मैच (13)
T20 वर्ल्ड कप (4)
SL vs WI [W] (1)
T20 Blast (8)
फ़ीचर्स

ऐशेज़ : 31 साल बाद महिला क्रिकेट में पांच दिन के टेस्ट की वापसी

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्रेंटब्रिज में खेला जाएगा पांच दिवसीय ऐशेज़ टेस्ट

The women's Ashes Test ended in a thrilling draw, Australia vs England, Only Test, Women's Ashes, Canberra, January 30, 2022

महिला ऐशेज़ (फ़ाइल फ़ोटो)  •  Getty Images

मल्टीफ़ॉर्मेट महिला ऐशेज़ ट्रेंटब्रिज में 22 जून से पांच दिवसीय टेस्ट के साथ शुरू होगा। हां आपने इसे बिलकुल सही पढ़ा। आख़िरकार महिलाओं के क्रिकेट में पांच दिवसीय टेस्ट की पुनः शुरुआत हो रही है। हालांकि यह महिला क्रिकेट में खेले जा रहे पांच दिवसीय टेस्ट का पहला उदाहरण नहीं है। 1992 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी में 19 से 23 फरवरी को पहला और एकमात्र पांच दिवसीय टेस्ट खेला गया था। मेहमान इंग्लैंड ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन कर मेज़बान ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से शिकस्त दी थी।
इतिहास के पन्ने पलटकर देखें तो पहला महिला टेस्ट 1934 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ब्रिस्बेन में खेला गया था। तब से कुल 146 टेस्ट खेले गए हैं, जिसमें से 51 में परिणाम निकला है, वहीं 93 ड्रॉ में समाप्त हुए हैं। दो मुक़ाबले पूरे भी नहीं हो पाए हैं।
पुरुष क्रिकेट में टेस्ट परिणामों की तुलना करें तो 16 जून, 2023 तक खेले गए 2526 पुरूष टेस्ट मैचों में से सिर्फ़ 786 ड्रॉ समाप्त हुए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि जहां सिर्फ़ 31% पुरूष टेस्ट मैचों के परिणाम नहीं निकले हैं, वहीं ड्रॉ हुए महिला टेस्ट मैचों का आंकड़ा 64% तक जाता है।
पुरुषों के टेस्ट में एक दिन में न्यूनतम 90 ओवर का खेल होता है, महिलाओं के टेस्ट में यह संख्या 100 ओवर तक हो जाती है। इस प्रकार जहां पुरूष टेस्ट में कुल 450 ओवर हो सकते हैं, वहीं महिला टेस्ट में यह संख्या सिमटकर सिर्फ़ 400 ओवर रहती है।
महिलाओं द्वारा खेले जा रहे टेस्ट की कुल संख्या के अलावा ड्रॉ हुए टेस्ट की संख्या भी उत्साहजनक नहीं है। ये प्रवृत्ति सिर्फ ऐतिहासिक नहीं है। पिछले छह वर्षों में केवल छह महिला टेस्ट खेले गए हैं और सभी ड्रॉ में समाप्त हुए हैं। क्या एक अतिरिक्त दिन महिलाओं के टेस्ट क्रिकेट में ड्रॉ का प्रतिशत कम कर सकता है? यदि 1992 में खेले गए एकमात्र पांच दिवसीय टेस्ट के परिणाम को ध्यान में रखे तो इसका उत्तर हां होगा।
2021 में ऑस्ट्रेलिया की मेग लानिंग ने महिलाओं के लिए पांच दिवसीय टेस्ट कराने पर ज़ोर दिया और कहा कि बारिश के कारण अगर खेल में रुकावट होती है तो एक अतिरिक्त दिन से टेस्ट में परिणाम आने कि संभावना बढ़ जाती है। इंग्लैंड की हेदर नाइट ने भी 2021 में भारत के ख़िलाफ़ ड्रॉ टेस्ट खेलने के बाद महिलाओं के लिए पांच दिवसीय टेस्ट का समर्थन किया। लानिंग और नाइट की तरह कई और लोग भी चाहते थे कि ऐसा हो।
2022 में जब आईसीसी प्रमुख ग्रेग बार्कली ने भी इस पर सहमति व्यक्त की कि महिलाओं के टेस्ट पांच दिनों के खेले जाने चाहिए, तो आशा की कुछ किरण जगी। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच बहुप्रतीक्षित पांच-दिवसीय टेस्ट के लिए कुछ ही घंटे बाक़ी है। प्रशंसकों ने पहले ही सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ इस क़दम का स्वागत किया है। महिला ऐशेज़ टेस्ट के लिए 11,000 से अधिक टिकट बेचे गए हैं, जो इस देश में खेले गए किसी भी महिला टेस्ट के लिए सबसे अधिक हैं।
चाहे टेस्ट की विजेता ऑस्ट्रेलिया हो या इंग्लैंड, इसमें कोई संदेह नहीं है कि महिला क्रिकेट ने पहले ही जीत हासिल कर ली है!

जुईली बल्लाल मुंबई की पूर्व क्रिकेटर हैं