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सुनील गावस्कर ने भारतीय टीम के चयन पर उठाए गंभीर सवाल

पूर्व भारतीय कप्तान ने पूछा है कि सभी बल्लेबाज़ों की विफलता के लिए सिर्फ़ पुजारा को ही बली का बकरा क्यों बनाया जाए

Sunil Gavaskar presents Cheteshwar Pujara with a cap to mark his 100th Test, India vs Australia, 2nd Test, Delhi, February 17, 2023

गावस्कार ने कहा है कि पुजारा अभी भी भारतीय क्रिकेट को कुछ और साल की सेवा दे सकते हैं  •  Getty Images

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि चेतेश्वर पुजारा को भारत की बल्लेबाज़ी विफलताओं के लिए "बलि का बकरा" बनाया गया है। हाल ही में भारतीय टीम को डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 209 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
भारतीय टीम में जितने भी बल्लेबाज़ों ने डब्ल्यूटीसी के फ़ाइनल में हिस्सा लिया था, उसमें से वेस्टइंडीज़ दौरे पर सिर्फ़ चेतेश्वर पुजारा को चयनित नहीं किया गया। भारत अपने अगले डब्ल्यूटीसी साइकिल की शुरुआत जुलाई में वेस्टइंडीज़ दौरे के साथ करेगा। चयनकर्ताओं ने इस बार टेस्ट टीम में ऋतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल जैसे नए चेहरों को भारत के 17 सदस्यीय टेस्ट टीम में मौक़ा दिया है। इस पूरी चयन प्रकिया का एक मतलब यह भी है कि भारत अब तीसरे नंबर पर यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋतुराज गायकवाड़ में से किसी एक खिलाड़ी को मौक़ा देगा।
गावस्कर ने इंडिया टुडे से कहा, "उन्हें क्यों ड्रॉप किया गया है? हमारी बल्लेबाज़ी विफलताओं के लिए उन्हें बलि का बकरा क्यों बनाया गया है? वह भारतीय क्रिकेट के वफ़ादार सेवक रहे हैं। हालांकि प्लेटफ़ॉर्म (सोशल मीडिया) पर उनके लाखों फॉलोअर्स नहीं हैं, जो उन्हें हटाए जाने पर शोर मचा सकें। इसलिए आप उन्हें हटा देते हैं। यह मेरी समझ से परे है। उन्हें हटाने और असफल होने वाले अन्य खिलाड़ियों को टीम में रखने का मानदंड क्या है? मुझे नहीं पता क्योंकि आजकल चयन समिति के अध्यक्ष के साथ कोई मीडिया इंटरेक्शन नहीं होता है, जहां आप ये सवाल पूछ सकें।''
ओवल में पुजारा ने 14 और 27 रन का निजी स्कोर बनाया था। कुल मिलाकर 2021-23 डब्ल्यूटीसी चक्र में उन्होंने 32 पारियों में 32 की औसत से कुल 928 रन बनाए थे। उस डब्ल्यूटीसी चक्र में वह भारत के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। इसकी तुलना में विराट कोहली ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करते हुए 30 पारियों में 932 रन बनाए थे।
"सरफ़राज़ ख़ान पिछले तीन सीज़न में 100 की औसत से रन बना रहे हैं। उन्हें टीम में चुने जाने के लिए क्या करना होगा? हो सकता है कि वह एकादश में न हों, लेकिन आप उन्हें टीम में चुनें। उन्हें बताएं कि उनके प्रदर्शन को मान्यता दी जा रही है। अन्यथा रणजी ट्रॉफ़ी बंद कर दें। कह दें कि इसका कोई फ़ायदा नहीं है। आप सिर्फ़ आईपीएल में अच्छा खेलते हैं और सोचते हैं कि आप लाल गेंद की क्रिकेट के में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे।"
सुनील गावस्कर
गावस्कर का मानना ​​है कि पुजारा अभी भी भारतीय क्रिकेट को कुछ साल दे सकते हैं, लेकिन टीम में वापसी की राह लंबी हो सकती है। ख़ासकर अगर ऋषभ पंत, केएल राहुल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी टीम में वापसी करते हैं तो यह और भी कठिन हो सकता है।
जब गावस्कर से पूछा गया कि क्या पुजारा वापसी कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "वह लगातार काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं। आज के ज़माने में लोग 39-40 साल की उम्र तक खेल सकते हैं। इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है। वे सभी बहुत फ़िट हैं। जब तक आप रन बना रहे हैं और विकेट ले रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि उम्र किसी तरह की समस्या है। यह स्पष्ट है कि केवल एक ही खिलाड़ी को बाहर किया गया है, जबकि अन्य खिलाड़ी भी विफल रहे हैं। (अजिंक्य) रहाणे के अलावा बल्लेबाज़ी पूरी तरह से विफल रही थी। पुजारा को ही सिर्फ़ इसके लिए दोषी क्यों बनाया गया है। चयनकर्ताओं को यह समझाने की ज़रूरत है।''
गावस्कर ने विशेष रूप से सरफ़राज़ ख़ान को लगातार नज़रअंदाज़ किए जाने पर रणजी ट्रॉफ़ी के बारे में भी सवाल उठाया है। 25 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले तीन सीज़न में रनों का पहाड़ खड़ा किया है। उनका प्रथम श्रेणी औसत डॉन ब्रैडमैन के बाद दूसरे स्थान पर है। उनका औसत 79.65 है, जिसमें 13 शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि उनका आईपीएल अच्छा नहीं गया था।
गावस्कर ने अफ़सोस जताते हुए कहा, "आप आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो आपको टेस्ट क्रिकेट में भी चुना जाएगा। फ़िलहाल ऐसी ही स्थिति लग रही है। अगर आप टीम के चयन को देखें तो आपके पास दो टेस्ट मैचों के लिए चार शुरुआती बल्लेबाज़ हैं। यह तेज़ गेंदबाज़ी के मामले में पुराना वेस्टइंडीज़ नहीं है, जहां आपको छह शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों की ज़रूरत थी।"
"सरफ़राज़ ख़ान पिछले तीन सीज़न में 100 की औसत से रन बना रहे हैं। उन्हें टीम में चुने जाने के लिए क्या करना होगा? हो सकता है कि वह एकादश में न हों, लेकिन आप उन्हें टीम में चुनें। उन्हें बताएं कि उनके प्रदर्शन को मान्यता दी जा रही है। अन्यथा रणजी ट्रॉफ़ी बंद कर दें। कह दें कि इसका कोई फ़ायदा नहीं है। आप सिर्फ़ आईपीएल में अच्छा खेलते हैं और सोचते हैं कि आप लाल गेंद की क्रिकेट के में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे।"