WPL फ़ाइनल से पहले मांधना और रॉड्रिग्स तनावमुक्त नज़र आईं
रॉड्रिग्स ने कहा कि कप्तानी ने उनके विकास में उनकी काफ़ी मदद की है
ESPNcricinfo स्टाफ़
Feb 4, 2026, 4:31 PM • 6 hrs ago
फ़ाइनल से पहले Smriti Mandhana और Jemimah Rodrigues तनावमुक्त नज़र आईं • BCCI
वड़ोदरा में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच होने वाले WPL 2026 के फ़ाइनल की पूर्व संध्या पर "चिल मारो" की चर्चा थी। दो परम मित्र जेमिमाह रॉड्रिग्स और स्मृति मांधना दूसरी बार फ़ाइनल में आमने-सामने होने से पहले एक दूसरे के साथ थीं।
गुरुवार शाम तक रॉड्रिग्स पांच दिनों के भीतर तीन मुक़ाबले खेल चुकी होंगी। हालांकि DC को फ़ाइनल में ले जाने वालीं रॉड्रिग्स ने एलिमिनेटर के बाद बताया था कि कैसे चीज़ों को पकड़े न रखने के मूलमंत्र ने न सिर्फ़ प्रदर्शन करने के दबाव से छुटकारा पाने बल्कि टीम का नेतृत्व करने में भी मदद की।
रॉड्रिग्स ने कहा था, "मुझे लगता है कि मैं ज़रूरत से ज़्यादा कोशिश कर रही थी। और पिछले दो मुक़ाबलों में मैंने चीज़ों को पकड़े न रखने का फ़ैसला किया। मैंने अपने आप को बैक किया और अभ्यास करने के लिए भी नहीं गई क्योंकि मैं अभ्यास में काफ़ी मशक़्क़त कर रही थी और हर गेंद को परफ़ेक्टली हिट करने की कोशिश कर रही थी।"
"लेकिन फिर मुझे उस कथन की याद आई जो मैंने एक इंटरव्यू में सुनी थी, अगर आप तितली को पकड़ने के लिए जितना उसके पीछे भागेंगे वो उतनी ही दूर चली जाएगी। लेकिन आप जितना उसे जाने देंगे वो आपके कंधे पर आकर बैठ जाएगी। और मैंने वैसा ही किया।"
इसकी झलक मंगलवार को खेले गए एलिमिनेटर में भी दिखाई दी जिसमें रॉड्रिग्स ने 23 गेंदों पर 41 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को फ़ाइनल में पहुंचाया।
मांधना की RCB गोवा की बीचों पर छोटा ब्रेक बिताकर आ रही है। खिलाड़ी जो करना चाहती हैं उन्हें इसकी छूट दी गई। कुछ ने पार्टी की, कुछ ने सूरज का लुत्फ़ उठाया, कुछ ने गोल्फ़ खेलकर समय बिताया।
मांधना ने कहा, "हां, यह बहुत ज़रूरी था। छह दिनों तक यह सोचने के कि आगे क्या होगा, कौन फ़ाइनल खेलेगा, इसके बजाय पहले दो तीन दिनों का ब्रेक अच्छा रहा। लेकिन हां, हम वापस आए और हमने काफ़ी अभ्यास किया जो कि इस टीम की ख़ूबी रही है। और मैं ख़ुश हूं कि सभी तरोताज़ा महसूस कर रहे हैं।"
शुरुआत में पिछड़ने के बाद वापसी के लिए रॉड्रिग्स ने अपनी टीम की खिलाड़ियों की सराहना की।
रॉड्रिग्स ने कहा, "जिस तरह से टीम की साथियों ने मेरा साथ दिया वो काफ़ी अहम था। क्योंकि जब चीज़ें आपके पक्ष में नहीं जाती तो टीम का बिखरना आसान हो जाता है।लेकिन टीम एक साथ आई और मुझे लगता है उन हारों ने हमें और एक दूसरे के क़रीब ला दिया और हमें एकजुट कर दिया।"
जब रॉड्रिग्स से पूछा गया कि वर्ल्ड कप जीत और WPL के बीच उन्होंने व्यक्तिगत चुनौतियों का कैसे सामने किया तब उन्होंने बताया कि इस अवधि में उन्होंने कैसे ग्रो किया।
रॉड्रिग्स ने कहा, "मुझे लगता है कि पिछले तीन-चार महीनों में मैंने सबसे ज़्यादा ग्रो किया है। ख़ासतौर पर पिछले एक महीने में बतौर कप्तान मैं काफ़ी यात्रा तय की है। लेकिन कप्तानी के बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि इस दौरान मैंने अपने बारे में से ज़्यादा अपनी टीम के बारे में सोचा। और इससे मेरे ऊपर से दबाव भी कम हो गया।"
"मैंने खिलाड़ियों से बात की और यह सोचा कि टीम के लिए क्या बेहतर है और क्या बेहतर नहीं है। क्या काम करेगा या क्या काम नहीं करेगा। और मुझे लगता है कि इससे मुझे काफ़ी मदद मिली। तो मुझे लगता है मैं कल भी यही चीज़ करने जा रही हूं। ख़ुद को शांत रखना है क्योंकि तैयारी तो हो चुकी है। सबकुछ हो चुका है अब बस वहां जाकर रिेएक्ट करना है। "
