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राहुल का लक्ष्य पुरानी लय और नई मानसिकता में तालमेल बिठाना

आक्रामक बल्लेबाज़ ने इस वर्ष भारत के लिए एक भी टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं खेला है

इस साल चोट और कोरोना से जूझते चले आए हैं केएल राहुल  •  BCCI

इस साल चोट और कोरोना से जूझते चले आए हैं केएल राहुल  •  BCCI

केएल राहुल ने चोट के चलते इस वर्ष भारत के लिए एक भी टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में हिस्सा नहीं लिया है। हालांकि बाहर बैठे उन्होंने भारत के इस प्रारूप के प्रति रणनीति में एक ज़बरदस्त बदलाव को देखा है और अब टी20 विश्व कप से पहले इस प्रक्रिया का ख़ुद हिस्सा बनने को उत्सुक हैं।
गुरुवार को ज़िम्बाब्वे में भारत को वनडे सीरीज़ में 3-0 की जीत दिलाने के बाद वह दुबई में पहली बार टी20 टीम के साथ अभ्यास करते दिखे। ज़िम्बाब्वे में उन्होंने दो पारियां खेलीं और संपूर्ण लय में नहीं आ पाए थे। ऐसे में उन्होंने अभ्यास सत्र में थोड़ा अधिक समय और ध्यान देना उचित समझा।
अंतरिम कोच वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें दो बार मज़ाक़ में नेट्स से बाहर निकालने को कहा। कुल मिलाकर तीन घंटे के इस सत्र में राहुल ने तीन बार बल्लेबाज़ी की। जहां उनके आसपास विराट कोहली, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव मौक़े का फ़ायदा उठाते हुए अपने अंदर के कलाकार को खुली छूट दे रहे थे, वहीं राहुल का पूरा ध्यान था अपनी लय को खोजने पर।
तेज़ गेंदबाज़ी के विरुद्ध राहुल की शुरुआत थोड़ी अधीर थी, जब अर्शदीप सिंह ने अच्छे टप्पे पर बाहर निकलती हुई तीन गेंदों पर उन्हें परेशान किया। हालांकि इसके बाद भुवनेश्वर कुमार के विरुद्ध राहुल ने लाइन को कवर करते हुए कुछ ख़ूबसूरत सीधे ड्राइव लगाए। इस सत्र के दौरान स्टंप्स के ठीक पीछे और नेट्स के बाहर कवर की दिशा में स्थित दो कैमरों ने हर पल को रिकॉर्ड किया।
पहला सत्र लगभग आधा घंटा चला और फिर थोड़ी देर विश्राम के बाद राहुल स्पिन के ख़िलाफ़ दूसरे राउंड के लिए फिर नेट्स में घुसे। इस बार उनके मुख्य विरोधी थे रवींद्र जाडेजा और आर अश्विन, जिन्होंने उन्हें तेज़ गति से गेंद डालते हुए कुछ स्लाइडर भी डाले और उन्हें बैकफ़ुट पर खेलने पर विवश किया। राहुल ने पहले सत्र में जो धैर्य दिखाया था अब वह धीरे-धीरे आक्रामक तेवर में परिवर्तित हुआ और उन्होंने सीधे साइटस्क्रीन के ऊपर से एक विशाल छक्के से अपने इरादे साझा कर दिए।
तीसरे सत्र में अर्शदीप को नई गेंद थमाई गई ताकि वह अतिरिक्त स्विंग के साथ राहुल को परेशान कर सकें। राहुल का पूरा ध्यान और एकाग्रता अब एक बड़ा फ़ॉरवर्ड स्ट्राइड लेकर गेंद के साथ बिना पैड के रूकावट के संपर्क करने पर चला गया। और जैसे ही आख़िरी राउंड की घोषणा हुई तो राहुल ने थोड़ा हल्के अंदाज़ में खेलना शुरू किया। पैडल और रैंप के बाद उन्होंने अपने अभ्यास का समापन फ़्लैट बल्ले से तमाचा लगाकर किया। नेट्स से निकलते हुए उन्होंने अपनी ख़ुशी और संतुष्टि का इज़हार अपने बल्ले पर एक हल्के मुक्के से किया।
शुक्रवार को राहुल ने टीम की नई रणनीति और अधिक स्वतंत्रता से बल्लेबाज़ी करने पर बात की। आईपीएल 2022 में यूं तो राहुल 14 पारियों में 135.38 के स्ट्राइक रेट से 635 रनों के साथ जॉस बटलर के ठीक बाद सर्वाधिक स्कोरर्स की सूची में दूसरे स्थान पर काबिज़ रहे। लेकिन पावरप्ले में उनका स्ट्राइक रेट 100 से बहुत आगे कभी नहीं गया और डेथ ओवर्स में वही स्ट्राइक रेट 198.36 तक चला गया। एक बार फिर राहुल की बल्लेबाज़ी की तारीफ़ में भी स्ट्राइक रेट पर कुछ सवालिया निशान ज़रूर थे।
राहुल ने कहा, "इस सकारात्मक सोच के बारे में मेरे रहते ही साल की शुरुआत में और विश्व कप के तुरंत बाद चर्चा हुई थी। जब यह बात चल रही थी कि हमें बतौर टीम और बतौर खिलाड़ी कैसे सुधार लाना है, तो विपक्ष पर दबाव डालने की बात हुई थी। दुर्भाग्यवश मैंने ज़्यादा मैच नहीं खेले लेकिन यही सोच के साथ मैंने आईपीएल में भी बल्लेबाज़ी की। मेरी सोच यही थी कि कैसे मैं इस नीति के साथ निरंतरता से टीम के लिए योगदान दे सकूं।"
आगे उन्होंने कहा, "मैंने दो-तीन महीने से टी20 नहीं खेला और यह मेरे लिए अच्छी चुनौती है। नई सोच से टीम को फ़ायदा मिला है। कप्तान ने एक विचारधारा का समर्थन किया है और खिलाड़ियों ने उनकी बात पूरी तरह से मान ली है। बड़ा क़दम ले लिया गया है और अब यही कोशिश है कि विश्व कप के आने तक हम और मज़बूती से इसका पालन कर सकेंगे।"
अगले दो हफ़्तों में राहुल का एक अच्छा इम्तिहान होगा कि क्या वह अपनी प्रतिभा के अनुसार एक विध्वंसक सीमित-ओवर बल्लेबाज़ बन सकते हैं या नहीं। वह कप्तान नहीं हैं और उनके साथ कुछ ज़बरदस्त मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ मौजूद हैं। इससे बेहतर मौक़ा राहुल को नहीं मिल सकता।

शशांक किशोर ESPNcricinfo के सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के असिस्टेंट एडिटर और स्थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।