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गेंदबाज़ी, फ़िटनेस, कप्तानी; हार्दिक ने सब सवालों का जवाब दे दिया है

आईपीएल फ़ाइनल का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए हार्दिक ने तीन विकेट लिए और 34 रन भी बनाए

आईपीएल 2022 के शुरुआत में जाइए और याद किजिए कि गुजरात टाइटंस और हार्दिक पंड्या के बारे में आम राय क्या थी? आपको याद आएगा कि उनके फ़िटनेस पर सवाल किए जा रहे थे, कहा जा रहा था कि वह गेंदबाज़ी कर भी पाएंगे या नहीं, इसकी कोई ख़बर नहीं है। इसके अलावा उनकी नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाए गए थे।
हालांकि नई फ़्रैंचाइज़ी गुजरात टाइटंस ने उन पर पूरा भरोसा जताया और उन्हें कप्तानी की ज़िम्मेदारी दी। टीम की कप्तानी सौंपी जाने तक भी उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं थी। यह नहीं पता था कि वह सिर्फ़ बल्लेबाज़ी करेंगे, जैसा कि वह पिछले दो सीज़न से मुंबई इंडियंस के लिए कर रहे थे या फिर अपनी फ़िटनेस को प्राप्त करने के बाद गेंदबाज़ी में भी हाथ आजमाएंगे?
हार्दिक ने आईपीएल के पहले मैच से इन सभी सवालों का जवाब देना शुरु किया और फ़ाइनल तक उन्होंने लगभग सभी सवालों के जवाब दे दिए। फ़ाइनल में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के तीन सबसे बड़े और ख़तरनाक बल्लेबाज़ों जॉस बटलर, संजू सैमसन और शिमरन हेटमायर को पवेलियन भेजा और राशिद ख़ान से भी कम केवल 17 रन दिए। इसके बाद उन्होंने बल्लेबाज़ी में भी हाथ खोलते हुए महत्वपूर्ण 34 रन बनाए। हालांकि इस दौरान उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसे आपने पहले कभी देखा ना हो।
अहमदाबाद, गुजरात टाइटंस का घरेलू मैदान है ना कि हार्दिक का। हार्दिक बड़ौदा की तरफ़ से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं, जो कि गुजरात की तीन घरेलू क्रिकेट टीमों में से एक है और जिनका घरेलू मैदान वड़ोदरा में है। अहमदाबाद की इस पिच में दोहरी गति थी और कई गेंदें अतिरिक्त उछाल ले रही थीं। इस तरह यह पिच छोटी और स्लोअर कटर गेंदों के अनुकूल थी।
मैच के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान हार्दिक ने कहा, "मैंने अपनी गेंदबाज़ी पर पिछले कुछ समय से बहुत मेहनत किया था और उसे मैं बड़े स्टेज़ पर दिखाना चाहता था। शायद आज वही दिन था। अपने स्पेल की दूसरी गेंद पर ही मैं जान गया था कि अगर आप गेंद को विकेट पर जोर से सीम के साथ पटकते हैं तो कुछ ना कुछ ज़रूर हरकत होगी। इसलिए मैंने बिना कोई प्रयोग किए हार्ड लेंथ पर गेंद करना शुरु किया, जिससे बल्लेबाज़ परेशानी में आए।"
ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो की डेटा बताती है कि हार्दिक ने मैदान पर अपनी योजनाओं को बख़ूबी लागू किया। उन्होंने जो 24 गेंदें फेंकी उसमें से 17 शॉर्ट या बैक ऑफ़ लेंथ पर थीं, वहीं छह गेंदें गुड लेंथ पर थीं। सिर्फ़ एक गेंद ऐसी थी जो उन्होंने फ़ुल लेंथ पर की। क्रिकेट में अक्सर ऐसा होता है कि आपको बल्लेबाज़ से बार-बार सिर्फ़ एक ही सवाल पूछने की ज़रूरत होती है।
राजस्थान ने पहले आठ ओवर में सिर्फ़ एक विकेट खोकर 60 रन बना लिए थे। क्रीज़ पर उनके दो महत्वपूर्ण बल्लेबाज़ जॉस बटलर और संजू सैमसन थे, जो कि इस सीज़न बेहतरीन फ़ॉर्म में थे। हार्दिक ने अपनी योजनाओं को लागू करना शुरू किया। उन्होंने सीज़न में चार शतक लगा चुके बटलर को पहली ही गेंद पर ऑफ़ साइड के बाह बाउंसर फेंका, जिसे बटलर अपर कट मारने गए लेकिन ठीक से टाइम नहीं कर पाए, गेंद ज़मीन के सहारे डीप प्वाइंट पर गई।
अगली गेंद फिर उन्होंने ऑफ़ साइड के बाहर बैक ऑफ़ लेंथ से फेंकी, जिसे संजू सैमसन आड़े बल्ले से मिड ऑफ़ के ऊपर से मारना चाहते थे, लेकिन शॉट खेलते वक़्त गेंद की अतिरिक्त उछाल के कारण सैमसन असहज हो गए, गेंद बल्ले पर ठीक से आई नहीं और बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लेकर बैकवर्ड प्वाइंट पर टंग गई। यह आर साई किशोर के लिए बेहद आसान कैच था, जिनके कोटे का महत्वपूर्ण ओवर हार्दिक कर रहे थे।
इसके बाद हार्दिक ने नए बल्लेबाज़ देवदत्त पड़िक्कल को परेशान करना शुरू किया। उन्होंने बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को सात गेंदें फेंकी, जिस पर पड़िक्कल कोई रन ही नहीं बना सके। एक रन बना भी तो वह लेग-बाई का था। इसमें एक स्लोअर ऑफ़ कटर और 143 की स्पीड से फेंकी गई एक तेज़ बॉउंसर गेंद भी थी। हार्दिक को खेलने के बाद पड़िक्कल इतने दबाव में आ गए थे कि उन्होंने राशिद को अपना विकेट उपहार में दे दिया। फ़ाइनल जैसे इतने महत्वपूर्ण मैच में पिछले सीज़न के हीरो पड़िक्कल 10 गेंदों में 20 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ़ दो रन ही बना सके।
राजस्थान की पारी अब जल्दी ही सिमटती दिख रही थी। हालांकि उनके पास अभी भी शिमरॉन हेटमायर के रूप में एक उम्मीद बाक़ी थी। 15वें ओवर में हार्दिक अपना चौथा ओवर करने आए। तब तक उन्होंने तीन ओवर में सिर्फ़ सात रन दिया था और दो महत्वपूर्ण विकेट लिए थे। इस ओवर की तीसरी गेंद पर हार्दिक को मैच का पहला और एकमात्र प्रहार मिला, जब एक लेंथ गेंद को हेटमायर ने रूम बनाकर मिड ऑफ़ के ऊपर से चार रन के लिए पंच कर दिया। पांचवीं गेंद पर हार्दिक ने अपने स्पेल की एकमात्र फ़ुल गेंद फेंकी, जिसे हेटमायर ने बल्ले का मुंह खोल विकेटकीपर और शॉर्ट थर्डमैन के बीच बने गैप में स्टीयर कर दिया।
अगली गेंद हार्दिक की शाम की आख़िरी गेंद थी। हार्दिक अपने बेसिक्स की तरफ़ लौटे। उन्होंने स्टंप की लाइन में एक बैक ऑफ़ लेंथ गेंद फेंकी, जो पिच से रूककर आई। हेटमायर उसे फ़्लिक करने के लिए गए लेकिन बल्ले का मुंह पहले मुड़ गया, बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लगा और हार्दिक को अपने फ़ॉलो थ्रू में ही आसान कैच मिल गया। अब राजस्थान का स्कोर 15 ओवर में 94 रन पर पांच विकेट थे और पहली ही पारी में राजस्थान मैच से लगभग बाहर हो चुका था।
वे मैच में वापस आ सकते थे और उन्होंने वापसी की कोशिश भी की जब उन्होंने गुजरात के पहले दो विकेट पांचवें ओवर में ही सिर्फ़ 23 रन पर गिरा दिए। नंबर चार पर बल्लेबाज़ी करने हार्दिक आए। राजस्थान ने इतने रन नहीं बनाए थे कि हार्दिक को रन रेट की चिंता करनी पड़े। इसलिए उन्होंने ख़राब गेंदों का इंतज़ार किया कि राजस्थान के गेंदबाज़ कब ग़लती करें और वह अपने हाथ खोलें। पहली 11 गेंदों पर उन्होंने सिर्फ़ चार रन बनाए थे।
12वीं गेंद उन्हें अपने पाले में मिली। प्रसिद्ध कृष्णा ने ऑफ स्टंप की लाइन में ऊपर गेंद डाली और हार्दिक ने उसे सीधे बल्ले से मिड ऑफ़ के ऊपर से हवाई स्ट्रेट ड्राइव के लिए भेज दिया। इसके बाद उन्होंने अश्विन की गेंद को मिडविकेट के ऊपर से आधा दर्जन रनों के लिए भेजा। ये कुछ शॉट थे जो दिखा रहे थे कि हार्दिक टी20 मैचों में बल्लेबाज़ी की एक नई भूमिका के लिए तैयार हैं ।
हार्दिक को कोई भी टीम टी20 मैचों में 14वें ओवर के आस-पास भेजना चाहेगी ताकि वह एक या दो ओवर में सेट होकर खुलकर अपने शॉट खेल सके। यह भी हो सकता है कि जब वह भारत के लिए अगला टी20 मैच खेलें तो उन्हें नंबर छह या सात पर भेजा जाए। हालांकि हार्दिक ने इस सीज़न नंबर चार पर बल्लेबाज़ी कर दिखा दिया है कि वह फ़िनिशर के साथ-साथ मध्यक्रम के एक ठोस व एंकर बल्लेबाज़ की भूमिका भी निभा सकते हैं। वह वनडे के लिए एक बेहतरीन नंबर चार बल्लेबाज़ साबित हो सकते हैं, इसके अलावा अगर वह अपना वर्कलोड और फ़िटनेस संभाल सकें तो वह टेस्ट आलराउंडर के फिर से विकल्प बन सकते हैं।

कार्तिक कृष्णास्वामी ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के दया सागर ने किया है