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अनिल कुंबले : विराट कोहली स्पिनरों के विरुद्ध ज़्यादा आक्रामक हो सकते थे

वहीं टॉम मूडी को पहले 10 ओवरों में भारतीय टीम काफ़ी रक्षात्मक नज़र आई

KL Rahul walks off after being dismissed for 5 in the semi-final, England vs India, Men's T20 World Cup 2022, 2nd semi-final, Adelaide, November 10, 2022

भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों ने सेमीफ़ाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन किया  •  Getty Images

इंग्लैंड के विरुद्ध टी20 विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में मिली हार में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए छह विकेट के नुक़सान पर 168 रन का स्कोर खड़ा किया। इसमें सबसे बड़ा योगदान हार्दिक पंड्या का रहा जिन्होंने 33 गेंदों पर 63 रन बनाए। 10 ओवरों की समाप्ति पर भारत का स्कोर केवल 62 रन था।
ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के टी20 टाइम आउट कार्यक्रम पर टॉम मूडी ने कहा, "मुझे लगा कि यह पारी दो अलग-अलग भागों की थी। पहले भाग में भारत काफ़ी रक्षात्मक था और आक्रामक रवैया था ही नहीं। हम सभी जानते हैं कि एडिलेड में स्क्वेयर बाउंड्री छोटी है और हमने अंत में देखा कि पारी के अंत में लेग और ऑफ़ साइड पर चौके लगाना कितना आसान था। और अगर हार्दिक पंड्या की धमाकेदार पारी नहीं होती तो भारत 160 के पार नहीं बल्कि 150 तक ही पहुंचता।"
सलामी बल्लेबाज़ के एल राहुल ने पांच गेंदों पर पांच और रोहित शर्मा ने 28 गेंदों पर 27 रन बनाए। विराट कोहली को अर्धशतक बनाने में 40 गेंदें लगी तो वहीं इस विश्व कप में टीम के संकटमोचक रहे सूर्यकुमार यादव 14 रन बनाकर आउट हुए। इन चार बल्लेबाज़ों ने 83 गेंदों पर केवल 10 चौके और दो छक्के लगाए।
मूडी ने कहा, "आपको पहले 10 ओवरों को देखना होगा - जितनी डॉट गेंदें खेली गई, जितनी कम बाउंड्री लगाई गई, भारत पीछे मुड़कर इसे देखेगा और सोचेगा कि ग़लती हो गई।"
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बल्लेबाज़ विशेष गेंदबाज़ों पर हावी नहीं हुए जिससे लियम लिविंगस्टन और बेन स्टोक्स को किफ़ायती ओवर डालने का मौक़ा मिला।
इसी कार्यक्रम पर भारतीय टीम के पूर्व कोच अनिल कुंबले ने कहा कि विराट कोहली इंग्लैंड के स्पिनरों के विरुद्ध अधिक आक्रामक हो सकते थे।
कुंबले ने कहा, "आदिल रशीद को पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। वह गेंद को घुमा रहे थे और खेलना इतना आसान नहीं था। मार्क वुड की अनुपस्थिति में इंग्लैंड ने उम्मीद की होगी कि कोई और अपना हाथ खड़ा करेगा और इसमें लियम लिविंगस्टन के इतने ओवर डालने की उम्मीद कम ही रही होगी।"
उन्होंने आगे कहा, "इस दौर में आप विराट जैसे किसी से उम्मीद की होगी कि वह हावी होंगे। क्रीज़ पर रहने तक केवल सूर्या ने ऐसा किया, हार्दिक ने भी आकर अपना समय लिया। जब दो स्पिनर गेंदबाज़ी कर रहे थे तब मुझे कुछ और बाउंड्री की या लिविंगस्टन पर अधिक दबाव बनाते देखने की उम्मीद थी।"
बल्ले के साथ रोहित का संघर्ष इस मैच में भी बरक़रार रहा। पारी में चार चौके जड़ने के बावजूद उनका कुल स्ट्राइक रेट 100 से कम था।
इस विषय पर मूडी ने कहा, "वह इस टूर्नामेंट में शीर्ष क्रम में कई कप्तानें की तरह दिखे हैं, जिन्होंने अपने खेल में लय और टाइमिंग खोजने के लिए संघर्ष किया है। हमने केन विलियमसन के साथ, ऐरन फ़िंच के साथ, बाबर आज़म के साथ ऐसा होते देखा। वे अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें अपनी लय नहीं मिली है।"