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मैं और भी बड़े-बड़े छक्के मारने के लिए ख़ुद को तैयार कर रहा हूं : लियम लिविंगस्टन

"द बीस्ट" ने टी20 विश्वकप और अपने निकट भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर की बात

2021 में लगभग छः हफ़्तों के लिए विश्व क्रिकेट में सबकी नज़र लियम लिविंगस्टन पर टिकी हुई थी। इंग्लैंड टीम में कोविड संक्रमण के बाद जुलाई में ख़ुद को आइसोलेट करने वाले लिविंगस्टन ट्रेंट ब्रिज में अपने बाल सफ़ेद रंग करवाने के अलावा अपने छक्के मारने की क्षमता में नया जोश लेकर बल्लेबाज़ी करने उतरे।
वहां उन्होंने इंग्लैंड के लिए रिकॉर्ड 42 गेंदों पर शतक जड़ा और वहां से ऐसे फ़ॉर्म की शुरुआत हुई जो किसी सपने से कम न था। जुलाई के बीच और अगस्त के अंत तक इंग्लैंड, बिर्मिंघम फ़ीनिक्स और लैंकशर के लिए लिविंगस्टन ने 13 पारियों में 43 छक्के लगाए। हेडिंग्ली में हारिस रौफ़ के ख़िलाफ़ एक छक्का 122 मीटर का था। इस दौरान उनका औसत था 52 का और स्ट्राइक रेट 190 के ऊपर। कुछ ही दिनों में लिविंगस्टन इंग्लैंड के विश्व कप टीम में शून्य से शिखर तक पहुंच गए।
यूएई में राजस्थान रॉयल्स के टीम होटल से लिविंगस्टन ने कहा, "मैं बस एक लहर पर सवार था। मेरे लिए यह साल अच्छा रहा है लेकिन मैं और बेहतर कर सकता हूं। मैं और छक्के मारना चाहता हूं और गेंद को और दूर भेजना चाहता हूं।"
इस फ़ॉर्म का राज़ लिविंगस्टन ने इंग्लैंड के बैटिंग कोच मार्कस ट्रेसकौथिक और सहायक कोच पॉल कॉलिंगवुड से हुए एक बातचीत को बताया । दरअसल श्रीलंका के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ में टीम से बाहर रहते हुए लिविंगस्टन को अपने तकनीक में एक ग़लती दिखी। बड़े शॉट लगाने में ज़ोर उनके दाहिने कमर से आता है लेकिन ऐसे में बैटस्विंग के दौरान उनका बायां पैर कमज़ोर पड़ रहा था। लिविंगस्टन ने कहा, "उस अभ्यास में उन दोनों ने भी इस बात की पुष्टि की। फिर कोविड के चलते हम 10 दिन आइसोलेट हुए और फिर एक अभ्यास सत्र के बाद मैं सीधा पाकिस्तान सीरीज़ में चला गया। इस फ़ॉर्म का आग़ाज़ उस एक बात से हुआ था। यह समर मेरे लिए बहुत यादगार था लेकिन अब यह अतीत में है।"
लिविंगस्टन 'द हंड्रेड' के पहले साल में सर्वाधिक स्कोरर, सिक्स-हिटर और एमवीपी के रूप में प्रतियोगिता के नायक रहे। फ़ीनिक्स के आख़िरी ग्रुप मैच में उन्होंने 40 गेंदों पर नाबाद 92 ठोके तो कॉमेंट्री पर शेन वॉर्न न उन्हें 'द बीस्ट' का ख़िताब दिया। मज़े की बात है कि पूरे सत्र में उन्होंने राजस्थान के टीममेट रियान पराग का दिया हुआ बल्ला इस्तेमाल किया।
"2005 ऐशेज़ के बाद से ऐंड्र्यू फ़्लिंटौफ़ और वॉर्न मेरे हीरो थे। साथ ही मैं हमेशा केपी (केविन पीटरसन) की तरह बल्लेबाज़ी करना चाहता था। हंड्रेड में यह तीनों कॉमेंट्री पर मेरे बारे में बात कर रहे थे जो बड़ा अविश्वसनीय लगा। केपी के साथ मैंने एक सिक्स-हिटिंग मास्टरक्लास भी शूट किया जो सपने से कम नहीं था। उस टूर्नामेंट में आख़िरी दो मैचों में शायद मैंने अपने करियर की सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ी की। साथ ही जब बच्चे आकर मुझसे कहते कि वह मेरी तरह बल्लेबाज़ी करना चाहते हैं तो मैं बहुत ख़ुश होता था।मेरे लिए खेलने की सबसे प्रेरणा है लोगों का मनोरंजन करना।"
लियम लिविंगस्टन, बल्लेबाज़, इंग्लैंड
लिविंगस्टन का उभरना इंग्लैंड के लिए ख़ासा महत्त्व रखता है। अपनी बल्लेबाज़ी के अलावा वह एक उपयोगी गेंदबाज़ हैं जो परिस्थितियों के अनुसार ऑफ़स्पिन और लेगस्पिन दोनों करते हैं। बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति में लिविंगस्टन जैसा खिलाड़ी यूएई में होने वाले विश्व कप में टीम को अच्छा संतुलन प्रदान कर सकता है। इसी मुक़ाम की तैयारी में उन्होंने पिछले दो सालों में दुनिया भर के टी20 लीगों में हिस्सा लिया है। नवंबर 2019 और मार्च 2020 के बीच एमएसएल (साउथ अफ़्रीका), बीबीएल (ऑस्ट्रेलिया) और पीएसएल (पाकिस्तान) में खेलते हुए लिविंगस्टन ने विश्व भर में सर्वाधिक टी20 मैच खेले। उन्होंने कहा, "आपको घर से दूर जाकर खेलने में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। विदेशी लीग में ओवरसीज़ खिलाड़ी होने का दबाव ही कुछ और है।"
इस संदर्भ में राजस्थान के लिए लिविंगस्टन का फ़ॉर्म साधारण रहा है। पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ 17 गेंदों पर 25 में अर्शदीप सिंह को उन्होंने एक 97-मीटर लंबे छक्के के लिए ज़रूर मारा लेकिन उसके बाद उनके बल्ले से 18 गेंदों पर केवल 11 रन निकले और चेन्नई सूपर किंग्स के ख़िलाफ़ उन्हें ड्रॉप किया गया। उनका कहना है, "मैंने अपने प्रक्रिया में कुछ नहीं बदला है। दरअसल यहां हर मैदान में पिच अलग है और धीमी विकेट पर बड़े शॉट लगाना उतना आसान नहीं। विश्व कप में हम सब के लिए यही सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।"
साथ ही बबल में रहने की थकान ने भी उन्हें और कई और खिलाड़ियों को परेशान किया है। लिविंगस्टन आईपीएल के पहले चरण से घर लौट गए थे और इस साल का बिग बैश भी छोड़कर क्रिसमस अपने परिवार के साथ ही बिताएंगे। लेकिन उनकी नज़र इस बात पर टिकी है कि इंग्लैंड की पुरुष टीम एक साथ 50-ओवर और 20-ओवर के विश्व कप ट्रॉफ़ी पर हक़ ज़माने वाली पहली टीम बन जाए।
उन्होंने कहा, "हमारे टीम में अच्छे खिलाड़ियों का मिश्रण है और संतुलन भी बढ़िया है। हम पिचों को पढ़ चुके होंगे और आख़िरकार ट्रॉफ़ी सबसे स्मार्ट क्रिकेट खेलने वाली टीम के हाथ ही दिखेगी। अपने देश के लिए खेलना गर्व की बात तो है ही लेकिन विश्व कप का हिस्सा होने शायद सबसे ख़ास है। मैं इस समर से काफ़ी आत्मविश्वास ले रहा हूं और अब बस यही सोच है मन में कि इंग्लैंड को विश्व कप जिताने में मैं क्या कुछ नहीं कर सकता हूं।"

मैट रोलर (@mroller98) ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सीनियर असिस्टेंट एडिटर और स्थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।