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विश्व कप अभिशाप को तोड़ने के लिए तैयार हैं ओबेद मकॉए

वेस्टइंडीज़ का यह तेज़ गेंदबाज़ इससे पहले 2016 में अंडर-19 विश्व कप और पिछले साल टी20 विश्व कप में चोटिल होने के चलते अधिक योगदान नहीं दे पाया है

Obed McCoy ended with career-best figures of 6 for 17, West Indies vs India, 2nd T20I, St Kitts, August 1, 2022

ओबेद मकॉए: "फ़िटनेस से मैं अधिक निरंतरता के साथ गेंदबाज़ी करने लगा हूं।"  •  Getty Images

सेंट किट्स में वेस्टइंडीज़ और भारत के बीच दूसरे टी20 की तैयारी काफ़ी अनोखी थी। दोनों टीमों की पोशाक और खेल का समान देर से पहुंचने की वजह से मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर डेढ़ बजे शुरू हुआ, जब उसे वास्तव में ख़त्म होना चाहिए था।
मैच के शुरू होते ही ओबेद मकॉए ने विश्व क्रिकेट में पुल शॉट में विशिष्टता के धनी रोहित शर्मा को पूरी तरह छकाया। मकॉए बाएं हाथ ओवर द विकेट से आए और पिच के बीच से एक गेंद को गुड लेंथ से थोड़ा पीछे से उछाल के साथ बाहर की तरफ़ लाने में क़ामयाब हुए। रोहित शायद पुल मारने या गेंद को ऑफ़ साइड में धकेलने के बीच कहीं असमंजस में फंस गए लेकिन गेंद उनके बाहरी किनारे को चूमती हुई शॉर्ट थर्डमैन के हाथों में जा गिरी। कप्तान रोहित गोल्डन डक पर आउट।
अपने अगले ओवर में 150 किमी की रफ़्तार से नियमित गेंदें डालते हुए मकॉए ने इस बार सूर्यकुमार यादव को विकेट के पीछे कैच देने पर मजबूर किया। 17 पर दो और भारत की पारी मुश्किल में।

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मकॉए जब सीपीएल से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में आए तो एक विशेषज्ञ डेथ ओवर गेंदबाज़ थे जिनकी सबसे ख़ासियत उनकी धीमी गेंद मानी जाती थी। जिस बैसेतैरे में उन्होंने 17 रन देकर छह विकेट लेते हुए भारत को धराशाई किया, वहीं उन्होंने टी20 अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू पर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ छठे गेंदबाज़ के रूप में 13वां, 15वां और फिर 20वां ओवर डाला था। सीपीएल में ड्वेन ब्रावो की तरह ही मकॉए हाथ के पीछे से धीमी गेंद डालने के लिए मशहूर हैं।
सीपीएल 2021 से पहले स्पोर्ट्समैक्स टीवी से उन्होंने कहा था, "यह गेंद तो मैं पिछले 14 सालों से डालता आ रहा हूं। मैंने भांप लिया था कि गेम बदल रहा है और केवल गति से आप कुछ हासिल नहीं कर सकते। मैंने इस गेंद पर काफ़ी परिश्रम किया और सीपीएल 2017 में मैं इसे डालने से घबराता था। यह काफ़ी मुश्किल गेंद थी और कई बार गेंद पिच के बीच पड़ती थी, कभी मेरे क़दमों के पास, कभी बल्लेबाज़ के सिर के ऊपर और कभी पिच के भी बाहर। मैं फिर भी इस गेंद को डालता रहा और अभ्यास के साथ अब मैं इसे एक ही हाथ की गति और एक्शन के साथ डाल लेता हूं।"
इसी हाथ के पीछे से डलने वाली धीमी गेंद ने ऑस्ट्रेलिया को 2021 के वेस्टइंडीज़ दौरे पर ख़ासा परेशान किया। ब्रावो अक्सर मिड ऑन या मिड ऑफ़ पर खड़े रहते हुए मकॉए का मार्गदर्शन करते थे। वेस्टइंडीज़ की योजना यही थी कि विश्व कप में मकॉए और ब्रावो एक साथ दोनों छोरों से गेंदबाज़ी करेंगे। लेकिन पैर के अगले भाग में चोटिल होने की वजह से मकॉए के लिए विश्व कप एक मैच तक ही सीमित रहा और उनकी जगह जेसन होल्डर को टीम में मौक़ा मिला।
मैंने भांप लिया था कि गेम बदल रहा है और केवल गति से आप कुछ हासिल नहीं कर सकते।
ओबेद मकॉए
ऐसा मकॉय के साथ पहली बार नहीं हुआ था। 2016 अंडर-19 विश्व कप में वह मौलिक वेस्टइंडीज़ दल का हिस्सा थे लेकिन उंगली के वेबिंग में चोट के चलते उन्हें टूर्नामेंट खेलने का मौक़ा नहीं मिला। वेस्टइंडीज़ ने उस विश्व कप को जीता भी था। 2021 की इंजरी के चलते वह बांग्लादेश प्रीमियर लीग भी नहीं खेल पाए थे। ऐसे में उनके पास केवल आईपीएल खेलने का मौक़ा बचा था, जहां उन्हें राजस्थान रॉयल्स में जगह मिली।
राजस्थान के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एटी राजामणि प्रभु, जो आर अश्विन के व्यक्तिगत कोच भी रह चुके हैं, ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को कहा, "आरआर में हम अच्छी तरह से संरचित कार्यक्रम का पालन करते हैं और इससे उन्हें बहुत फ़ायदा हुआ। ख़ासा ताक़त अभ्यास के लिए स्टेफ़न जोंस थे, गेंदबाज़ी अभ्यास के लिए (लसिथ) मलिंगा सर थे और मेरा काम था उनकी आम ताक़त और सहनशीलता को बढ़ाना और साथ ही सही रिकवरी करवाना। ओबेद हम सब के साथ एक सत्र रोज़ करते थे। हमने क्रमश: उनके पैर पर पड़ने वाले भार को कम करवाया।"
आगे राजामणि ने बताया, "ओबेद अपने हमवतनों की तरह बहुत शक्तिशाली खिलाड़ी हैं। लेकिन हम उन्हें हर नेट्स और अभ्यास सत्रों के लिए उपलब्ध करवाना चाहते थे। लगभग चार सप्ताहों में वह मैदान पर गेंदबाज़ी करने के लिए तैयार थे। एक गेंदबाज़ के लिए मैच में खेल पाने से बेहतर कुछ नहीं है। (कुमार) संगकारा सर भी तारीफ़ के हक़दार हैं क्योंकि पूरे सीज़न किसी को सॉफ़्ट टिशु (मांसपेशियां और उसके आसपास) इंजरी नहीं आई और जो चोटिल भी हुए उनका पूरा उपचार हुआ।"
आईपीएल, ससेक्स के लिए इंग्लैंड में टी20 ब्लास्ट और अब वेस्टइंडीज़ के लिए अपनी सफलताओं के बाद मकॉए अब एक सफल गेंदबाज़ के रूप में उभर रहे हैं और इस बात का राज़ वह फ़िटनेस पर अपना ख़ास ध्यान बताते हैं।
उन्होंने कहा, "फ़िटनेस से मैं अधिक निरंतरता के साथ गेंदबाज़ी करने लगा हूं। भारत और इंग्लैंड में अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ खेलने से मुझे फ़ायदा हुआ है। अब मैं साफ़ मंशा से खेलता हूं। मैंने इंजरी होने के बाद काफ़ी मेहनत की है। इसके बाद वेस्टइंडीज़ का रिकॉर्ड अपने नाम करना काफ़ी संतोषजनक है।"
इस सब के बीच मकॉए को अपनी मां के अस्वस्थ्य होने के साथ भी जूझना पड़ा है। भारत के आईपीएल सुपरस्टार्स को पछाड़ने के बाद उन्होंने अपने रिकॉर्ड का पुरस्कार लेते हुए भी अपनी मां को याद किया। राजामणि कहते हैं, "मैं बस के आख़िरी पंक्ति में ओबेद और (शिमरॉन) हेटमायर के साथ बैठता था। मुझे लगता नहीं है बहुत ज़्यादा लोग उनके व्यक्तिगत जीवन के इस संघर्ष के बारे में बहुत कुछ जानते थे। वह शांति से अभ्यास, रिकवरी और गेंदबाज़ी पर ध्यान देते थे। उन्होंने टीम के साथ हर लम्हे को एन्जॉय किया।"

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अगर शेल्डन कॉट्रेल फ़िट होते तो शायद मकॉए को नई गेंद के साथ गेंदबाज़ी करने का मौक़ा तक नहीं मिलता। भारत के शीर्ष और मध्य क्रम को चारों खाने चित्त करने के बाद मकॉए अब वेस्टइंडीज़ गेंदबाज़ी के मुख्य नायक बन चुके हैं। वह फ़िट हैं और पहले से बेहतर ताक़त के धनी भी। बस यह मान लीजिए वह विश्व कप के लिए तैयार हैं।

देवरायण मुथु ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।