मैच (15)
WPL (1)
T20 WC अभ्यास मैच (6)
अंडर-19 विश्व कप (1)
Sheffield Shield (3)
रणजी ट्रॉफ़ी (4)
फ़ीचर्स

ताक़त और गहराई के साथ उतरेगी इस बार वेस्टइंडीज़

शे होप की टीम एक दशक का सूखा समाप्त करना चाहेगी

Alagappan Muthu
अलगप्पन मुथु
Feb 5, 2026, 4:32 AM • 13 hrs ago

ग्रुप मैच

बनाम स्कॉटलैंड, कोलकाता, 7 फ़रवरी
बनाम इंग्लैंड, मुंबई, 11 फ़रवरी
बनाम नेपाल, मुंबई, 15 फ़रवरी
बनाम इटली, कोलकाता, 19 फ़रवरी

बड़ी तस्वीर: टीम में गहराई के साथ ताक़त भी

छक्के लगाना ही वह तरीका था, जिससे वेस्टइंडीज़ ने 2016 में अपना पिछला T20 विश्व कप जीता था। 2026 T20 विश्व कप के लिए चुनी गई उनकी टीम में ताक़तवर खिलाड़ियों की भरमार है। उस समय ट्रॉफ़ी उठाने वाले डैरेन सैमी अब टीम के प्रमुख कोच हैं और उनका मानना है कि कुछ ख़ास होने वाला है।"
शायद इसकी ज़रूरत भी है क्योंकि 20 टीमों में वेस्टइंडीज़ की जीत-हार का अनुपात (0.52) दूसरा सबसे कम है और उन्होंने 2024 के पिछले T20 विश्व कप के बाद 43 मैचों में से सिर्फ़ 14 मैच जीते हैं। हालांकि एक राहत की बात यह है कि उन्हें इस दौरान ज़्यादा मज़बूत विरोधियों का सामना करना पड़ा है।
शुरुआती विकेट वेस्टइंडीज़ के मैचों का फैसला करने वाले नहीं होंगे, क्योंकि वे ऐसी बल्लेबाज़ी लाइन-अप उतार सकते हैं, जिसमें 11 नंबर तक बल्लेबाज़ी की गहराई हो। पिछले सात महीनों में उनके मध्य क्रम (नंबर 4 से 7) ने 150 छक्के लगाए हैं और उनसे आगे सिर्फ़ एक टीम है। इसके अलावा इस दौरान उनके बल्लेबाज़ों ने आठ पचास से ज़्यादा के स्कोर बनाए हैं, जिसमें सिर्फ़ तीन टीमें उनसे बेहतर हैं।
शीर्ष क्रम को मज़बूत करने के लिए ऐसी भी रिपोर्ट्स थीं कि क्रिकेट वेस्टइंडीज़ (CWI) ने निकोलस पूरन से उनका संन्यास वापस लेने के लिए संपर्क किया था। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने दल में शिमरन हेटमायर को शामिल किया। नंबर 3 पर साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उनका प्रदर्शन काफ़ी उम्मीद जगाने वाला रहा। उन्होंने तीन पारियों में 178.12 की स्ट्राइक रेट से 171 रन बनाए हैं।

हालिया फ़ॉर्म

वेस्टइंडीज़ उसी टीम के साथ साउथ अफ़्रीका से 2-1 से हार गई, जिसे उन्होंने T20 विश्व कप के लिए चुना है। इससे पहले वे अफगानिस्तान से 2-1 और न्यूज़ीलैंड से 3-1 से हार चुके हैं।

इन पर रहेंगी नज़रें: होल्डर, शमार और मोती

जेसन होल्डर 2016 का T20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें खेलने का मौक़ा नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने अपने स्किल का दायरा बढ़ाया है और अब वे ड्वेन ब्रावो की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं, जिसमें डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी करना और राउंड द विकेट से एंगल बनाकर दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को बांधना शामिल है।
शमार जोसेफ़ नई गेंद से ख़तरा बन सकते हैं। हालांकि यह पहले जैसा होगा या नहीं, यह देखना बाक़ी है। यह तेज़ गेंदबाज़ लंबे समय बाद फिर से सुर्ख़ियों में लौट रहा है। जनवरी के मध्य में अफ़गानिस्तान सीरीज़ से पहले उन्होंने चार महीने तक कोई क्रिकेट नहीं खेला था।
गुदाकेश मोती भी विश्व कप से पहले कुछ मैच नहीं खेल पाए, क्योंकि उन्हें अपनी गेंदबाज़ी ऐक्शन से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें दूर करनी थीं। हालांकि, एक बाएं हाथ के गेंदबाज़ के तौर पर, जो ऑर्थोडॉक्स और कलाई की स्पिन दोनों डाल सकते हैं, वे उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में टीम के लिए काफ़ी अहम साबित हो सकते हैं।

आख़िरी मौका

जॉनसन चार्ल्स अब 37 साल के हो चुके हैं। हालांकि वे मुख्य रूप से ओपनिंग बल्लेबाज़ हैं, लेकिन पिछली 40 पारियों में वे सिर्फ तीन बार ही पचास से ज़्यादा का स्कोर बना पाए हैं।

सर्वश्रेष्ठ एकादश

1 शे होप (कप्तान, विकेटकीपर), 2 ब्रैंडन किंग/जॉनसन चार्ल्स, 3 शिमरन हेटमायर, 4 रॉस्टन चेज़, 5 रोवमन पॉवेल, 6 शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड, 7 रोमारियो शेफ़र्ड, 8 जेसन होल्डर, 9 अकील हुसैन, 10 गुदाकेश मोती/मैथ्यू फ़ोर्ड, 11 शमार जोसेफ़/जेडन सील्स

अलगप्पन मुथु ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं