मैच (5)
विश्व कप लीग 2 (1)
PSL 2024 (1)
WPL (1)
रणजी ट्रॉफ़ी (1)
Nepal Tri-Nation (1)
ख़बरें

धोनी अपने खिलाड़ियों को अच्छी तरह से समझते हैं : मुरलीधरन

क्या है आईपीएल में कप्तान धोनी की सफलता का राज़?

आईपीएल के पहले तीन सीज़न में मुरलीधरन के धोनी की अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व किया था  •  Hindustan Times via Getty Images

आईपीएल के पहले तीन सीज़न में मुरलीधरन के धोनी की अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रतिनिधित्व किया था  •  Hindustan Times via Getty Images

श्रीलंका के महान ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ मुथैया मुरलीधरन का मानना है कि अपने साथी खिलाड़ियों को अच्छे तरीक़े से समझने की कला महेंद्र सिंह धोनी को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में एक सफल कप्तान बनाती है।
ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के एक विशेष शो में धोनी की कप्तानी में अपने पहले आईपीएल सीज़न के बारे में पूछे जाने पर मुरलीधरन ने कहा, "उस समय टूर्नामेंट का पहला ही सीज़न होने से टीम अपनी रणनीति बनाने में जुटी थी। हमारी टीम (चेन्नई सुपर किंग्स) में कई दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे जो लंबे समय से राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ऐसे में टीम के कप्तान धोनी ने बहुत अच्छा काम किया। वह फ़्रेंचाइज़ी क्रिकेट में पहली बार कप्तानी कर रहे थे लेकिन उन्हें खिलाड़ियों को समझना आता था। उनके टीम चयन अमूमन सही साबित होते थे और उनकी कप्तानी में मुझे बहुत मज़ा आया।"
2008 में आईपीएल के पहले सीज़न में चेन्नई सुपर किंग्स ने आठ मैच जीतकर अंक तालिका में पहली चार टीमों में जगह बनाने का सिलसिला शुरू किया था। साल 2019 तक वह जब भी आईपीएल खेले, उन्होंने टॉप चार में अपनी जगह बनाई।
मुरलीधरन ने चकाचौंद से भरे उस नए-नवेले टूर्नामेंट की यादों को ताज़ा किया। उन्होंने कहा, "अगर आप पहले सीज़न को याद करें तो पिच बहुत सपाट थी। विकेट में टर्न बहुत कम था और तेज़ गेंदबाज़ों को काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। टीमें आसानी से 200 का आंकड़ा पार कर जाती थी। और तो और एक पारी में 150 रन बनाना एक आम बात बन चुकी थी।"
इन मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद मुरलीधरन ने पहले सीज़न में अच्छा प्रदर्शन किया था। वह 15 मैचों में कुल 11 विकेट झटकने में क़ामयाब हुए थे। ऐसा कर वह सुपर किंग्स के लिए संयुक्त रूप से तीसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ भी बने।
पहले संस्करण में अपनी रणनीतियों का ख़ुलासा करते हुए मुरलीधरन ने कहा, "उस सीज़न मैं विकेट लेने से ज़्यादा रन रोकने पर ध्यान देता था। इसी वजह से मुझे विकेट भी मिल जाते थे। मैंने पहले तीन सीज़न में भले ही कम विकेट लिए हो पर मेरी इकॉनमी बहुत अच्छी रहती थी जिससे मैं टीम को मैच जिताने में मदद करता था।"

अफ़्ज़ल जिवानी ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं | @jiwani_afzal