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अश्विन : वनडे विश्व कप के मैच सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हों

भारतीय ऑफ़ स्पिनर के अनुसार ऐसा करने से ओस का प्रभाव कम होगा

आर अश्विन : 'अगर हम सुबह साढ़े 11 बजे शुरुआत करेंगे तो ओस का प्रभाव पड़ेगा ही नहीं'  •  AFP/Getty Images

आर अश्विन : 'अगर हम सुबह साढ़े 11 बजे शुरुआत करेंगे तो ओस का प्रभाव पड़ेगा ही नहीं'  •  AFP/Getty Images

क्या ओस के प्रभाव को कम करने के लिए भारत में डे-नाइट मैचों को जल्दी शुरू किया जाना चाहिए? ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को तो ऐसा ही लगता है। वह चाहते हैं कि अक्तूबर-नवंबर में भारत में खेले जाने वाले आगामी वनडे विश्व कप में मैचों को सुबह साढ़े 11 बजे शुरू किया जाना चाहिए। यह भारत में आमतौर पर डे-नाइट मैचों के शुरुआत समय से पूरे दो घंटे पहले है।
अपने यूट्यूब चैनल पर डाले गए वीडियो में अश्विन ने गुवाहाटी में श्रीलंका के विरुद्ध भारत के पहले वनडे का उदाहरण देते हुए कहा कि ओस लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को अनुचित लाभ देता है। पहले बल्लेबाज़ी के लिए भेजे जाने के बाद भारत ने ओस को ध्यान में रखते हुए आक्रामकता के साथ बल्लेबाज़ी की और 373 रन बनाए। भारत ने 67 रनों से मैच जीता लेकिन अश्विन को लगा कि इस अंतर से टीम के प्रदर्शन का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता।
अश्विन ने कहा, "भारत ने धीमी विकेट पर बढ़िया बल्लेबाज़ी की और पर्याप्त से अधिक स्कोर खड़ा किया। फिर भी उसे (जीतने के लिए) एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना पड़ा। दोनों टीमों की गुणवत्ता के बीच का अंतर साफ़ तौर पर नज़र नहीं आ रहा है। टॉस हारने पर ओस उस अंतर को कम कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरा सुझाव या यूं कहे मेरा मानना है कि विश्व कप के लिए मेज़बान मैदानों और मैच की शुरुआत के समय को देखा जाए। क्यों ना हम विश्व कप के दौरान सुबह साढ़े 11 बजे मैच शुरू करें?"
भारत में डे-नाइट वनडे मैच दोपहर डेढ़ बजे शुरू होते हैं। मैच को जल्दी शुरू करने से बल्ले और गेंद के बीच सही मुक़ाबला देखने को मिलेगा लेकिन ब्रॉडकास्टर इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हो सकते हैं क्योंकि इससे दर्शकों की मात्रा में कटौती होगी। हालांकि अश्विन ने कहा कि समय को ध्यान में न रखते हुए भी फ़ैंस विश्व कप मैच देखेंगे।
ऑफ़ स्पिनर ने कहा, "लोग टीवी के दर्शकों और ब्रॉडकास्टरों का मुद्दा उठाएंगे और कहेंगे कि लोग उस समय मैच नहीं देखेंगे पर वह विश्व कप के मैच क्यों नहीं देखेंगे? हालिया टी20 विश्व कप भी ठंडी के मौसम में खेला गया था और गर्मी के महीनों का इस्तेमाल (ऑस्ट्रेलिया के घरेलू द्विपक्षीय सीज़न) के लिए किया गया। यह सही समीकरण नहीं था, टी20 तेज़ गति वाला खेल है और आप इसे ठंड में कैसे खेल सकते हैं? लोग कहेंगे कि ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं होता है लेकिन फिर भी हमें विश्व कप को प्राथमिकता देनी चाहिए।"
अश्विन ने आगे कहा, "आईसीसी भली-भांति जानती है कि ओस होगी तो मैच को जल्दी शुरू किया जाए और अगर हम सुबह साढ़े 11 बजे शुरुआत करेंगे तो ओस का प्रभाव आएगा ही नहीं। और क्यों नहीं? क्या सभी क्रिकेट फ़ैंस विश्व कप को प्राथमिकता देते हुए साढ़े 11 बजे मैच नहीं देखेंगे?"
अश्विन ने सुझाव दिया कि दुनिया भर की टीमें ओस को भारत में डे-नाइट मैचों को आकार देने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक के रूप में देखती हैं।
उन्होंने कहा, "ईसीबी ने हाल ही में एनालिस्ट पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए और मुझे अपनी पहचान वाले कुछ एनालिस्टों से पता चला कि उन्हें पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक था, 'सफ़ेद गेंद क्रिकेट में भारतीय परिस्थितियों में ओस कितनी बड़ी कारक हैं?' वे 2023 विश्व कप से पहले सर्वश्रेष्ठ विश्लेषणात्मक उपकरण लाना चाहते हैं और उन्होंने सभी प्रासंगिक प्रश्न पूछे हैं। तो आप देख सकते हैं कि विश्व क्रिकेट में हर कोई सोचता है कि भारतीय परिस्थितियों में ओस कितनी महत्वपूर्ण है।"