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रणनीति : हेड और अभिषेक के ख़तरे से कैसे पार पा सकती है KKR?

टॉस जीतकर क्या करना होगा फायदेमंद?, कैसे शांत होगा नारायण का बल्ला?

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और सनराइज़र्स हैदराबाद (SRH) इस सीज़न की दो सबसे तेज़ी से रन बनाने वाली टीमें रही हैं। मंगलवार को प्लेऑफ़ के पहले मुक़ाबले में भी यह दोनों टीमें कुछ उसी तरह के रंग में दिखाई दे सकती हैं। हालांकि अहमदाबाद में पिचों अलग तरह की भी हैं लेकिन यह होम टीम के ऊपर होता है कि वो किस तरह की पिच पर खेलना चाहती हैं। इसी सीज़न अहमदाबाद में कुछ वैसे भी मैच खेले गए हैं जब दो सौ से अधिक के टारगेट सफलतापूर्वक चेज़ किए गए हैं और एक मैच में तो पहली पारी में 231 का स्कोर भी बन चुका है। ऐसी पूरी संभावना है कि मंगलवार को भी एक हाई स्कोरिंग पिच पर ही मैच खेला जाएगा।

टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करें

अहमदाबाद में इस सीज़न छह में से दो मैच पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने जीते हैं। दो बार जब पहली बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने सफलतापूर्वक बचाव किया तब वो दोनों ही मैच दिन में खेले गए थे। हालांकि SRH के ट्रैक रिकॉर्ड पर आप नज़र डालेंगे तो आप इस नतीजे पर पहुंचेंगे कि SRH टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी ही लेगी।
SRH ने इस सीज़न चेज़ करते हुए सिर्फ़ दो ही मैच जीते हैं। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए उनका रन रेट बाद में बल्लेबाज़ी की तुलना में 1.07 अधिक है। SRH को पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा करने की आदत है। जबकि KKR इस तुलना में थोड़ी संतुलित स्थिति में है। KKR का पहले बल्लेबाज़ी करते हुए रन रेट 10.71 का है जबकि बाद में बल्लेबाज़ी करते हुए KKR का इस सीज़न रन रेट 10.30 का है।

भुवनेश्वर को पावरप्ले में अधिक गेंदबाज़ी दें

सुनील नारायण के बल्ले से इस सीज़न ना सिर्फ़ जमकर रन निकले हैं बल्कि तेज़ी से रन बटोरने के मामले में भी उनसे आगे सिर्फ़ दो ही बल्लेबाज़ हैं। हालांकि इस सीज़न उनका भुवनेश्वर कुमार से सामना नहीं हुआ है लेकिन नारायण उनके ख़िलाफ़ 31 गेंदों पर 34 रन ही बना पाए हैं और एक बाद उन्हें भुवनेश्वर का शिकार भी होना पड़ा है।
फ़िल सॉल्ट की अनुपस्थिति में रहमानुल्लाह गुरबाज़ नारायण के साथ पारी की शुरुआत करने के बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। हालंकि भुवनेश्वर की चार गेंदों पर उनके बल्ले से एक भी रन नहीं निकला है और दो बार वह उनका शिकार भी बन चुके हैं। जबकि इस स्लॉट के लिए दूसरे बड़े दावेदार वेंकटेश अय्यर भुवनेश्वर के ख़िलाफ़ एक बार भी आउट तो नहीं हुए हैं लेकिन भुवनेश्वर के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट महज़ 88 का है। भुवनेश्वर निश्चित तौर पर चाहेंगे कि पावरप्ले में उन्हें श्रेयस अय्यर को भी गेंदबाज़ी करने का अवसर मिले, जिन्हें वह तीन बार अपना शिकार बना चुके हैं।

हेड और अभिषेक को बांधना इतना आसान नहीं

अगर अभिषेक शर्मा स्पिनर्स के ख़िलाफ़ इतनी अच्छी लय में नहीं होते तो संभव है कि KKR गेंदबाज़ी की शुरुआत अपने दो प्रमुख हथियार नारायण और वरुण चक्रवर्ती से भी करवाती। विल जैक्स ने ट्रैविस हेड को जब ऑफ़ स्टंप के बाहर गेंद रखी थी तब उन्हें सफलता मिल गई थी। KKR के दोनों स्पिनर ऑफ़ ब्रेक गेंदें डाल सकते हैं, ऐसे में KKR के कप्तान एक छोर से स्पिन को आक्रमण पर रख सकते हैं।
वैभव अरोड़ा टॉप ऑफ़ द ऑफ़ स्टंप की लाइन में गेंद को रखकर बाहर ले जाने में विश्वास रखते हैं। ऐसे में वैभव KKR की योजनाओं का अहम हिस्सा हो सकते हैं क्योंकि इस लाइन और लेंथ पर अभिषेक को काफ़ी असहज होते देखा गया है। हालांकि हेड को अपने चंगुल में फंसाने के लिए KKR के तेज़ गेंदबाज़ों को थोड़ी और डिफेंसिव लाइन डालनी होगी।

क्लासेन का तोड़ रसल

हाइनरिक क्लासेन को शांत करने के लिए KKR के पास आंद्रे रसल नाम का बड़ा हथियार है। क्लासेन SRH के मध्य क्रम की रीढ़ हैं और उन्होंने स्पिन और बाएं हाथ के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ जमकर रन बरसाए हैं। KKR के विरुद्ध इस सीज़न खेले मैच में क्लासेन ने जब 29 गेंदों पर 63 रन बनाए थे तब रसल और नारायण ने मिलकर उनके ख़िलाफ़ तीन ओवर की गेंदबाज़ी ही की थी।

रसल के ख़िलाफ़ वियसकांत को लाओ

गेंदबाज़ी के साथ ही रसल ने इस सीज़न अपने बल्ले से भी KKR के लिए अहमद योगदान दिया है। लेग स्पिन को छोड़कर रसल हर तरह की गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ अच्छी लय में नज़र आए हैं। ऐसे में SRH विजयकांत वियसकांत को रसल के लिए बचा कर रख सकती है।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के वरिष्ठ लेखक हैं।