए हालिया टेस्ट सीरीज़ में जब उनका चयन टीम में नहीं हुआ था तो वे काफ़ी टूट चुके थे। हालांकि उस निराशा से अगले साल की शुरुआत में भारत के ख़िलाफ़ होने वाली टेस्ट सीरीज़ में शामिल होने की उनकी इच्छा और बढ़ गई है।
मैक्सवेल ने 2017 के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। 2019 में उन्होंने अपना अंतिम प्रथम श्रेणी मैच खेला था। हालांकि हालिया श्रीलंका सीरीज़ के दौरान जब ट्रेविस हेड चोटिल हो गए थे तो उनके बैक अप के रूप में मैक्सवेल को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें किसी मैच में टीम का हिस्सा बनने का मौक़ा नहीं मिला।
मैक्सवेल, श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट खेल सकते थे लेकिन ट्रेविस हेड ने अपना फ़िटनेस टेस्ट पास कर लिया, जिसके कारण वह पहले टेस्ट मैच के लिए चयनित हो गए। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने यह भी कहा था कि अगर दूसरे टेस्ट मैच की पिच पहले टेस्ट मैच की ही तरह होती तो हम मैक्सवेल को नंबर आठ पर मौक़ा दे सकते थे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और दूसरे टेस्ट मैच की पिच बल्लेबाज़ी के लिए शानदार थी और ऐसे में मैक्सवेल को टीम में शामिल नहीं किया गया।
मैक्सवेल ने दूसरे टेस्ट से बाहर होने के बारे में कहा, "जब मुझे इस बारे में बताया गया तो मैं टूट गया था। हालांकि मुझे ऐसा नहीं लगा था कि चयनकर्ताओं ने ग़लत फ़ैसला लिया है, लेकिन मैं वास्तव में काफ़ी निराश था। मैं बस उस मैच को खेलना चाहता था।"
उन्होंने आगे कहा, "यहां तक ​​कि दो साल तक टेस्ट क्रिकेट के बारे में ज़्यादा नहीं सोच रहा था लेकिन इस बार मुझे लगा था कि मैं फिर से इस फ़ॉर्मेट के लिए तैयार हूं। मुझे कोचों के साथ काम कर के काफ़ी अच्छा लगा। मुश्किल स्पिन गेंदबाज़ी के लिए नई रणनीति के साथ बल्लेबाज़ी करने का विचार भी मुझे काफ़ी पसंद आया था।" मैं ख़ुश था कि हेडी (ट्रैविस हेड) ने अपना फ़िटनेस टेस्ट पास कर लिया, क्योंकि किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उस खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल होना, मुझे अच्छा नहीं लगता। दुर्भाग्य से दूसरे टेस्ट में पिच की परिस्थिति पहले टेस्ट की तरह नहीं थी। अगर ऐसा नहीं होता तो शायद मुझे टीम में जगह मिल सकती थी। लेकिन गॉल के मैदानकर्मियों ने दूसरे टेस्ट में बेहतर पिच बनाई थी। इन परिस्थितियों के मुताबिक़ चयनकर्ताओं ने सही फ़ैसला लिया।"
"मैंने बहुत अधिक उत्साहित होने या अपनी आशाओं को बहुत अधिक बढ़ाने की कोशिश नहीं की क्योंकि मुझे पता है कि मैं उन परिस्थितियों में कई बार रहा हूं। मुझे 50-50 फ़ैसला या चयन के उतार-चढ़ाव का बढ़िया अनुभव है।"
मैक्सवेल अब अगले साल भारत के ख़िलाफ़ होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ में खेलने के लिए मज़बूती से तैयार हैं। इसका एक कारण यह भी है कि हेड ने पाकिस्तान और श्रीलंका के दौरे के पांच टेस्ट मैचों में 26 रनों का उच्चतम स्कोर बनाया है। हेड का अब एशिया में सात टेस्ट में औसत केवल 21.30 है और वह केवल एक बार 50 रनों के पार गए हैं। मैक्सवेल ने एशिया में अपने सभी सात टेस्ट खेले हैं और वहां उनका औसत सिर्फ़ 26.07 का है। हालांकि उन्होंने 2017 में ऑस्ट्रेलिया के भारत के आख़िरी टेस्ट दौरे पर रांची में उन्होंने शानदार शतक बनाया था।
ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष सात बल्लेबाज़ों में दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों का संतुलन काफ़ी महत्वपूर्ण होने वाला है। इसका सबसे बड़ा कारण भारतीय टीम का स्पिन अटैक है, जिसमें रवींद्र जाडेजा, अक्षर पटेल और आर अश्विन शामिल हैं।
लाल और सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में मैक्सवेल का भारत में तीनों का सामना करने का अनुभव काफ़ी है। यह निस्संदेह उन्हें चयन के दृष्टिकोण से एक फ़ायदे वाली बात है। उन्होंने यह भी ख़ुलासा किया है कि ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ताओं ने उनसे इस बारे में बात की है कि भारत दौरे से पहले उनके लिए कौन सी विशेष तैयारी सबसे अच्छी होगी।
इस बारे में मैक्सवेल ने कहा, "उन्होंने बस इतना ही पूछा कि आपको तैयार होने के लिए क्या चाहिए और क्या शील्ड क्रिकेट से फ़र्क पड़ेगा? मैंने कहा नहीं, वह पर्याप्त नहीं होगा। क्योंकि वहां की परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। ऑस्ट्रेलिया में हमारे प्रथम श्रेणी मैचों के दौरान स्पिनिंग ट्रैक के लिए तैयारी करना निश्चित रूप से कठिन है। मुझे लगता है कि हम मेलबर्न में अभ्यास कर सकते हैं। वहां गेंद थोड़ी स्पिन होती है। पिछले साल मेरा जंक्शन ओवल में प्री-सीज़न था। वहां हम एक ही पिचों का उपयोग करते थे। चार या पांच नेट सत्र के बाद वे पिच भारत की पिचों की तरह हो जाते थे।"

Alex Malcolm is an Associate Editor at ESPNcricinfo