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ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा : कैसे उस्मान ने उपमहाद्वीप में स्पिन के ख़िलाफ़ महारत हासिल की

भारत में अपने पहले दौरे पर आए ख़्वाजा को टेस्ट सीरीज़ में खेलने का मौक़ा ही नहीं मिला था

एक वक़्त था जब उपमहाद्वीप में उस्मान ख़्वाजा को ऑस्ट्रेलियाई टीम में कमज़ोरी के रूप में देखा जाता था। वहां से भारतीय सरज़मीं पर उनके पहले सैंकड़े तक का सफ़र काफ़ी लंबा और नाटकीय रहा है।
2011 : श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़
पारियां : 3, रन : 60, औसत : 30.00
ऑस्ट्रेलिया के लिए उपमहाद्वीप में दौरा करते हुए पहली पारी में ख़्वाजा ने एक अभ्यास मैच में शतक जड़ा था। उसी साल में इंग्लैंड के विरुद्ध डेब्यू करने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने तीन टेस्ट सीरीज़ में पहले दो मैच खेले थे, जिनमें पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को जीत भी मिली थी।
2013 : भारत में टेस्ट सीरीज़
भारत में अपने पहले दौरे पर आए ख़्वाजा को टेस्ट सीरीज़ में खेलने का मौक़ा ही नहीं मिला। ख़्वाजा उन चार खिलाड़ियों में थे जिन्हें तब के कोच मिकी आर्थर ने होमवर्क नहीं करने पर तीसरे टेस्ट के लिए चयन से बाहर करने का दंड दिया था।
2015 : ऑस्ट्रेलिया ए के साथ भारत का दौरा
यह ऑस्ट्रेलिया ए के साथ भारत का उनका दूसरा दौरा था। उन्होंने चार-दिवसीय मैचों में कुछ ख़ास नहीं किया लेकिन वनडे मैचों में ज़्यादा लय पकड़ते दिखे। उन्होंने इंडिया ए के विरुद्ध 100 और 76 बनाए और साउथ अफ़्रीका ए के ख़िलाफ़ 73 की पारी खेली।
2016 : श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़
पारियां : 4, रन : 55, औसत : 13.75
2016 में जब ऑस्ट्रेलिया श्रीलंका लौटा तो सभी बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशानी हुई। ख़्वाजा को ऑफ़ स्पिनर दिलरुवान परेरा ने ख़ासा परेशान किया और गॉल में दूसरी पारी में उनकी गेंद पर ऑफ़ स्टंप खोकर उन्होंने टीम में अपनी जगह गंवा दी।
2016-17 : भारत में टेस्ट सीरीज़
इस दौरे पर भी ख़्वाजा का रोल ड्रिंक्स के दौरान पानी लेकर मैदान पर उतरने तक ही सीमित रहा। उन्होंने कहा, "मेरे करियर के मध्य भाग में कई बार मुझे बताया गया था कि मैं स्पिन नहीं खेल सकता। इसके चलते मुझे भारत में कोई मौक़े नहीं मिले।"
2017 : बांग्लादेश में टेस्ट सीरीज़
पारियां : 2, रन : 2, औसत : 1.00
उसी साल के आख़िर में ख़्वाजा उस ऑस्ट्रेलियाई दल का हिस्सा थे जब बांग्लादेश ने टेस्ट इतिहास में पहली बार उन्हें हराया था। पहले टेस्ट में ख़्वाजा ने 1 और 1 की पारियां खेली और दूसरे टेस्ट में उन्हें ड्रॉप कर दिया। अहमदाबाद में वह बोले, "जब भी मैं स्पिन के ख़िलाफ़ असफल रहता, तो लोग कहते, 'तुम स्पिन नहीं खेल सकते।' शायद मैं यह विश्वास करने लगा था।"
2018 : ऑस्ट्रेलिया ए के साथ भारत दौरा
एक और ए टीम दौरा और इस बार ख़्वाजा के ज़िद्द ने उन्हें दोनों फ़ॉर्मैट में सफलता दिलाई। एक प्रथम-श्रेणी शतक के अलावा उन्होंने इंडिया बी के विरुद्ध एक वनडे मैच में भी शतक जड़ा था।
2018 : पाकिस्तान के विरुद्ध टेस्ट सीरीज़
पारियां: 3; रन: 229; औसत: 76.33
ऑस्ट्रेलिया ए के दौरे के बाद यूएई में पाकिस्तान के विरुद्ध टेस्ट सीरीज़ में ख़्वाजा ज़बरदस्त फ़ॉर्म में नज़र आए। दुबई में पहली पारी में 85 बनाने के बाद उन्होंने मैच बचाने में 141 की यादगार पारी खेली।
2019 : भारत और पाकिस्तान के विरुद्ध वनडे सीरीज़
पारियां: 10; रन: 655; औसत: 65.50
2019 विश्व कप से पहले उपमहाद्वीप में आख़िरकार ख़्वाजा के बल्ले से शतक भी निकले, हालांकि सफ़ेद गेंद क्रिकेट में। उन्होंने रांची और दिल्ली में शतकीय पारियां खेली, और मोहाली में 91 बनाए, जिसके चलते उन्हें प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ का पुरस्कार मिला। यूएई में पाकिस्तान के विरुद्ध तीन और अर्धशतक उनके खाते में आए।
2022 : पाकिस्तान में टेस्ट सीरीज़
पारियां: 5; रन: 496; औसत: 165.33
ऑस्ट्रेलिया 24 साल बाद क्रिकेट खेलने पाकिस्तान लौटा तो ख़्वाजा को भी अपने जन्मस्थान में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अवसर मिला। उन्होंने कराची और लाहौर दोनों में शतक ठोके। इस दौरे पर उन्होंने कहा, "सबका कहना था कि पाकिस्तान में पिच बहुत ज़्यादा सपाट थे। लेकिन मैं ही इकलौता (ऑस्ट्रेलियाई) खिलाड़ी था जिसने सैंकड़े जड़े।"
2022 : श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़
पारियां: 4; रन: 137; रन: 45.66
श्रीलंका के ख़िलाफ़ सीरीज़ में पिच बिलकुल विपरीत थे, ख़ासकर पहले टेस्ट में, जहां ख़्वाजा के 71 रनों की पारी के चलते ऑस्ट्रेलिया को बहुमूल्य लीड भी मिली। उन्होंने कहा, "गॉल में अत्यधिक टर्न लेती पिच पर मैंने बड़ी पारी खेली थी। इस पूरे समय की सबसे संतोषजनक बात रही है कि जब भी मैंने रन बनाए हैं, तब ऑस्ट्रेलिया को जीत मिली है।"
2023 : भारत में टेस्ट सीरीज़
पारियां: 7; रन: 333; रन: 47.57
मौजूदा दौरे पर चुनौतीपूर्ण पिचों की कमी नहीं रही है। इसके बावजूद ख़्वाजा ने दिल्ली में 81 रनों की कुशल पारी खेली और फिर इंदौर में भी टीम की अगुआई बल्ले के साथ की। इस सब के बाद दौरे पर पहली बार अनुकूल परिस्थितियों को पाते हुए उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लौटने के बाद अपना छठा शतक जड़ दिया। उन्होंने इसके बारे में कहा, "मैंने इस पारी के बारे में सपने में भी नहीं सोचा होगा।"

ऐंड्रयू मक्ग्लैशन ESPNcricinfo के डिप्टी एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo के स्थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।