मैच (8)
ज़िम्बाब्वे बनाम भारत (1)
इंग्लैंड बनाम साउथ अफ़्रीका (1)
द हंड्रेड (महिला) (1)
महाराजा टी20 (2)
द हंड्रेड (पुरुष) (1)
नीदरलैंड्स बनाम पाकिस्तान (1)
वेस्टइंडीज़ बनाम न्यूज़ीलैंड (1)
फ़ीचर्स

आत्मविश्वास से लबरेज हार्दिक तामोरे ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में की बढ़िया बल्लेबाज़ी

चोटिल विकेटकीपर आदित्ये तरे की जगह पर टीम में तामोरे को किया गया था शामिल

Hardik Tamore celebrates his hundred, Mumbai v Madhya Pradesh, Wankhede, 3rd day, February 14, 2020

शतक बनाने के बाद तमोरे  •  PTI

जस्ट क्रिकेट मैदान पर धूप भले ही रूक-रूक कर खिल रही थी लेकिन मुंबई की टीम में वापसी कर रहे विकेटकीपर बल्लेबाज़ हार्दिक तामोरे की बल्लेबाज़ी मैदान पर पूरी तरह से अपनी चमक बिखेर रही थी।
उत्तर प्रदेश और मुंबई के बीच चल रहे रणजी ट्रॉफ़ी सेमीफ़ाइनल मैच में तामोरे ने 115 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को 393 के स्कोर तक पहुंचने में मदद की। दूसरे दिन का खेल गीली पिच के कारण दो घंटे देरी से शुरू हुई। दूसरे दिन का खेल जैसे ही शुरू हुआ तामोरे और शम्स मुलानी के बीच एक बढ़िया शतकीय साझेदारी हुई। इसके बाद से मैच एक बार फिर से मुंबई के नियंत्रण में चला गया था। इसके बाद जब उत्तर प्रदेश की बल्लेबाज़ी आई तो मुंबई के गेंदबाज़ों ने सिर्फ़ 25 रन देकर दो जल्दी विकेट झटक लिए।
24 वर्षीय तामोरे बोईसर नामक शहर से हैं। यह मुंबई के पालघर जिले में है। तामोरे ने इस साल की शुरुआत में सीके नायडू अंडर -25 टूर्नामेंट में मुंबई का नेतृत्व किया था। इसके अलावा पहले भी उन्होंने अंडर -16, अंडर -19 और अंडर -23 टीमों की कप्तानी भी की है। सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए अहमदाबाद में उतरने से ठीक पहले तामोरे कोविड संक्रमित थे। हालांकि उस टूर्नामेंट में उन्होंने 35.55 के औसत से 391 रन बनाए थे जिसमें एक शतक और दो अर्द्धशतक शामिल थे।
हालांकि जब वह रणजी ट्रॉफ़ी खेलने आए तो उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल होने के लिए कुछ दिन इंतेज़ार करना पड़ा। इस मैच से पहले तामोरे ने सिर्फ़ चार प्रथम श्रेणी मैच खेले थे, जबकि तामोरे ने अपना डेब्यू एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ के तौर 2019-20 मे किया था।
इस साल अगर आदित्य तरे चोटिल नहीं होते तो शायद उन्हें खेलने का मौक़ा नहीं मिलता। हालांकि एक बात यह भी है कि जब तामोरे को मौक़ा मिला तो उन्होंने दोनों हाथों से इस मौक़े का स्वागत किया। . तामोरे ने दूसरे दिन के खेल के बाद कहा, "नॉकआउट से पहले, जब हम मुंबई में थे, उन्होंने (तारे) मुझसे कहा था 'तुम बस अपने शैली से खेलो। ज़्यादा मत सोचो। तुमने अंडर -25 के स्तर पर जो कुछ भी किया है वही करो।" .
तामोरे ने बिल्कुल वही किया। पहले दिन तामोरे ने 73 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया। उनकी पारी को देख कर ऐसा लग रहा था कि वह इसे एक बड़ी पारी में तब्दील करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी पारी के दौरान कई दमदार शॉट खेले, जिसमें पुल, कवर ड्राइव, हुक जैसे शॉट शामिल थे। जब भी उन्हें कमज़ोर गेंद मिली, उन्होंने उसका पूरा फ़ायदा उठाया।
उत्तर प्रदेश के गेंदबाज़ों ने उन्हें पहले दिन लंच के बाद पांचवे-छठे स्टंप पर लगातार गेंदबाज़ी करते हुए काफ़ी परेशान भी किया। मैदान पर बादल छाए हुए थे और गेंदबाज़ इसका लाभ लेकर गेंद को स्विंग कराने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि एक बार मैदान पर जब धूप खिल गई तो वह लय में आ गए और जम कर रन बटोरने लगे। तामोरे ने कहा "मैं इस मैच में अपनी बल्लेबाज़ी को लेकर काफ़ी आश्वस्त था। मैंने हाल ही में एक अंडर -25 टूर्नामेंट में खेला। मेरे सभी साथियों ने मुझे प्रोत्साहित किया, जिसमें सरफ़राज (ख़ान) और अमोल (मजूमदार, कोच) सर जैसे लोग शामिल थे। सर ने हमेशा मुझ पर विश्वास दिखाया है। मैं सिर्फ़ अपने और टीम लिए प्रदर्शन करना चाहता था। "
"मैं बस अपने मौके़ का इंतज़ार कर रहा था। मैंने कोई लक्ष्य नहीं रखा था कि मुझे इस मैच में इतने रन बनाना है। मेरी योजना सिर्फ़ अंत तक खेलने की थी। सुबह बादल छाए हुए थे और गेंद स्विंग कर रही थी। इसलिए अमोल सर ने मुझे जितना हो सके बस रुकने के लिए कहा छा। मैं कोई आकर्षक शॉट नहीं खेलना चाहता था, इसलिए मैंने अपने बुनियादी क्रिकेट शॉट्स पर भरोसा किया।"

श्रीनिधि रामानुजम ESPNcricinfo के सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर राजन राज ने किया है।