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अहमदज़ई : बड़ी टीमों के साथ लगातार खेलकर ही सीखा जा सकता है

टीम के सहायक कोच ने कहा, "बडे़ टूर्नामेंट में भारत या पाकिस्‍तान से एक या दो मैच खेलकर कुछ नहीं होगा"

The Afghanistan players were inconsolable after the game, Afghanistan vs Pakistan, Asia Cup Super 4s, Sharjah, September 7, 2022

एशिया कप में अफ़ग़ानिस्‍तान का शानदार प्रदर्शन रहा है  •  AFP/Getty Images

अफ़ग़ानिस्‍तान के सहायक कोच रईस अहमदज़ई ने आईसीसी से अपील की है कि उनकी गुणवत्ता और खेल कौशल में सुधार के लिए पूर्णकालिक सदस्यों को उनके साथ लगातार क्रिकेट खेलना चाहिए।
2021 से अफ़ग़ानिस्‍तान केवल आयरलैंड, नीदरलैंड्स, बांग्‍लादेश और ज़‍िम्‍बाब्‍वे से ही द्विपक्षीय सीरीज़ खेला है। 2020 में उनका पहला ऑस्‍ट्रेलिया दौरा कोविड 19 की वजह से स्‍थगित हो गया था और फिर पिछले साल रद्द हो गया।
एशिया कप से पहले अन्य पूर्ण सदस्यों के ख़‍िलाफ़ उनका पिछला मैच इंग्लैंड में 2019 विश्व कप में था, जहां वह भारत को हराने से रह गए थे और श्रीलंका व पाकिस्तान के ख़‍िलाफ़ दबाव में फिसलने से पहले अच्छी तरह से नियंत्रण में थे।
अहमदज़ई एशिया कप के सुपर 4 में अफ़ग़ानिस्‍तान की भारत से 101 रनों की हार के बाद बात कर रहे थे। श्रीलंका और पाकिस्‍तान के ख़‍िलाफ़ क़रीबी मुक़ाबले खेलने के बाद गुरुवार की रात को भारत के ख़‍िलाफ़ टीम पूरी तरह से बिखर गई।
अफ़ग़ानिस्तान ने विराट कोहली का शुरुआत में कैच छोड़ा और फिर उन्हें अपने पहले टी20आई शतक का धमाका करते हुए देखा। भारत ने दो विकेट पर 212 रन बनाए और अफ़ग़ानिस्तान के लिए छह ओवर में ही खेल खत्म हो गया था जब उन्‍होंने 20 रन पर ही पांच विकेट गंवा दिए थे।
अहमदज़ई ने कहा, "हमारी जैसी टीम के लिए ज़रूरी है कि हम शीर्ष स्‍तर वाली टीमों के ख़‍िलाफ़ लगातार खेलें। यह आसान नहीं है। मुझे याद नहीं है कि हम कब पिछली बार भारत या पाकिस्‍तान से खेले थे। शीर्ष स्‍तर के टूर्नामेंट में एक या दो मैच उनके ख़‍िलाफ़ खेलना काफ़ी नहीं है। अगर हम ज्‍़यादा खेलेंगे तो यह हमारी मदद करेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "तभी हमारे खिलाड़ी अपने इमोशन को कंट्रोल करना, दबाव को कंट्रोल करना और अनुभव से सीखना जानेंगे। मुझे लगता है कि हम उसके हक़दार हैं। जिस तरह से हमने एशिया कप में शुरुआत की, हमने दूसरी टीमों को मुश्किल में खड़ा किया, मुझे लगता है कि हमने अच्‍छा किया। हमारी श्रीलंका पर जीत एक तरफ़ा थी, हमने बांग्‍लादेश को भी हराया। लेकिन हमें अपने बेसिक्‍स में सुधार करना होगा। हमारे खिलाड़‍ियों को महसूस हुआ कि कहां फ़ोकस होना चाहिए, जिससे हम शुरुआत को अच्‍छी तरह से ख़त्‍म भी कर पाएं।"
अफ़ग़ानिस्‍तान को सुपर 4 में मुश्किल ड्रॉ मिला था। पाकिस्‍तान से अंतिम ओवर में हार के अगले ही दिन उन्‍हें भारत से खेलना था। अहमदज़ई ने बताया कि पाकिस्‍तान से हार के बाद टीम सोई तक नहीं थी, मानसिक रूप से खिलाड़ी टूटे हुए थे क्‍योंकि जो मैच उनके हाथ में था, वे हार गए।
130 रनों के लक्ष्‍य का पीछा करते हुए पाकिस्‍तान का स्‍कोर सात गेंद रहते नौ विकेट पर 118 रन था। लेकिन नसीम शाह ने फ़ज़लहक़ फ़रूक़ी की गेंद पर दो लगातार छक्‍के लगाकर टीम को रोमांचक जीत दिला दी थी।
अहमदज़ई ने बताया, "सच कहूं तो जब पाकिस्‍तान ने नौ विकेट गंवा दिए तो सभी ने नियंत्रण खो दिया था। हालांकि हमने एक के बाद एक मैच खेले तो हमने अपना सर्वश्रेष्‍ठ दिया। जिस तरह का विकेट था हम भारत को 170 या 180 तक रोक सकते थे, लेकिन अगर आप कोहली जैसे खिलाड़ी का कैच छोड़ोगे तो वह आपको ज्‍़यादा मौक़े नहीं देगें।"
अफ़ग़ानिस्‍तान कुछ बेहतरीन व्‍यक्तिगत प्रदर्शनों पर नज़र डाल सकता है। उन्‍होंने दिखाया कि स्पिन सुपरस्‍टार राशिद ख़ान और मुजीब उर रहमान के अलावा भी उनके पास गेंदबाज़ी आक्रमण है। युवा तेज़ गेंदबाज़ फ़रूक़ी के नेतृत्‍व में उनके पास नवीन उल हक़ और फ़रीद अहमद जैसे गेंदबाज़ हैं।
बल्‍लेबाज़ी में उनके पास नजीबुल्‍लाह ज़दरान हैं, जिन्‍होंने बांग्‍लादेश के ख़‍िलाफ़ 17 गेंद में नाबाद 43 रन बनाकर जीत दिलाई, जबकि रहमानुल्‍लाह गुरबाज़ ने श्रीलंका के ख़‍िलाफ़ सुपर 4 मैच में 84 रन की बेहतरीन पारी खेली। इब्राहिम ज़दरान ने भी 42*, 40, 35 और 64* के स्‍कोर बनाए।
अहमदज़ई के लिए यह विश्‍व कप की तैयारियों के लिए बेहतरीन था। उन्‍होंने कहा, "मुझे लगता है हमने अच्‍छा किया, ख़ासतौर से हमारे युवा लड़कों ने। हमने अपनी पहली दो जीत से बहत कुछ सीखा। इसके बाद जिस तरह से हमने पाकिस्‍तान के ख़‍िलाफ़ 130 रनों का बचाव किया वह टी20 विश्‍व कप से पहले हमारे लड़कों के लिए एक सीखने वाली प्रक्रिया जैसा है।"
उन्होंने कहा, "अगर आप बड़ी टीम के ख़‍िलाफ़ खेल रहे हैं, उसमें बड़े स्‍टार हैं, तो आपको सीखने का मौक़ा मिलता है। हमने देखा कैसे कोहली या केएल राहुल ने बल्‍लेबाज़ी की। टूर्नामेंट के दौरान हमने पाकिस्‍तान और श्रीलंका के खिलाड़‍ियों के साथ भी समय बिताया। यह अच्‍छा अनुभव रहा, कुछ ख‍िलाड़ी उनसे सीख सकते हैं और उसको विश्‍व कप में अमलीजामा पहना सकते हैं।"
अपनी बातों को समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर हमारे लिए सबसे बड़ी सकारात्‍मकता हमारी टूर्नामेंट में शुरुआती दो जीत हैं। जिस तरह से हमने बांग्‍लादेश को हराया, जिस तरह से हमने पाकिस्‍तान की मुश्किलें बढ़ाई, वह अच्‍छा रहा। मैं खु़श हूं कि हमारे युवा लड़कों ने अच्‍छा काम किया। इन चीज़ों को हम आगे ले जाना चाहते हैं।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।