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जब बुमराह और रसल आए आमने-सामने

छोटी गेंदों पर जूझ रहे रसल को बिशप ने दी सलाह

सोमवार शाम जब 14 वें ओवर में आंद्रे रसल बल्लेबाज़ी के लिए आए तब कोलकाता नाइट राइडर्स ने तीन विकेट के नुकसान पर 124 रन बना लिए थे। रसल जल्द ही अपने काम पर लग गए और उन्होंने दूसरी ही गेंद पर मुरुगन अश्विन को छक्का जड़ दिया।
15वें ओवर में मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर जसप्रीत बुमराह को गेंद थमाई। उन्होंने अब तक इस पारी में एक ही ओवर डाला था, उनके कोटे के ओवर भी इसी पल के लिए बचाकर रखे गए थे।
बुमराह ने पहली गेंद पर इनस्विंग यॉर्कर डाला। अगली गेंद बाउंसर नहीं थी, लेकिन उसे ऑफ़ स्टंप से कोण बनाकर सीने की ऊंचाई पर फेंका गया था। इस गेंद पर न तो कट किया जा सकता था और न ही पुल। रसल को पर्याप्त रूम नहीं मिला था ताकि वह अपने हाथ खोल सकें। हालांकि रसल ने इसके बावजूद अपना बल्ला घुमाया और लांग ऑन पर पोलार्ड के हाथों लपके गए।
आईपीएल की नौ पारियों में यह चौथी बार था जब बुमराह ने रसल का विकेट लिया था। बुमराह की 44 गेंदों पर रसल ने 56 रन बनाए थे। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के विशेषज्ञ डैनियल वेटोरी बुमराह की रणनीति से खासे प्रभावित हुए। वेटोरी ने टी20 टाइम आउट शो पर कहा, "मुझे लगता है कि उस यॉर्कर से शुरुआत हो गई थी। लगभग दस ओवरों के बाद गेंदबाज़ी के लिए आना वह भी तब जब आपने अब तक सिर्फ़ एक ओवर की ही गेंदबाज़ी की हो। इसके बावजूद उस गति के साथ सटीक यॉर्कर ने रसल को चकित कर दिया। इसका मतलब था कि रसल उस ओवर में नियंत्रण में नहीं हैं। रसल को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि अगली गेंद कौन सी होगी? क्योंकि उन्होंने यॉर्कर डाला था इसके बाद वह हार्ड लेंथ पर चले गए। शायद वह बाउंसर डाल सकते थे लेकिन हार्ड लेंथ ही सबसे अच्छा विकल्प था और उन्होंने इस गेंद पर रसल को पवेलियन भी चलता कर दिया। इसके बाद बुमराह लगातार आगे बढ़ते चले गए।"
बुमराह ने अपने अंतिम तीन ओवर में महज़ पांच रन देकर पांच विकेट लिए। 4-1-10-5 का उनका गेंदबाज़ी फिगर टी20 क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बुमराह के आक्रमण पर वापस आने के बाद कोलकाता ने अपने आख़िरी छह ओवरों में 29 रन बनाए और इस दौरान उनके छह विकेट भी गिर गए।
रसल के आउट होने के तरीके पर उसी शो पर इयन बिशप ने बताया कि कितने लाजवाब ढंग से बुमराह ने शॉर्ट ऑफ़ द लेंथ गेंद का उपयोग किया। बिशप ने कहा, "यह कौशल है। हम एक बार लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के मुक़ाबले के बाद हुई चर्चा का रुख़ करते हैं। हम बाउंसर और छोटी गेंदों को खेलने में असहज महसूस कर रहे श्रेयस अय्यर पर बात कर रहे थे। ऐसे इसलिए होता है क्योंकि ऐसी गेंदों को आपको खेलने के लिए जाना होता है और अधिकतर बल्लेबाज़ सिर की ऊंचाई की गेंद खेलना नहीं चाहते। यह गेंदें सीने की ऊंचाई तक भी आ सकती हैं, जैसी गेंद का सामना रसल ने किया और टी20 की प्रकृति ही ऐसी है कि आपको खेलने के लिए जाना होगा। यह हार्ड लेंथ है जिससे बल्लेबाज़ असहज महसूस करते हैं।"
क्या रसल को बुमराह की गेंदों को सावधानीपूर्वक खेलकर मुंबई के अन्य गेंदबाज़ों पर धावा बोलना चाहिए था? बिशप ने इस सवाल के जवाब में क्रिस गेल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "मैं रसल की आलोचना नहीं करूंगा क्योंकि वह लखनऊ के ख़िलाफ़ भी छोटी गेंदों पर प्रहार करने गए थे, जिसका उन्होंने लाभ उठाया था। हालांकि में फिर भी गेल की मिसाल देना चाहूंगा जो कि शॉर्ट गेंदों के उतने अच्छे खिलाड़ी नहीं थे। इसके बावजूद वह कुछ ख़ास गेंदबाज़ों को सावधानी के साथ खेलते थे और बाक़ी गेंदबाज़ों पर आक्रमण के लिए जाते थे। मैं ऐसा ही कुछ रसल की बल्लेबाज़ी में भी देखना चाहता हूं।"
रसल को पावेलियन चलता करने के तीन गेंदों बाद ही बुमराह ने केकेआर के एक अन्य बल्लेबाज़ जो कि छोटी गेंदों पर असहज महसूस करते हैं, नितीश राणा को इशान किशन के हाथों आउट कर दिया। नितीश इस दुविधा में थे कि वो गेंद को खेलें या नहीं? और गेंद उनके दस्तानों को छू कर निकल गई। इसके बाद बुमराह ने अपना छोर बदलते हुए ट्रिपल विकेट मेडन ओवर डाला। इस ओवर में बुमराह ने शेल्डन जैक्सन, पैट कमिंस और सुनील नारायण को अपना शिकार बनाया।
बिशप ने कहा, "उन्होंने निश्चित तौर पर काफ़ी प्रभावित किया। दस ओवरों के बाद कोलकाता ने सिर्फ़ एक विकेट के नुकसान पर 87 रन बना लिए थे। इसके बाद पावरप्ले में एक ओवर डालने वाले बुमराह को बैकएंड में गेंदबाज़ी के लिए लाया गया। वह इस बात से परिचित थे कि अन्य गेंदबाज़ स्लोअर गेंद को ग्रिप नहीं कर पा रहे हैं, लिहाज़ा उन्होंने शॉर्ट गेंद करते हुए लंबी स्क्वेयर बाउंड्री का उपयोग करने की रणनीति बनाई, लेकिन राणा को की गई गेंद कुछ ज़्यादा स्पेशल थी। हम शॉर्ट गेंदों के विरुद्ध श्रेयस अय्यर और नितीश राणा की असहजता की बात कर चुके हैं। हालांकि रसल का छोटी गेंद पर आउट होना दिलचस्प ज़रूर था क्योंकि लखनऊ के ख़िलाफ़ उन्होंने छोटी गेंदों को स्टैंड्स में भी भेजा था, लेकिन हमने इस बारे में भी बात की थी वेस्टइंडीज़ का हर तेज़ गेंदबाज़ जो रसल के विरुद्ध खेलता है वह छोटी गेंदें ही डालने का प्रयास करता है और आज बुमराह की यह रणनीति काम आई।"
बुमराह ने अंतिम ओवर भी किया। रिंकू सिंह ने बेहतर ढंग से पारी का अंजाम करने के लिए खुद को स्ट्राइक पर रखा, लेकिन बुमराह की शॉर्ट गेंदों और यॉर्कर गेंदों के कॉकटेल ने सिर्फ़ एक रन ही दिया और कोलकाता को 165 रनों के स्कोर पर ही रोक दिया। कमिंस और कोलकाता के अन्य गेंदबाज़ों ने भी बुमराह के नक्शे कदम पर चलते हुए हार्ड लेंथ पर गेंदबाज़ी की। बुमराह के बेहतरीन प्रदर्शन को मुंबई की हार ने व्यर्थ कर दिया। हालांकि उन्हें इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया और ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो बहुमूल्य खिलाड़ी में वह 135.14 अंकों के साथ टॉप पर रहे। दूसरे पायदान पर मौजूद खिलाड़ी से क़रीब 53 अधिक अंकों के साथ।

देवरायन मुथु ESPNcricinfo में सब ए़डिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में एडिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।