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'बस सूट पहनिए और चले आइए' - चारू शर्मा की ज़िंदगी के दो अनोखे दिन

चारू ने बताया कि कैसे ह्यू एडमीड्स के बीमार होने के बाद उनके पास अचानक से नीलामी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी आई

आईपीएल नीलामी के बाद चारू शर्मा और ह्यू एडमीड्स एक साथ  •  BCCI

आईपीएल नीलामी के बाद चारू शर्मा और ह्यू एडमीड्स एक साथ  •  BCCI

शनिवार, 12 फ़रवरी को चारू शर्मा अभी अपना लंच ख़त्म कर ही रहे थे, उन्होंने मीठा खाया भी नहीं था कि तभी दोपहर दो से तीन बजे के बीच उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अध्यक्ष ब्रिजेश पटेल का फ़ोन आया। उन दोनों के बीच हई बातचीत के मुख्य अंश कुछ इस तरह थे।
"चारू, आप कहां हैं ?"
"मैं अभी ? घर पर ही हूं"
"वाह, आप घर पर हैं, बहुत अच्छा। आप अभी क्या कर रहे हैं ?"
"परिवार के साथ लंच"
"क्या आप आईटीसी गार्डेनिया होटल आ सकते हैं ?"
"अगर आप कहें तो, ज़रूर, कब ?"
"अभी!"
"अभी ??!!"
"हां, आप जानते होंगे दुर्भाग्यवश हमारे ऑक्शनर के साथ एक हादसा हो गया है."
"हे भगवान!"
"उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, क्या आप अभी आ सकते हैं ?"
"मुझे थोड़ा समय दीजिए मैं चेंज करके आता हूं"
"बस सूट पहनिए और आईटीसी गार्डेनिया आ जाइए, फिर आपके हवाले"
चारू ने इसके बाद अपने परिवार वालों से माज़रत मांगी - उनकी पत्नी की बहन और परिवार मुंबई से बेंगलुरु मिलने आया हुआ था - और उस समय सभी लंच कर रहे थे। चारू जल्दी से होटल गार्डेनिया पहुंचे, ये वही होटल था जहां दो दिवसीय आईपीएल नीलामी पिछले दो घंटे से रुकी हुई थी। प्रमुख ऑक्शनर ह्यू एडमिड्स का ब्लड प्रेशर लो होने की वजह से वह ज़मीन पर गिर पड़े थे और उन्हें अस्पताल भेजा गया था।
दर्शकों के बीच में लोकप्रिय चेहरे के तौर पर पहचान रखने वाले ब्रॉडकास्टर और कॉमेंटेटर एक ऑक्शनर भी हैं। लिहाज़ा इस काम के लिए वह बिल्कुल सटीक इंसान थे और इत्तिफ़ाक से सही स्थान पर भी वह मौजूद थे। इससे अच्छी बात ये है कि बेंगलुरु में वह जहां थे, वहां से होटल सिर्फ़ 10 मिनट की दूरी पर था। ये इसलिए शानदार था क्योंकि बेंगलुरु की सबसे बड़ी समस्या वहां का ट्रैफ़िक जाम ही है।
उस शनिवार तक चारू शर्मा किसी भी तरह से आईपीएल के साथ नहीं जुड़े हुए थे, यहां तक कि चारू टीवी पर भी नीलामी प्रक्रिया को फ़ॉलो नहीं कर रहे थे। बस वह इतना जानते थे कि आईपीएल मेगा ऑक्शन चल रहा है। अगर कोई और दिन होता तो शायद चारू शनिवार की दोपहर घर पर भी नहीं होते, क्योंकि उस दिन वह दिन भर गोल्फ़ कोर्स में रहते हैं।

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ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के साथ बातचीत में चारू शर्मा ने कहा, "क़रीब चार महीने पहले कुछ दोस्तों के साथ मैं देर रात बाहर निकला था, और तब मैं अपना कंधा चोटिल कर बैठा था। काफ़ी गंभीर चोट आई थी, जो अभी तक ठीक नहीं हुई है। लेकिन अगर मैं ठीक हो गया होता तो शायद मैं शनिवार की दोपहर गोल्फ़ कोर्स पर होता और वहां मेरा फ़ोन बैग में बंद रहता है, जिसे मैं देखता भी नहीं। लेकिन संयोग देखिए, उसी चोट के बहाने मैं घर पर था।"
चारू शर्मा के पास किसी तरह कोई एक्रेडिएशन भी नहीं था, वह उस होटेल में मौजूद बायो-बबल के सभी सदस्यों के लिए बाहरी थे।
हालांकि एक्रेडिएशन की समस्या कुछ ख़ास नहीं थी, "होटल पहुंचने के कुछ मिनट पहले मैंने ब्रिजेश को कॉल किया और उन्होंने किसी को मुझे लेने नीचे भेज दिया। वहां मैं दो या तीन मुख्य लोगों से मिला जिसमें बीसीसीआई के सीईओ हेमंग आमिन भी शामिल थे। ज़ाहिर तौर पर ब्रिजेश भी वहां पर थे।"
समय तेज़ी से निकला जा रहा था, और तभी उन्हें याद आया कि उन्होंने अपना ईयरपीस घर पर ही छोड़ दिया है। वह अपने एक पुराने टीवी प्रोड्यूसर मित्र से मुलाक़ात कर रहे थे तब उनको ईयरपीस के भूलने की बात याद आई। ईयरपीस के ही ज़रिए प्रोड्यूस एंकर के साथ किसी लाइव टीवी शो के दौरान बात करता है।
"मैं अपना ईयरपीस घर पर भूल गया था, क्योंकि मैं बहुत जल्दी में आया था। बिल्कुल मुझे वहां ईयरपीस मिल जाता, लेकिन ये भले ही छोटी सी चीज़ होती है पर काफ़ी अहमियत रखती है और मैंने अपना ईयरपीस अपने हिसाब से ही कस्टम करा रखा है। जब से मैं खेल की दुनिया में हूं, क़रीब 1994-95 से, तब से ही मैं अपना ईयरपीस अपने साथ रखता हूं। इसलिए मैंने तुरंत अपनी पत्नी को कॉल लगाया और उन्होंने कहा कि हमेशा कि तरह लगता है आप फिर कुछ भूल गए, है न? मैंने उन्हें बताया कि उसे मैंने कहां रखा और फिर अगले दस मिनट में मेरी पत्नी ने उसे होटल पहुंचवा दिया। होटल गार्डेनिया पहुंचने के 20 मिनट के अंदर मैं ऑक्शन रूम में था।"
"ऑक्शनर तो बस एक सूत्रधार होता है, जो कड़ियों को एक दूसरे से जोड़ता हुआ और साथ लेकर चलता है। ऑक्शनर को लोग कैसे देखते हैं, मैं ये नहीं जानता, लेकिन मुझे लगता है इसके कोई ख़ास स्किल सेट की ज़रूरत नहीं होती, बस ये ध्यान रखना होता है कि आप सिस्टम के हिसाब से कैसे सभी चीज़ों को साथ लेकर चल रहे हैं।"
चारू शर्मा
चारू की एंट्री बायो-बबल तोड़ने जैसी चीज़ तो थी, लेकिन अगर उल्लंघनों के प्रकार की बात करें तो ये शायद सबसे सुरक्षित था। चारू डबल ही नहीं बल्कि वैक्सीनेशन के तीनों डोज़ ले चुके थे, हाल ही में उन्होंने बूस्टर शॉट भी ले लिया था। पिछले ही हफ़्ते उनकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट भी निगेटिव थी।
"हालांकि इसके बाद भी आईपीएल संयोजको ने मेरा आरटी-पीसीआर कराया, जिसका नतीजा बाद में आया। लेकिन मैं बेफ़िक्र था, क्योंकि मैं किसी से जाकर मिल नहीं रहा था, सभी लोग तो ऑक्शन टेबल पर थे, और मुझे न तो किसी प्रकार का कोई सिम्पटम था। साथ ही साथ मैंने हाल ही में वैक्सीनेशन का तीसरा डोज़ भी लिया था और पुणे से बेंगलुरु आने से पहले मैंने आरटी-पीसीआर टेस्ट भी करा रखा था।"
चारू शर्मा को एक बुकलेट दी गई जिसमें सभी खिलाड़ियों की डिटेल थी और किस सेट में कौन हैं और कौन सा ग्रुप कब आएगा, ये सब विस्तार से लिखा था। इसके बाद भी आईपीएल संयोजक ने चारू से पूछा था कि अगर आपको और समय चाहिए तो भी कोई हर्ज नहीं। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
"मैं और समय नहीं लेना चाहता था, क्योंकि फ़ोकस सिर्फ़ खिलाड़ियों पर होना था, कौन किस टीम में जा रहा है और किस क़ीमत पर, अहम ये था। आप बहुत ज़्यादा सख़्त नहीं हो सकते, न ही मज़ाकिया, किसी भी चीज़ की ज़्यादती ख़राब है। आपको एक सीमा के अंदर ही रहना होता है।"
क्रिकेट और दूसरे खेलों के साथ जुड़े रहने के कारण वहां कई ऐसे लोग उपस्थित थे, जो चारू शर्मा को पहचान रहे थे। लेकिन जब वह ऑक्शन रूम में पहुंचे तो उनका ध्यान किसी पर नहीं था, उन्होंने अपना फ़ोकस सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने काम पर था। जब पहले दिन की नीलामी प्रक्रिया ख़त्म हुई, तो चारू को ये भी नहीं पता था कि अगले दिन उन्हें आना है या नहीं या फिर एडमिड्स अपनी ज़िम्मेदारी संभाल लेंगे।
"ये मैं नहीं जानता था, कल क्या होगा उसको लेकर मैं ज़रा भी नहीं सोच रहा था। आईपीएल संयोजकों ने कहा कि कल के बारे में हम भी नहीं जानते, एडमिड्स अब पहले से ठीक हैं लेकिन वह कल करेंगे या नहीं इसके बार में हम अभी नहीं बता सकते। हेमंग ने मुझसे कहा कि मैं अगली सुबह आपको 9 बजे कॉल करूंगा, और फिर वही हुआ अगली सुबह ब्रिजेश और हेमंग दोनों का ही फ़ोन आया। उन्होंने मुझसे कहा कि आप 11 बजे तक आ जाइए, ताकि हम दूसरे दिन के सत्र पर प्लान कर लें। दूसरा दिन ज़्यादा पेचीदा था, क्योंकि उस दिन कैटेगिरी ज़्यादा थी, जबकि पहले दिन बड़े नाम थे।"
"लिहाज़ा मैं उनके कहने अनुसार पहुंच गया, फिर उन्होंने सारी परिस्तिथियों से अवगत कराया, और कहा कि हमें लगता है कि आप ही शुरू करिए और जब एडमीड्स ठीक महसूस करें तो फिर हम उन्हें अंत में लाएंगे और आप उनके हवाले फिर कर दीजिएगा।"
आख़िरकार एडमीड्स वापस आए और दूसरे दिन का आख़िरी सत्र उन्होंने ही ख़त्म किया। इन दोनों ही शख़्सियतों का वहां मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर अभिवादन किया। जिस तरह से एडमीड्स गिरे थे वह बहुत डराने वाला था, और फिर जिस सहज अंदाज़ में चारू शर्मा ने नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, वह क़ाबिल-ए-तारीफ़ था। इस दौरान बस कुछ फ़्रेंचाइज़ी चारू के तरीक़े से थोड़ा चिड़चिड़े नज़र आए, उन्हें ऐसा लग रहा था कि शायद चारू शर्मा बिड को और पहले ख़त्म कर सकते थे।
"सच कहूं तो इसके लिए कोई टाइम सीमा नहीं होती, आपको अपने विवेक का इस्तेमाल करना होता है। और वह वहां उस समय किसी खिलाड़ी के ऊपर लग रही बोली के अनुसार लेना होता है। ये सही है कि आप जल्दी जल्दी भी आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन फिर आप ख़ुद सोचते हैं कि क्या ये सभी के लिए सही है ? और मैं वैसा ही सोच रहा था, हर फ़्रेंचाइज़ी चाहती है कि बिड जल्दी समाप्त हो, लेकिन मुझे तो निषपक्ष रहना है।"
तो चारू शर्मा के ऑक्शनर बनने के बाद आख़िरकार उनके घर में आईपीएल नीलामी टीवी पर देखी गई ?
चारू शर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा, ."हां, आख़िरकार ये हुआ।"

सौरभ सोमानी ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं, अनुवाद ESPN Cricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।