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कप्तान के रूप में मैं ख़ुद को खेल से अधिक जोड़ पाती हूं : हरमनप्रीत

भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम को फ़िटनेस और फ़ील्डिंग सुधारने की ज़रूरत है

The all-round heroics of Harmanpreet Kaur wasn't enough, India vs South Africa, Women's World Cup 2022, Christchurch, March 27, 2022

हरमनप्रीत ने मानसिक स्वास्थ्य कोच की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया  •  ICC via Getty Images

श्रीलंका के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ भारतीय महिलाओं के लिए नई शुरुआत है। मिताली राज के संन्यास के बाद यह भारत की पहली सीरीज़ है। टी20 सीरीज़ में 2-1 से जीत के बाद भारत वनडे सीरीज़ में भी जीत दर्ज करना चाहेगा।
हरमनप्रीत कौर अब सभी फ़ॉर्मेट की कप्तान हैं और वह इसको लेकर उत्साहित भी हैं।
वनडे सीरीज़ से पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा, "जब मैं टीम का नेतृत्व करती हूं तो मुझे लगता है कि मैं खेल से अधिक जुड़ी हूं। इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिलता है। कप्तानी मेरे अंदर नैसर्गिक है और जब आपका इसमें अनुभव बढ़ता जाता है तब आपके लिए चीज़ें और आसान होती जाती हैं। अब मेरे ऊपर कप्तानी का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होता है। अब मैं जो करना चाहती हूं, कर सकती हूं। मुक्त माहौल होने से खिलाड़ियों को भी अपना खेल सुधारने में मदद मिलती है। मैं उन्हें पूरी स्वतंत्रता देती हूं ताकि वे अपना सर्वश्रेष्ठ कर सकें।"
भारत को इस साल राष्ट्रमंडल खेल और अगले साल की शुरुआत में टी20 विश्व कप खेलना है। इसलिए हरमनप्रीत खिलाड़ियों की फ़िटनेस से कोई समझौता नहीं करना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, "एक कप्तान के रूप में मैं हमेशा कुछ लक्ष्य रखती हूं। फ़िटनेस इसमें सबसे प्रमुख है और मैं इस मामले में अपनी टीम के लिए एक उदाहरण बनना चाहती हूं। इसके अलावा मैं अपनी टीम की फ़ील्डिंग में भी सुधार देखना चाहती हूं।"
भारत के पास ऋषिकेश कानितकर के रूप में बल्लेबाज़ी कोच और रमेश पवार के रूप में मुख्य कोच हैं, जो गेंदबाज़ी कोच का भी काम देखते हैं। वहीं विश्व कप के लिए टीम के साथ मानसिक स्वास्थ्य कोच मुग्धा बावरे को भी जोड़ा गया था, जो अब टीम के साथ नहीं हैं। हालांकि हरमनप्रीत इसकी ज़रूरत महसूस करती हैं।
उन्होंने कहा, "मुग्धा मैम ने विश्व कप के दौरान मेरी बहुत मदद की थी। वह बहुत मेहनत करती हैं और टीम में उनके जैसे लोगों की ज़रूरत है। फ़िलहाल वह टीम के साथ नहीं हैं लेकिन उम्मीद है कि हमें कोई ऐसा मिल सकेगा जो हमारे साथ लंबे दौरों पर यात्रा कर सके। कभी-कभी आपको ऐसे लोगों की ज़रूरत होती है, जो आपकी छोटी समस्याओं को भी सुन सकें। अगर आप मानसिक रूप से फ़िट हैं तो आप अपना खेल सुधार सकते हैं और मैदान पर अपना 100% दे सकते हैं।"