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लक इंडेक्स :डिकॉक को तीन जीवनदान देना कोलकाता को महंगा पड़ा

तीन में से एक भी कैच पकड़ लिया जाता तो मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था

कोलकाता नाइट राइडर्स ने बेहद कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए एक अविश्वसनीय प्रयास किया, हालांकि वह दो रन से पीछे छूट गए। इस मैच में सबसे अधिक रन क्विंटन डिकॉक ने बनाए लेकिन कोलकाता ने उन्हें तीन जीवनदान दिए।
डिकॉक को जो तीन जीवनदान मिला, उसके कारण कोलकाता की टीम को भारी हरज़ाना भुगतना पड़ा। सबसे पहले तो जब डिकॉक 12 के स्कोर पर थे, तब उनका एक कैच टपकाया गया। इसके बाद जब वह 47 गेंदों में 67 रन बना कर खेल रहे थे तब सैम बिलिंग्स ने उनका कैच टपका दिया। इसके बाद अंतिम ओवर में भी नितीश राणा ने उनका कैच छोड़ा।
ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के लक इंडेक्स के अनुसार, पहले दो मौक़ों में कोलकाता को लगभग 30 रन और तीसरे जीवनदान में उन्हें छह रन का हरज़ाना भुगतना पड़ा। अगर इन तीनों में से एक भी कैच पकड़ लिया जाता तो शायद कोलकाता प्लेऑफ़ की दौड़ में बनी रहती।
पहले जीवनदान के बाद डिकॉक ने 60 गेंदों में 128 रन बनाए (जिसमें वह गेंद भी शामिल थी जिसमें उनका कैच छोड़ा गया)। लक इंडेक्स की गणना के अनुसार अगर तब डिकॉक का कैच पकड़ लिया जाता तो लखनऊ अपनी पारी में 28 रन कम बना पाती, जिसका अर्थ है कि कोलकाता 183 रनों का पीछा करती।
दूसरे जीवनदान के बाद, डिकॉक ने सिर्फ़ 23 गेंदों पर 72 रन बनाए। लक इंडेक्स के अनुसार उस जीवनदान के कारण भी कोलकाता को 30 रनों का नुकसान हुआ, जिसका मतलब है कि बिलिंग्स ने अगर वह कैच ले लिया होता, कोलकाता केवल 181 का पीछा कर रहा होती, 211 का नहीं।
क्या आपको यह जान कर हैरानी हुई कि दूसरे जीवनदान में लक इडेक्स ज़्यादा क्यों था। आइए आपको बताते हैं।
अगर डिकॉक उस गेंद पर आउट हो जाते तो नए बल्लेबाज़ों को आना पड़ता, जिन्होंने एक भी गेंद नहीं खेली थी। डिकॉक ने उस जीवनदान के बाद जितनी भी गेंदे खेलीं, वह एक नए बल्लेबाज़ को खेलनी पड़ती।
इस मैच में लखनऊ के सिर्फ़ दो बल्लेबाज़ों ने बल्लेबाज़ी की। अगर कोई नया बल्लेबाज़ आता तो उन्हें उन गेंदों को खेलना पड़ता। स्मार्ट स्टेट्स में उन आने वाले बल्लेबाज़ों के स्ट्राइक रेट के हिसाब से 59 गेंदों में 100 रन बनते, जबकि पहले जीवनदान के बाद डिकॉक ने 59 गेंदों में 128 रन बनाए।
दूसरे जीवनदान के बाद डिकॉक ने 327.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उस जीवनदान के बाद डिकॉक ने 22 गेदें खेलीं, जो कोलकाता को बहुत महंगा पड़ा।। स्मार्ट स्टैट्स के हिसाब से अगर डिकॉक की जगह कोई और बल्लेबाज़ होता तो 327.3 की बजाय 190.9 के स्ट्राइक रेट से रन बनाता।
पहली पारी खत़्म होने के चार गेंद पहले डिकॉक का एक और कैच छोड़ा गया। इसके बाद डिकॉक ने 13 रन बनाए। लक इंडेक्स के हिसाब से अगर यह कैच ले लिया जाता तो छह रन कम बनते।
कोलकाता के लिए यह एक करो या मरो वाला मैच था। ऐसे में इन तीनों कैचों को छोड़ना कोलकाता के लिए बहुत महंगा पड़ा।

एस राजेश ESPNcricinfo के स्टेट्स एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।