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इयन चैपल ने 45 सालों के कॉमेंट्री करियर को अलविदा कहा

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मूलतया चैनल नाइन पर अपने सटीक और निष्पक्ष विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं

Ian Chappel interviewing Geakwad and Tendulkar. India in Bangladesh 2000/01, Only Test, Bangladesh v India, Bangabandhu National Stadium, Dhaka, 10-14 Nov 2000 (Day 3)

सचिन तेंदुलकर और अंशुमान गायकवाड़ के साथ एक इंटरव्यू में इयन चैपल (फ़ाइल फ़ोटो)  •  ESPNcricinfo Ltd

45 साल तक कॉमेंट्री बॉक्स में अपने सटीक और निष्पक्ष विश्लेषण के लिए प्रसिद्ध रह चुके इयन चैपल ने कॉमेंट्री से संन्यास लेने का फ़ैसला किया है। 78 वर्षीय चैपल ने 'सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड' अख़बार से कहा कि वह इस निर्णय के बारे में कुछ समय से सोच रहे थे।
उन्होंने कहा, "मुझे वो दिन याद है जब मैंने ठान लिया था कि मैंने पर्याप्त क्रिकेट खेल लिया है। एक मैच के दौरान मैंने घड़ी की ओर देखा और 11 बजकर पांच मिनट ही हुए थे। मैंने ख़ुद से कहा, 'अगर आप को घड़ी देखने की ज़रूरत पड़ रही है तो इसका मतलब है आपके जाने का समय है।' इसी तरह कॉमेंट्री से संन्यास लेने के बारे में मैंने काफ़ी सोचा है। कुछ साल पहले मुझे एक छोटा स्ट्रोक हुआ था लेकिन मैं उबर गया था। मुझे बस यह लगा कि इस उम्र में यात्रा करना, सीढ़ियां चढ़ना और कठिन हो जाएगा। फिर मैंने रैबिट्स [रग्बी कॉमेंटेटर रे वॉरन] के संन्यास लेने पर बयान को पढ़ा - 'आप ग़लती करने के एक वाक्य और क़रीब आ जाते हैं' - तो यह बात मेरे ज़ेहन में आई।"
चैपल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले गए 75 टेस्ट मैचों में से 30 में कप्तानी की और अपने खेल जीवन के आख़िरी पड़ाव में कॉमेंट्री करना शुरू किया। चैनल नाइन के प्रचलित कॉमेंट्री टीम में उन्होंने रिची बेनॉ, बिल लॉरी और टोनी ग्रेग के साथ एक समन्वय बिठाया और अगले तीन दशकों तक इनकी चौकड़ी ने क्रिकेट जगत का मनोरंजन किया।"
चैपल ने कहा, "केरी [पैकर, चैनल नाइन के मालिक] ने मुझे एक या दो बार नौकरी से निकालने का मन बनाया था। दरअसल वनडे क्रिकेट उनके दिल के बहुत क़रीब था और मैंने उस पर कुछ टिपण्णी की थी। यह लोगों पर है कि वह मुझे कैसे याद रखेंगे। कुछ सोचेंगे मैं अच्छा था और कुछ सोचेंगे मैं हमेशा बुराई ही करता था। मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं।"
चैपल को हालिया समय में स्किन कैंसर सहित काफ़ी स्वास्थ्य से जुड़े चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद वह ब्रॉडकास्ट और प्रिंट पर क्रिकेट के सबसे बुलंद आवाज़ों में एक हैं और नियमित तौर पर ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो में भी लिखते हैं।