छह खिलाड़ी जो इस डब्ल्यूटीसी के दौरान कर सकते हैं डेब्यू
इसमें पांच बल्लेबाज़ और एक तेज़ गेंदबाज़ शामिल है
शशांक किशोर
23-Jun-2023
सरफ़राज़ ख़ान का प्रथम श्रेणी औसत सिर्फ़ सर डॉन ब्रैडमैन से कम है • PTI
सरफ़राज़ को इस धारणा को तोड़ना होगा कि वह 'क्रिकेट फ़िट' नहीं हैं। हालांकि पिछले तीन सालों से उन्होंने जिस तरह से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रन बनाए हैं, वे रन उनकी दावेदारी को मज़बूत करते हैं। कम से कम 50 पारी खेलने वालों में उनका प्रथम श्रेणी औसत सिर्फ़ सर डॉन ब्रैडमैन से कम है। हालांकि शॉर्ट गेंद सहित उनकी कुछ तकनीकी दिक्कतें भी हैं, जिस पर उनके कोच काम कर रहे हैं। उनकी उम्र अभी सिर्फ़ 25 साल है और वे इसे सुधार कर निश्चित रूप से टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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26 पारियों में जायसवाल का औसत 80.21 है। ठोस तकनीक के साथ-साथ उंनके पास आक्रमकता भी है, जो उन्होंने ना सिर्फ़ प्रथम श्रेणी मैचों बल्कि आईपीएल में भी दिखाया है। हाल ही में उन्होंने मध्य प्रदेश के ख़िलाफ़ ईरानी कप मैच में 213 और 144 रन की पारियां खेली थी, जो टूर्नामेंट के इतिहास में किसी बल्लेबाज़ द्वारा एक मैच में सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड है। जायसवाल ओपनिंग करने के साथ-साथ ज़रूरत पड़ने पर नंबर तीन पर भी बल्लेबाज़ी कर सकते हैं।
150 पारियों के बाद ईश्वरन का औसत 47.85 है•Bangladesh Cricket Board
भले ही ऋतुराज को हालिया समय में सफ़ेद गेंद क्रिकेट में अधिक सफलता मिली हो लेकिन लेंथ को जल्दी पकड़ने और देर से खेलने की क्षमता उन्हें टेस्ट क्रिकेट की प्रबल दावेदार बनाती है। 28 प्रथम श्रेणी पारियों में ऋतुराज का औसत 42.19 का है, लेकिन यह धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है। 2022-23 रणजी सीज़न के दौरान उन्होंने पहली बार 50 की औसत को पार किया था। इसके अलावा आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है।
तिलक एक पारंपरिक हैदराबादी बल्लेबाज़ हैं। चोट के कारण वह पिछले रणजी सीज़न में नहीं खेल पाए थे, लेकिन उनकी टेंपरामेंट और तकनीक उन्हें टेस्ट क्रिकेट का एक मुफ़ीद दावेदार बनाती है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका अनुभव कम है, लेकिन मिले मौक़ों पर उन्होंने अपनी क्षमता की झलक दिखाई है। न्यूज़ीलैंड ए के ख़िलाफ़ इंडिया ए के लिए लगाया गया उनका पहला प्रथम श्रेणी शतक उनकी इसी क्षमता को दिखाता है। जब वह क्रीज़ पर होते हैं, तो बल्लेबाज़ी काफ़ी सरल दिखती है।
ईश्वरन ने लगातार इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी तकनीक बेहतरीन है और वह चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सफल हो सकते हैं। 2013 में प्रथम श्रेणी डेब्यू करने वाले ईश्वरन पिछले तीन सालों से चयनकर्ताओं के रडार पर हैं। 150 प्रथम श्रेणी पारियों में उनके नाम 47.85 की औसत से 6556 रन है, जिनमें उनका सर्वश्रेष्ठ 233 रन है। जायसवाल की तरह वह भी ओपनिंग के साथ-साथ नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं। उनके पास आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट तो नहीं है लेकिन जब वह घरेलू क्रिकेट नहीं खेल रहे होते हैं तो वह इंग्लैंड या बांग्लादेश जाकर वहां क्लब क्रिकेट खेलते हैं।
मुकेश कुमार ने हालिया समय में चयनकर्ताओं का भरोसा जीता है•PTI
जॉश हेज़लवुड को अपना आदर्श मानने वाले बंगाल के तेज़ गेंदबाज़ मुकेश निरंतरता के साथ एक टप्पे पर गेंदबाज़ी करने के लिए जाने जाते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार है और पिछले दो साल से वह इंडिया ए में भी नियमित हैं।
39 प्रथम श्रेणी मैचों में उनके नाम 21.55 की औसत से 149 विकेट हैं। इंडिया ए के लिए उन्होंने 17.5 की शानदार औसत से 18 विकेट लिए हैं, जिसमें न्यूज़ीलैंड ए और बांग्लादेश ए के ख़िलाफ़ 5-विकेट हॉल भी शामिल है।
शशांक किशोर ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं