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हैंडशेक पर सूर्यकुमार: '24 घंटे इंतज़ार कीजिए, मैच ज़्यादा महत्वपूर्ण है'

सूर्यकुमार ने कहा कि इस मुक़ाबले में उनकी टीम शून्य से शुरुआत करेगी

नागराज गोलापुड़ी
Feb 14, 2026, 4:40 PM • 3 hrs ago
Suryakumar Yadav adjusts his field, India vs New Zealand, 3rd T20I, Guwahati, January 25, 2026

Suryakumar Yadav ने कहा कि उनकी टीम इस मुक़ाबले में शून्य से शुरुआत करेगी  •  AFP/Getty Images

भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को कोलंबो में होने वाले विश्व कप मुक़ाबले से पहले 'हाथ मिलाने' को लेकर सस्पेंस फिर से गहरा गया है। टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद हाथ मिलाने के सवाल पर वैसा ही रुख़ अख्तियार किया, जैसा कुछ देर पहले पाकिस्तानी कप्तान सलमान आग़ा ने दिखाया था। शनिवार को मीडिया से मुख़ातिब सूर्यकुमार ने यह साफ़ नहीं किया कि वह विपक्षी कप्तान से हाथ मिलाएंगे या नहीं। उन्होंने मुस्कुराते हुए इस मुद्दे पर सस्पेंस बरकरार रखा और कहा कि टॉस के वक़्त विपक्षी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना है या मैच के बाद पारंपरिक तौर पर ग्रीट करना है, इसका जवाब अगले 24 घंटों के लिए सुरक्षित रहने दें।
हैंडशेक के मुद्दे पर जब सूर्यकुमार से दोबारा सवाल हुआ, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी और मुस्कुराहट के साथ इसे टाल दिया। सूर्यकुमार ने साफ़ कहा कि फ़िलहाल ध्यान सिर्फ खेल पर होना चाहिए। उन्होंने पहले सवाल के जवाब में हंसते हुए कहा, "अभी से अटकलें क्यों लगा रहे हैं? 24 घंटे का इंतज़ार कीजिए। हम यहां क्रिकेट खेलने आए हैं और वही खेलेंगे। हाथ मिलाने का फ़ैसला बाद में होगा, अभी आप अच्छा खाना खाइए और सो जाइए।"
जब मामले पर दोबारा स्पष्टता चाही गई, तो भारतीय कप्तान ने अपना स्टैंड नहीं बदला। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि वह कल ही इस सस्पेंस को ख़त्म करेंगे। सूर्यकुमार के मुताबिक, "कल मैच है और वही सबसे अहम है। टॉस के वक़्त क्या होगा, यह कल ही देखेंगे।"
दिलचस्प बात यह है कि दोपहर में पाकिस्तानी कप्तान आग़ा का रुख़ भी कुछ ऐसा ही था। हालांकि, आग़ा ने 2025 एशिया कप के हैंडशेक विवाद का ज़िक्र करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों टीमें खेल भावना का पालन करेंगी। दूसरी ओर, सूर्यकुमार ने माना कि भारत-पाकिस्तान मैच का दबाव और मैदान पर उतरने से पहले होने वाली घबराहट एक हकीक़त है। उन्होंने कहा, "यह एक बड़ा मंच है। कहने को यह सिर्फ़ एक मैच हो सकता है, लेकिन हर कोई जानता है कि इसकी अहमियत क्या है, क्योंकि हम उनके ख़िलाफ़ अक्सर नहीं खेलते।"
विश्व कप और एशिया कप में पाकिस्तान पर भारत का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। पिछले साल एशिया कप के फ़ाइनल समेत भारत ने उन्हें तीन बार मात दी थी, जिसके बाद सूर्यकुमार ने कहा था कि अब कोई राइवलरी नहीं बची। लेकिन शनिवार को जब उनके दबदबे पर सवाल हुआ, तो उन्होंने 'ज़ीरो' से शुरुआत करने की बात कही।
सूर्यकुमार ने कहा, "इतिहास में क्या हुआ, उसे आप मैदान पर नहीं ले जा सकते। अतीत को ढोने से कभी-कभी टीम ढीली पड़ सकती है और आप मैच से आगे की सोचने लगते हैं। अगर आपको दिमाग शांत रखना है, तो हर बार नई शुरुआत करनी होगी।"
भारतीय कप्तान का मानना है कि इस हाई-वोल्टेज मुक़ाबले को एक सामान्य लीग मैच की तरह देखना ही टीम के लिए बेहतर है। इससे खिलाड़ी दबाव में भी सही फ़ैसले ले पाते हैं। उन्होंने नीदरलैंड्स और USA के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की जीत का ज़िक्र करते हुए आगा की टीम की तारीफ़ भी की। हालांकि उन्होंने माना कि कोलंबो में लगातार खेलने का पाकिस्तान को थोड़ा फ़ायदा मिल सकता है, लेकिन सूर्यकुमार को भरोसा है कि टीम इंडिया को भी यहां की परिस्थितियों का अच्छा-खासा तजुर्बा है।

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo के न्यूज़ एडिटर हैं।