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मिलर की आतिशबाज़ी में देर है अंधेर नहीं

काफ़ी लंबे अरसे बाद डेविड मिलर के बल्ले से एक बेहतरीन पारी देखने को मिली है

मैच जिताऊ पारी के दौरान आतिशबाज़ी करते हुए डेविड मिलर  •  BCCI

मैच जिताऊ पारी के दौरान आतिशबाज़ी करते हुए डेविड मिलर  •  BCCI

पिछले छह आईपीएल सीज़न में 58 बल्लेबाज़ों ने 500 से अधिक गेंदों का सामना किया। इनमें डेविड मिलर स्ट्राइक रेट के मामले में 57वें स्थान पर हैं। 2020 में, जब वह राजस्थान रॉयल्स के साथ थे, स्टीवन स्मिथ, बेन स्टोक्स, जॉस बटलर और जोफ़्रा आर्चर की उपस्थिति की वजह से उन्हें पूरे सीज़न में सिर्फ एक मौक़ा मिला। अगले साल उन्होंने नौ मैच खेले लेकिन 109.73 की स्ट्राइक रेट से केवल 124 रन ही बना सके।
हालांकि रविवार को इसमें से कोई भी बात मायने नहीं रखती थी क्योंकि उन्होंने पुणे में चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ गुजरात टाइटंस को आखिरी ओवर में एक चमत्कारी जीत दिलाई।
टाइटंस उस पिच पर 170 रनों का पीछा कर रहे थे जहां गेंद रुक रही थी और टर्न भी हो रही थी। वह अपने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ (हार्दिक पंड्या) के बिना मैदान में उतरे थे, जिस वजह से उनकी बल्लेबाज़ी लाइन-अप कमज़ोर प्रतीत हो रही थी। और जब उनका दूसरा सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ (शुभमन गिल) पहली गेंद पर आउट हो गए, तो कुछ भी टाइटंस के पक्ष में नहीं दिखा।
जब मिलर अंदर आए, तब तक टाइटंस 16 रन पर अपने तीन विकेट खो चुके थे। आवश्यक रन रेट भी 9.50 के पार पहुंच गया था। और महेश थीक्षना अपनी रहस्यमयी स्पिन के साथ हर तरह के सवाल पूछ रहा थे। थीक्षना के अलावा, सुपर किंग्स के पास दो और विश्व स्तरीय स्पिनर थे: मोईन अली और खुद कप्तान रवींद्र जाडेजा।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि मिलर गेंद पर गति पसंद करते हैं। वह जानते थे कि अगर उन्होंने स्पिनरों पर हमला नहीं किया, तो वह अपने पूरे कोटे को समाप्त कर देंगे, जिसके बाद उन्हें सीमर्स का सामना करना होगा। इसलिए मिलर ने स्पिनर्स का सामना किया लेकिन साथ ही साथ अपने क्षेत्रों और क्षणों को भी चुना।
पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्होंने सीधी बाउंड्री लगाने का फ़ैसला किया। और जब भी उन्होंने एक बड़ा शॉट लगाने का प्रयास किया, उन्होंने अपना सब कुछ दे दिया। उदाहरण के लिए, जब थीक्षना पांचवें ओवर में गेंदबाज़ी पर आए, तब मिलर ने उनकी एक गेंद को इतनी ज़ोर से मारा कि भले ही वह गेंद गेंदबाज़ के सिर के ऊपर से चली गयी, लेकिन थीक्षना के पास उस पर हाथ लगाने का भी मौक़ा नहीं था।
चौथे ओवर में जल्दी आने का एक फ़ायदा यह था कि उनके पास अपेक्षाकृत कठिन गेंद के खिलाफ अपनी नज़रे जमाने का पर्याप्त समय था। दसवें ओवर तक वह 21 गेंदों में 27 रन बनाकर सेट हो गए। अगले ओवर में जाडेजा के ख़िलाफ़ शॉट को दोहराने से पहले उन्होंने मोइन की गेंद को लांग ऑन के ऊपर से अपने पहले छक्के के लिए लॉन्च किया। जाडेजा ने इसके बाद पैड्स पर फुलर फेंकी, जिसे उन्होंने डीप स्क्वेयर लेग पर स्लॉग-स्वीप कर दिया।
मैंच के बाद मिलर ने अपनी पारी पर बात करते हुए कहा, "मैं अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहा था और उन्हें बता रहा था कि मैं स्कोर करने के लिए ही मैदान में दाखिल हुआ हूं।" मिलर ने अपने पिछेल कुछ सीज़न के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा, "दुर्भाग्य से, पिछले चार से पांच वर्षों में, मैंने वास्तव में उतना आईपीएल क्रिकेट नहीं खेला जितना मैं चाहता था। टूर्नामेंट की प्रकृति यह है कि केवल चार विदेशी खिलाड़ी [एक एकादश में] ही खेल सकते हैं और अन्य विदेशी खिलाड़ी हमेशा चूकने वाले हैं। मैंने ख़ुद को बीच में पाया है।"
मिलर ने अपनी मौजूदा टीम गुजरात टाइटंस से मिल रहे अपार समर्थन पर बात करते हुए कहा, "गुजरात टाइटंस का हिस्सा बनना वास्तव में उत्साहजनक रहा है और मुझे पता है कि मुझे सौ फ़ीसदी समर्थन भी मिल रहा है। हमारे पास एक अच्छा वातावरण है, हम एक-दूसरे की सफलता का आनंद लेते हैं और मुझे लगता है कि यह अच्छा करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करता है। लेकिन अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि हर खेल खेलना वाकई अच्छा रहा है।"
केवल भविष्य ही बताएगा कि क्या मिलर इस फ़ॉर्म को टूर्नामेंट में गहराई तक ले जा सकते हैं? अभी के लिए, उन्होंने यह जता दिया है कि अगर गेंद उनके आर्क में आएगी, तो वह पार्क के बाहर ही जाएगी।

हेमंत बराड़ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में एडिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।