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मुझे अप्रत्यक्ष रूप से संन्यास लेने को कहा गया : साहा

ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को दिए गए इंटरव्यू में साहा ने टीम से बाहर होने के कारणों के बारे में बताया

Wriddhiman Saha hit a vital half-century for India, India vs New Zealand, 1st Test, Kanpur, 4th day, November 28, 2021

BCCI

महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद यह पहला मौक़ा है कि ऋद्धिमान साहा को टेस्ट टीम से पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है। पिछले कुछ समय से साहा और ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया की विकेटकीपिंग ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि पिछले दो साल से पंत ने साहा के ऊपर बढ़त ले ली थी। टीम से बाहर होने के बाद साहा ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो से बात की।
मैंने कहीं पढ़ा कि आप किसी चीज़ को लेकर गुस्सा हैं?
मैं कभी गुस्सा नहीं होता हूं और ना अभी हूं। मुझे इस चयन निर्णय के बारे में साउथ अफ़्रीका में ही बता दिया गया था, लेकिन मैंने इस बारे में किसी को नहीं बताया। अब जब टीम का चयन हो गया है, तो मैंने सिर्फ़ उन सवालों का ज़वाब दिया है, जो मुझसे पूछा गया।
आपको यह कब और कैसे बताया गया?
साउथ अफ़्रीका सीरीज़ के बाद राहुल भाई ( राहुल द्रविड़, प्रमुख कोच) ने मुझे कमरे में बुलाया और कहा, "ऋद्धि, मुझे पता नहीं कि मुझे यह कैसे कहना है, लेकिन चयनकर्ता और टीम प्रबंधन अब एक नए चेहरे की तलाश में हैं। चूंकि आप हमारे पहले विकेटकीपर नहीं हैं और आप अंतिम एकादश में भी नहीं हैं, इसलिए हम अब किसी युवा विकेटकीपर को टेस्ट दल में रखना चाहते हैं।" मैंने कहा, "ओके, कोई बात नहीं।"
इसके बाद उन्होंने कहा, "आप अगर श्रीलंका के ख़िलाफ़ टीम में नहीं चुने जाते हैं, तो आश्चर्यचकित मत होइएगा। तब तक अगर आप कोई और निर्णय लेना चाहते हैं, तो ले सकते हैं।" फिर मैंने उनसे कहा कि मैं संन्यास के बारे में नहीं सोच रहा। मैंने क्रिकेट खेलना इसलिए शुरू किया था क्योंकि मुझे यह खेल खेलना पसंद है और मैं तब तक खेलूंगा जब तक यह मुझे अच्छा लगेगा।
और चयनकर्ता?
10-12 दिन बाद मुझे चेतन शर्मा (चयन प्रमुख) का फ़ोन आया। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आप रणजी ट्रॉफ़ी में खेल रहे हैं? मैंने कहा कि मैंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। फिर उन्होंने वही बात दोहराई जो राहुल भाई ने कही थी। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या यह बस इस सीरीज़ के लिए है या फिर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड सीरीज़ के लिए भी? तब उन्होंने दो सेकंड रुकते हुए कहा, "अब आपको चयन के लिए आगे कभी नहीं कंसीडर नहीं किया जाएगा।"
फिर मैंने उनसे पूछा क्या यह मेरे प्रदर्शन और फ़िटनेस की वज़ह से है या मेरी उम्र की वज़ह से? उन्होंने कहा फ़ॉर्म और फ़िटनेस की कोई बात नहीं लेकिन अब हम नए चेहरों को टीम में देखना चाहते हैं और ऐसा बिना आपको ड्रॉप किए संभव नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर आप रणजी ट्रॉफ़ी खेलना चाहते हैं तो यह आपका निर्णय है।
तो आप रणजी ट्रॉफ़ी नहीं खेल रहे हैं?
इसका चयन से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ समय पहले मेरी पत्नी को डेंगू हो गया था और वह अब भी इससे पूरी तरह से उबर नहीं पाई हैं। हमारे दो बच्चे भी हैं। मुझे अपने परिवार को भी समय देना है। इसलिए मैंने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल (कैब) से स्पष्ट कह दिया कि मैं व्यक्तिगत कारणों से इस सीज़न में अनुपलब्ध रहूंगा।
क्या आपको लगता है कि आपको संन्यास लेने के लिए मजबूर किया गया?
जब चयनकर्ताओं और कोच ने मुझे यह बताया कि वे इस बारे में कुछ समय से सोच रहे हैं, तब ही मुझे लग गया था कि यह सिर्फ़ एक या दो लोगों का निर्णय नहीं है, इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
मेरे लिए सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि जब मैंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ कानुपर में चोटिल होते हुए भी 61 रन बनाया, तब दादा (बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली) ने मुझे मैसेज कर के बधाई दी और कहा कि जब तक वह बोर्ड में हैं, तब तक उन्हें चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है।
लेकिन उसके एक ही सीरीज़ के बाद जो मुझसे कहा गया, वह ठीक इसके उलट था।
लेकिन चयन प्रक्रिया में तो बोर्ड अध्यक्ष की कोई भागीदारी नहीं होती है?
मैं यह सब नहीं जानता। मुझे चयन से कोई शिकायत भी नहीं है। अगर मेरा चयन होता, तो मैं अच्छा करने की कोशिश करता। मैं ड्रॉप हुआ हूं तो मैं नहीं पूछ रहा कि क्यों मुझे बाहर किया गया है। टीम को अब मेरी ज़रूरत नहीं है, इसलिए उन्होंने ऐसा निर्णय लिया है। मैं इसके ख़िलाफ़ कुछ भी कहने नहीं जा रहा हूं।
तो क्या आप संतुष्ट हैं??
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और फ़िटनेस कोई मुद्दा नहीं है। हम बस नए चेहरों को मौक़ा देना चाहते हैं। अब मैं रणजी ट्रॉफी खेलूं, दोहरा या तिहरा शतक बनाऊं, लेकिन तब भी मैं चयन के लिए कंसीडर नहीं किया जाऊंगा।
अगर आप रणजी सीज़न में 1000 रन बनाते हैं, तब भी वे आपको कंसीडर नहीं करेंगे?
अगर वे कह रहे हैं कि प्रदर्शन और फ़िटनेस कोई मुद्दा नहीं है, तो मुद्दा क्या है? उम्र?
एक आदमी ने मुझसे परोक्ष रूप से संन्यास लेने की बात कह डाली, एक ने कहा कि अब से आपको कंसीडर नहीं किया जाएगा। मुझे बताया गया कि कल प्रेस कॉन्फ़्रेंस में चेतन शर्मा ने कहा है कि साहा को सिर्फ़ इन दो टेस्ट के लिए नहीं कंसीडर किया गया है। यह बिल्कुल ही अलग वर्ज़न है। अगर ऐसी बात है तो राहुल भाई ने क्यों कहा कि आप कोई और निर्णय भी ले सकते हो?
क्या आपकी दादा (गांगुली) से बात हुई?
नहीं, उस मैसेज के बाद नहीं!

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में सहायक संपादक हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के दया सागर ने किया है